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Haryana: जिंदल परिवार और भाजपा का राजनीतिक भविष्य को तय करेगी हिसार में हार-जीत, पढ़ें ग्राउंड रिपोर्ट

Sun, 25 Aug 2024 11:23 AM IST
नवीन दलाल माई सिटी रिपोर्टर, हिसार (हरियाणा)
माई सिटी रिपोर्टर, हिसार (हरियाणा) Published by: नवीन दलाल Updated Sun, 25 Aug 2024 11:23 AM IST
सार

हिसार सीट से 9 बार जीत चुकी कांग्रेस खोई जमीन को हासिल करने के लिए पूरी ताकत लगाएगी। हिसार से डॉ. कमल गुप्ता के अलावा सावित्री जिंदल, पूर्व मेयर गौतम सरदाना और तरूण जैन टिकट के प्रबल दावेदरा हैं।

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Victory or defeat in Hisar will decide political future of Jindal family and BJP, read the ground report
सावित्री जिंदल - फोटो : संवाद

विस्तार

जिंदल परिवार को भाजपा में शामिल करने के बाद इस बार हिसार सीट पर हार-जीत राजनीतिक रूप से कद्दावर इस परिवार और भाजपा का राजनीतिक भविष्य को तय करेगी। हिसार विधानसभा सीट से पांच बार जीत चुका जिंदल परिवार और दो बार से विधायक डॉ. कमल गुप्ता के लिए इस बार भाजपा को जीत दिलाना सबसे बड़ी चुनौती है। वर्ष 2019 के चुनाव में हिसार एयरपोर्ट सबसे बड़ा मुद्दा था।

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चुनाव आचार संहिता लागू होने से महज कुछ दिन पहले ही हिसार एयरपोर्ट से छोटे हवाई जहाज की ट्रायल उड़ान शुरू की गई। डॉ. कमल गुप्ता ने पिछले चुनाव में हिसार एयरपोर्ट को पूरी तरह से विकसित करने की घोषणा थी, लेकिन अब तक मुकाम तक नहीं पहुंची। नए बस अड्डे, इंटरनेशनल क्रिकेट स्टेडियम की घोषणा पर भी कुछ नहीं हुआ। पार्किंग स्थल बनाना, कचरे का निस्तारण, यातायात सुचारू करने के लिए नई सड़कों का निर्माण, शहर को फाटक मुक्त बनाने के काम भी पूरे नहीं हो सके। बेसहारा पशु, सीवरेज की समस्या ज्यों की त्यों है।
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ये सब मुद्दे जनता की जुबां पर हैं और इनके समाधान के लिए अक्सर प्रदर्शन करते रहे हैं। ऐसे में इस सीट से 9 बार जीत चुकी कांग्रेस खोई जमीन को हासिल करने के लिए पूरी ताकत लगाएगी। हिसार से डॉ. कमल गुप्ता के अलावा सावित्री जिंदल, पूर्व मेयर गौतम सरदाना और तरूण जैन टिकट के प्रबल दावेदरा हैं। कांग्रेस से रामनिवास राड़ा, बजरंग गर्ग, अशोक मंगालीवाला, हनुमान ऐरन का नाम सबसे ऊपर है। आम आदमी पार्टी भी किसी अग्रवाल को मैदान में उतार सकती है। जजपा तथा इनेलो से अभी कोई नामचीन चेहरा सामने नहीं है।

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यह रहेंगे मुद्दे

सीवरेज, नया बस अड्डा, बेसहारा गाेवंश, यातायात जाम, पशु डेयरी शिफ्ट कराना, स्वच्छ पेयजल के अलावा प्राॅपर्टी आईडी, फैमिली आईडी चुनावी मुद्दे रहेंगे।

ये रही उपलब्धियां
हिसार से निकलने वाले रोड फोरलेन हुए हैं। वाशिंग यार्ड, अंडरपास, आरयूबी का निर्माण भी हुआ। लुवास के नए कैंपस का पहला चरण बनकर तैयार हो चुका है। शहर में 50 बस क्यू शेल्टर बनाए जा रहे हैं।

राजनीति और व्यापार में अगुवाई वाला शहर

चौधरी भजनलाल के समय करीब 13 साल तक हिसार को सीएम सिटी का गौरव मिला। पिछले दो दशक से शहर विधायक को मंत्रिमंडल में हिस्सेदारी मिली है। स्टील नगरी के तौर पर पहचान रखने वाला हिसार व्यापारियों का शहर माना जाता है। शहर के साथ लगता अग्रोहा अग्रवाल समाज का सबसे बड़ा धाम है। हर साल देश भर से हजारों श्रद्धालु यहां पहुंचते है। खासतौर पर शरद पूर्णिमा के अवसर पर लगने वाले मेले में सबसे ज्यादा भीड़ उमड़ती है।

अग्रवाल समाज का हिसार के बड़े हिस्से पर प्रभाव है। अधिकतर बड़े उद्योग अग्रवाल समाज के लोगों ने स्थापित किए हैं। यहां तैयार होने वाला स्टील 22 देशों में पहुंचता है। हिसार के बटन तथा कॉटन का भी 17 देशाें में निर्यात हो रहा है। कारोबार में अग्रवाल समाज के साथ-साथ पंजाबी तथा बनिया समाज का भी हिस्सा है। छोटे कारोबार में पंजाबी, अनाज मंडी-सब्जी मंडी में सैनी समाज भी बराबर का हिस्सेदार है। कारोबार में बड़ी भागीदारी रखने वाली तीनों जातियों में राजनीतिक जंग भी रहती है। अब तक इन जाति के विधायक ही जीतते रहे हैं। दूसरे नंबर पर भी इन तीनों के बीच ही टक्कर रहती है। ऐस में सभी प्रमुख दल इन तीन जातियों के उम्मीदवारों को ही टिकट देना पहली प्राथमिकता रखते हैं।

हिसार विधानसभा सीट का जातीय समीकरण

कुल मतदाता 180088
22760 बनिया
22500 पंजाबी
18500 सैनी
18000 जाट
10300 ब्राह्मण
5430 बिश्नोई
3150 राजपूत
(पार्टियों के अनुमानित आंकड़े)

वर्ग वार मतदाता
83600 सामान्य जाति
33300 अनुसूचित जाति
62500 पिछड़ा वर्ग से

अब तक कौन रहा विधायक

वर्ष विधायक पार्टी
1952 बलवंत तायल कांग्रेस
1957 बलवंत तायल कांग्रेस
1962 लाला हुन्नामल सोशलिस्ट
1967 स्नेहलता कांग्रेस
1968 बलवंत तायल भारतीय क्रांति दल
1972 गुलाब सिंह जैन कांग्रेस
1977 बलवंत तायल जनता पार्टी
1982 ओमप्रकाश महाजन निर्दलीय
1987 हरि सिंह सैनी लोकदल
1991 ओपी जिंदल हविपा
1996 ओमप्रकाश महाजन निर्दलीय
2000- ओपी जिंदल कांग्रेस
2005 ओपी जिंदल कांग्रेस
2005 उपचुनाव सावित्री जिंदल कांग्रेस
2009 सावित्री जिंदल कांग्रेस
2014 -डॉ. कमल गुप्ता भाजपा
2019 डॉ. कमल गुप्ता भाजपा

अग्रवाल समाज से बने 14 विधायक

हिसार सीट पर अग्रवाल और पंजाबी मतदाता करीब 12-12 प्रतिशत हैं। तीसरे नंबर पर करीब 10 प्रतिशत सैनी समाज के मतदाता हैं। वर्ष 1952 से लेकर अब तक की बात करें तो इस सीट पर सबसे अधिक 14 बार अग्रवाल समाज के विधायक बने हैं। एक प्रतिशत से भी कम मतदाताओं वाले जैन समाज से भी एक बार विधायक बना है। एक बार लोकदल की टिकट पर सैनी समाज से भी विधायक चुना गया।

यातायात जाम सबसे बड़ी परेशानी...

हिसार शहर की सबसे बड़ी समस्या यातायात जाम है। दिल्ली रोड पूरे शहर को जोड़ने का काम करता है। बस अड्डे से नागोरी गेट, पारिजात चौक, लक्ष्मीबाई चौक, कैंप चौक, डाबड़ा चौक, जिंदल चौक तक सबसे अधिक जाम की स्थिति रहती है। जाम से राहत दिलाने के लिए पूूर्व डिप्टी सीएम दुष्यंत चौटाला ने एलिवेटिड रोड का प्रस्ताव तैयार कराया था, जो सिरे नहीं चढ़ा। दिल्ली रोड से वाहनों का दबाव कम करने के लिए सेक्टर 1-4 से महाबीर काॅलोनी, तोशाम रोड से राजगढ़ रोड तक नाले पर सड़क बनाने की घोषणा पर काम शुरू नहीं हो सका है।

प्रतिक्रिया

हिसार विधायक ने 2014 में जो वादे किए थे उनमें से एक भी पूरा नहीं हुआ है। नया बस अड्डा, क्रिकेट स्टेडियम, एयरपोर्ट, नागरिक अस्पताल, नई सड़कों का निर्माण का काम पूरा नहीं हुआ। एयरपोर्ट के नाम पर लोगों से छलावा करते रहे, वह भी पूरा नहीं करा पाए। एक फ्लाइट तक हिसार से नहीं उड़ी। -रामनिवास राड़ा, कांग्रेस प्रत्याशी 2019 , हिसार।

शहर के कई हिस्सों में स्ट्रीट लाइटें नहीं हैं। रात के समय लोगों को काफी दिक्कतें होती हैं। शहर की सड़कों की हालत बेहद खराब हैं। कई बार लोग नगर निगम से अनुरोध कर चुके, लेकिन कोई निदान नहीं हो रहा। -पूजा ,कामकाजी महिला।

पुराने शहर में सीवरेज ओवरफ्लो की शिकायत है। मिलगेट रोड के लोग कई बार प्रदर्शन कर चुके हैं। सैनियान मोहल्ला, महाबीर काॅलोनी, संत नगर में मामूली बारिश में ही सड़कें तलाब बन जाती हैं। लोगों के घरों में गंदा पानी आता है। एयरपोर्ट पर कुछ काम हुए हैं, सड़कों पर तिरंगा लाइट लगी हैं। - रेनू, गृहिणी।

शहर में मुख्य सड़कें अच्छी हालत में हैं। हिसार से कैमरी, तोशाम और बालसमंद रोड को शहर के हिस्से में फोरलेन किया गया है। इससे काफी राहत मिली है। सूर्य नगर फाटक पर अंडरपास बन चुका है। रेलवे स्टेशन को भी नए सिरे से बनाया जा रहा है। - गोपीराम।

2014 से 2019 में तो कई काम हुए, लेकिन बीते पांच साल में अपेक्षित काम नहीं हुए। पिछले दो साल से सीवरेज तथा यातायात जाम की समस्या है। बस अड्डे को शिफ्ट करने के लिए 2019-20 में ही प्रयास किए जाते तो आज तक यह कार्य हो चुका होता। - कृष्ण मलिक।

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