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Hisar News: नागरिक अस्पताल में खत्म हुई विस्को दवा, 18 मरीजों के आंखों के ऑपरेशन टले
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नागरिक अस्पताल में अस्पताल में ऑपरेशन कराने आए मरीज, अपना पर्चा दिखाते हुए। स्रोत : वीडियोग्रैब
हिसार। जिला नागरिक अस्पताल में विस्को दवा नहीं होने के कारण बुधवार को करीब 18 मरीजों के आंखों के ऑपरेशन टाल दिए गए। इस वजह से मरीजों को निराश होकर अपने घर लौटना पड़ा। ऑपरेशन के लिए आए मरीजों ने अस्पताल प्रशासन की लापरवाही को लेकर आक्रोश व्यक्त किया और कहा कि अगर दवा समय पर उपलब्ध नहीं कराई जाएगी तो इलाज कैसे होगा?
अस्पताल प्रबंधन ने मरीजों को सोमवार को फिर से बुलाया और कहा कि दवा आने पर ही ऑपरेशन होगा। जिला नागरिक अस्पताल में प्रतिदिन 200 से 250 मरीज आंखों की जांच के लिए आते हैं, जिनमें से कई बुजुर्ग मोतियाबिंद जैसी आंखों की बीमारियों से पीड़ित होते हैं। बुधवार को जिन 18 मरीजों का ऑपरेशन तय था, उन्हें ऑपरेशन थिएटर के बाहर आकर बताया गया कि विस्को दवा नहीं है, इसलिए सर्जरी नहीं हो सकती। मरीजों का कहना है कि उन्होंने कई दिनों तक अस्पताल के चक्कर काटे थे, लेकिन फिर भी ऑपरेशन नहीं हो पाया।
पत्नी शांति का ऑपरेशन कराने आए अमर सिंह और प्रेम सिंह के साथ उनके भाई सुरेश ने बताया कि वे ऑपरेशन की पूरी तैयारी करके आए थे। वे कई से अस्पताल के चक्कर काट रहे हैं। इसके बाद डॉक्टरों ने उन्हें बुधवार को ऑपरेशन के लिए बुलाया था। डॉक्टरों ने अब सोमवार की तारीख दी है और कहा है कि दवा आई तो ऑपरेशन होगा, नहीं तो फिर अगली तारीख दी जाएगी।
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छह दिन से दवा की कमी
मरीजों ने बताया कि अस्पताल में पिछले छह दिन से विस्को दवा नहीं है, जिसके कारण ऑपरेशन नहीं हो रहे हैं। कई बार डॉक्टरों ने अपने खर्चे पर दवा मंगाई है, लेकिन अब दवाओं की आपूर्ति पर सवाल खड़े हो रहे हैं। यदि नई खेप समय पर नहीं आई तो और ऑपरेशन प्रभावित हो सकते हैं।
स्वास्थ्य मंत्री से मदद की उम्मीद
मरीजों ने कहा कि वे आर्थिक रूप से कमजोर हैं और निजी अस्पतालों में इलाज कराने की स्थिति में नहीं हैं। बार-बार अस्पताल आने और जाने में उन्हें अतिरिक्त खर्च उठाना पड़ रहा है। उनका कहना है कि उनकी आवाज प्रदेश के स्वास्थ्य मंत्री तक पहुंचनी चाहिए ताकि सरकारी अस्पतालों में दवाओं की कमी न हो और मरीजों को बिना इलाज के भटकना न पड़े।
क्या होती है विस्को दवा
नेत्र विशेषज्ञ गुलशन ने बताया कि आंख की सर्जरी, विशेष रूप से मोतियाबिंद की सर्जरी में इस्तेमाल होने वाली विस्को दवा को तकनीकी भाषा में विस्कोइलास्टिक पदार्थ कहा जाता है। यह एक पारदर्शी, गाढ़ा जेल होता है जो आंख के नाजुक ऊतकों की रक्षा करता है और सर्जरी के दौरान आंख की संरचना को बनाए रखता है।
कितनी है कीमत
विस्को जेल की कीमत कंपनी के हिसाब से अलग-अलग कीमत पर उपलब्ध है। जो 95 रुपये से शुरू होकर 18 हजार तक है।
कई मरीजों की सर्जरी न होने का मामला संज्ञान में आया है। कुछ दवाएं अस्पताल को नहीं मिल पाई है। जिसके लिए पत्र लिखा गया है। इस हफ्ते तक अस्पताल में दवा उपलब्ध करा दी जाएगी। जिसके बाद मरीजों को किसी तरह की परेशानी नहीं होगी और उनकी सर्जरी कराई जाएगी। अस्पताल प्रशासन की ओर से मरीजों का पूरा ध्यान रखा जाता है और हर महीने 200 से ज्यादा सर्जरी की जाती है।
- डॉ. प्रभू दयाल, कार्यकारी पीएमओ, जिला नागरिक अस्पताल।
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अस्पताल प्रबंधन ने मरीजों को सोमवार को फिर से बुलाया और कहा कि दवा आने पर ही ऑपरेशन होगा। जिला नागरिक अस्पताल में प्रतिदिन 200 से 250 मरीज आंखों की जांच के लिए आते हैं, जिनमें से कई बुजुर्ग मोतियाबिंद जैसी आंखों की बीमारियों से पीड़ित होते हैं। बुधवार को जिन 18 मरीजों का ऑपरेशन तय था, उन्हें ऑपरेशन थिएटर के बाहर आकर बताया गया कि विस्को दवा नहीं है, इसलिए सर्जरी नहीं हो सकती। मरीजों का कहना है कि उन्होंने कई दिनों तक अस्पताल के चक्कर काटे थे, लेकिन फिर भी ऑपरेशन नहीं हो पाया।
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पत्नी शांति का ऑपरेशन कराने आए अमर सिंह और प्रेम सिंह के साथ उनके भाई सुरेश ने बताया कि वे ऑपरेशन की पूरी तैयारी करके आए थे। वे कई से अस्पताल के चक्कर काट रहे हैं। इसके बाद डॉक्टरों ने उन्हें बुधवार को ऑपरेशन के लिए बुलाया था। डॉक्टरों ने अब सोमवार की तारीख दी है और कहा है कि दवा आई तो ऑपरेशन होगा, नहीं तो फिर अगली तारीख दी जाएगी।
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छह दिन से दवा की कमी
मरीजों ने बताया कि अस्पताल में पिछले छह दिन से विस्को दवा नहीं है, जिसके कारण ऑपरेशन नहीं हो रहे हैं। कई बार डॉक्टरों ने अपने खर्चे पर दवा मंगाई है, लेकिन अब दवाओं की आपूर्ति पर सवाल खड़े हो रहे हैं। यदि नई खेप समय पर नहीं आई तो और ऑपरेशन प्रभावित हो सकते हैं।
स्वास्थ्य मंत्री से मदद की उम्मीद
मरीजों ने कहा कि वे आर्थिक रूप से कमजोर हैं और निजी अस्पतालों में इलाज कराने की स्थिति में नहीं हैं। बार-बार अस्पताल आने और जाने में उन्हें अतिरिक्त खर्च उठाना पड़ रहा है। उनका कहना है कि उनकी आवाज प्रदेश के स्वास्थ्य मंत्री तक पहुंचनी चाहिए ताकि सरकारी अस्पतालों में दवाओं की कमी न हो और मरीजों को बिना इलाज के भटकना न पड़े।
क्या होती है विस्को दवा
नेत्र विशेषज्ञ गुलशन ने बताया कि आंख की सर्जरी, विशेष रूप से मोतियाबिंद की सर्जरी में इस्तेमाल होने वाली विस्को दवा को तकनीकी भाषा में विस्कोइलास्टिक पदार्थ कहा जाता है। यह एक पारदर्शी, गाढ़ा जेल होता है जो आंख के नाजुक ऊतकों की रक्षा करता है और सर्जरी के दौरान आंख की संरचना को बनाए रखता है।
कितनी है कीमत
विस्को जेल की कीमत कंपनी के हिसाब से अलग-अलग कीमत पर उपलब्ध है। जो 95 रुपये से शुरू होकर 18 हजार तक है।
कई मरीजों की सर्जरी न होने का मामला संज्ञान में आया है। कुछ दवाएं अस्पताल को नहीं मिल पाई है। जिसके लिए पत्र लिखा गया है। इस हफ्ते तक अस्पताल में दवा उपलब्ध करा दी जाएगी। जिसके बाद मरीजों को किसी तरह की परेशानी नहीं होगी और उनकी सर्जरी कराई जाएगी। अस्पताल प्रशासन की ओर से मरीजों का पूरा ध्यान रखा जाता है और हर महीने 200 से ज्यादा सर्जरी की जाती है।
- डॉ. प्रभू दयाल, कार्यकारी पीएमओ, जिला नागरिक अस्पताल।