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Hisar News: पार्कों, सरकारी व निजी भवनों की दीवारें बनी प्रचार का माध्यम

Tue, 10 Jun 2025 12:37 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, हिसार
संवाद न्यूज एजेंसी, हिसार Updated Tue, 10 Jun 2025 12:37 AM IST
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Walls of parks, government and private buildings become a medium of publicity
हांसी डडल पार्क की दीवार पर लगे हुए एक निजी स्कूल के पोस्टर। 
हांसी। शहर में पार्कों की दीवारें, सरकारी व निजी भवनों की दीवारें, बिजली के खंभे प्रचार का माध्यम बन गए हैं। हालत यह है कि एक के ऊपर एक कई तरह के पोस्टर व बैनर लगे दिखेंगे। यह प्रचार का गलत तरीका शहर की सुंदरता बिगाड़ रहा है।
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हालांकि विधायक विनोद भयाना कई बार कह चुके हैं कि शहर को सुंदर बनाने का प्रयास कर रहे हैं। एक तरफ सुंदर बनाने के लिए करोड़ों रुपये खर्च किए जा रहे हैं, दूसरी तरफ अवैध पोस्टर व बैनर शहर की सुंदरता को बिगाड़ रहे हैं। हालत यह है कि शहर में एक भी सरकारी भवन की दीवार ऐसी नहीं है जिस पर कोई पोस्टर न लगा हो। यहां तक कि स्कूलों की दीवारों पर भी पोस्टर, बैनर लगा दिए जाते हैं। निजी भवनों को भी नहीं बख्शा जाता। शहर को पॉश इलाका कहे जाना वाले सेक्टर छह, मॉडल टाउन, बैंक कॉलोनी में भी यही हाल है। घरों, पार्कों की दीवारों के बाहर कोई न कोई पोस्टर, बैनर लगा मिल जाएगा। या फिर दीवारों पर वॉल पेंटिंग से कुछ लिखा हुआ मिलेगा। इसमें ज्यादातर पोस्टर, बैनर निजी स्कूलों, कोचिंग सेंटर, निजी कंपनियों उत्पादों के प्रचार के होते हैं। घर के बाहर पोस्टर चिपकने के बाद उसे पूरी तरह से हटाना भी मुश्किल हो जाता है। ऐसे में लाखों रुपये लगाकर बनाए गए भवनों की शोभा अवैध पोस्टर बिगाड़ देते हैं।
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अवैध पोस्टर बैनर लगने से शहर की सुंदरता खराब होती है। प्रचार करने वाले मनमर्जी से कहीं पर भी पोस्टर, बैनर लगा देते हैं। अगर उसको उतारा जाए तो दीवार भी खराब हो जाती है। यह गलत है, इस पर कार्रवाई की जानी चाहिए।- विपिन हिंदुस्तानी, कैफे संचालक
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मेरी दुकान के बाहर कई बार पोस्टर लगे होते हैं, ज्यादातर रात के समय ऐसा किया जाता है। सरकारी भवनों का भी यह हाल है, जहां चले जाओ पोस्टर, बैनर जरूर लगे हुए मिलेंगे। इस पर रोक लगनी चाहिए और प्रचार के लिए जगह निर्धारित होनी चाहिए। - सुमित परुथी, रूप नगर कॉलोनी निवासी


अपने प्रचार के लिए शहर की सुंदरता बिगाड़ना तो गलत है। डिजिटल युग में तो प्रचार का तरीका बेहद आसान हो चुका है। फिर भी लोग पोस्टर चिपकाने से बाज नहीं आते। चुनाव हो, शिविर हो या फिर अन्य कोई कार्यक्रम, पोस्टर बैनर लगाए जाते हैं। साफ दीवारों को पोस्टरों, बैनर से भर दिया जाता है। मैं कई वर्षों से इस पर कार्रवाई की मांग कर रहा हूं।- अमित जैन उर्फ भप्पी, सामाजिक कार्यकर्ता


एसडीएम ने कहा मामले में जांच करेंगे
अमर उजाला में सोमवार को यूनिपोल को लेकर खबर प्रकाशित की गई थी, जिसके माध्यम से बताया गया था कि शहर में यूनिपोल पर मर्जी से अवैध होर्डिंग लगाए जा रहे हैं। अगर कोई व्यक्ति इस पर यूनिपोल लगा दे तो एक निजी कंपनी का मालिक खुद को यूनिपोल का ठेकेदार बताकर उन्हें धमकाता है और होर्डिंग फाड़ देते हैं। यूनिपोल के अवैध होर्डिंग के खेल को लेकर एसडीएम राजेश खोथ कहा है कि मामले में जांच करवाई जाएगी। जो भी व्यक्ति इसमें संलिप्त मिलेंगे उस पर कार्रवाई करेंगे।
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