भजनलाल के गढ़ में मनोहरलाल का मास्टरस्ट्रोक
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पूर्व सीएम चौधरी भजनलाल का गढ़ कहे जाने वाले आदमपुर विधानसभा में आयोजित बीजेपी की विकास रैली में सीएम मनोहरलाल खट्टर मास्टर स्ट्रोक खेल गए। अनाजमंडी में आयोजित इस रैली में बीजेपी व आयोजनकर्ता और इस विधानसभा सीट ने उम्मीदवार रहे कर्णसिंह राणोलिया को उम्मीद नहीं थी कि यहां इतने लोग जुट जाएंगे। आयोजनकर्ताओं को महज 1500 से 2 हजार लोगों की भीड़ जुटने की उम्मीद थी। भीड़ को दिखाने के इस हिसाब से ही तैयारियां की थी। मगर उम्मीद से ज्यादा करीब 5 हजार से अधिक लोगों की भीड़ जुट गई। भीड़ बेकाबू होते देख रैली स्थल के दोनों तरफ लगे पर्दे हटाने पड़े। इसके बावजूद जगह नहीं मिलने पर लोग शेड के पोल और बसों व वाहनों की छत पर चढ़ गए। मंच के नजदीक आने के लिए आदमपुर की जनता बेताब थी। सीएम मनोहरलाल खट्टर व वित्तमंत्री ने भी वहां कोई चूक नहीं की। तुरंत पासा फेंक दिया। खुद सीएम व वित्त मंत्री ने खड़े होकर युवाओं अथवा भीड़ को मंच के नजदीक आने का इशारा कर दिया। खुद सीएम ने कहा आदमपुर आकर लगता है कि भाजपा विधायक के इलाके में आया हूं, उम्मीद है आगे यहां कमल खिलेगा। इतनी भीड़ ये सबूत है कि हमारी सरकार सेवा का काम ठीक कर रही है।
सबसे कमजोर प्रदर्शन रहा था इस सीट पर
बीजेपी का सबसे कमजोर प्रदर्शन इस विधानसभा सीट पर रहा था, जिसका कारण नया चेहरा चुुनाव में उतराना व आदमपुर से बाहर के व्यक्ति को उम्मीदवार बनाना था। क्योंकि करणसिंह राणोलिया हिसार शहर में रहते हैं। इस सीट पर बीजेपी को करीब 7 हजार के आसपास वोट मिले थे। हर बार भजनलाल परिवार के सामने खड़े होने वाले उम्मीदवार को 50 से 80 हजार के बीच वोटों से हार मिलती रही है। हालांकि विधानसभा चुुनाव 2014 में भजनलाल के बेटे कुलदीप के सामने चुनाव लड़ रहे इनेलो प्रत्याशी के वोटों का फासला काफी कम था।
1966 से आज तक भजनलाल परिवार का रहा है कब्जा
इस सीट पर हरियाणा गठन के बाद से आज तक भजनलाल परिवार का कब्जा रहा है। यहां भजनलाल व उनके परिवार के लोग खुद यहां से चुनाव जीते हैं या फिर उनके द्वारा खड़ा किया गया प्रत्याशी। बीजेपी की रैली में उम्मीद से अधिक भीड़ जुटने पर भाजपाइयों की बांछें खिल गई हैं। पार्टी के बड़े नेता इस सीट पर अधिक गंभीरता दिखा सकते हैं।
उपमंडल की मांग रही अधूरी
भाजपा की विकास रैली में लोगों को मंडी आदमपुर को उपमंडल बनाने की घोषणा होने की काफी उम्मीद थी। हालांकि सीएम ने विकास रैली में 180 करोड़ रुपये की सौगात दे दी है। मगर उपमंडल की घोषणा नहीं करने से विरोधियों को आलोचना करने का हथियार सौंप दिया है। विधायक कुलदीप बिश्नोई ने इसको लेकर तंज भी किया है और आदमपुर से भेदभाव का आरोप लगाया है। रैली में उमड़ी भीड़ के बाद सीएम खासे उत्साहित नजर आए। राजनीति के जानकार अब संभावना जता रहे हैं कि भाजपा उपमंडल की घोषणा खास मौके पर कर सकती है। भाजपा चुुनाव के दौरान या कुछ समय पहले घोषणा कर इस मुद्दे को भुनाने की कोशिश करेगी।