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कोरोना जांच के फर्जी आंकड़े तैयार करने के मामले में उत्तराखंड एसआईटी नलवा लैब पहुंची
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हिसार। कोरोना जांच के फर्जी आंकड़े तैयार करने और गलत तरीके से टेस्टिंग रिपोर्ट प्रस्तुत करने के मामले में शुक्रवार शाम को उत्तराखंड की एसआईटी जांच के लिए नलवा लैब पहुंची। इस दौरान लैब संचालक डॉ. नवतेज के नहीं मिलने पर उसके पिता डॉ. जेपीएस नलवा से पूछताछ की गई। एसआईटी ने डॉ. नवतेज नलवा को हरिद्वार बुलाया है। हरिद्वार में कुंभ मेले के दौरान मैक्स कोरपोरेट सर्विस कंपनी ने यह कोरोना जांच का ठेेका लिया था। उन्होंने गलत तरीके से फर्जी आंकड़े और एंट्री कर दी, जिसमें बिल नलवा लैब से लिए गए रहे।
हरिद्वार की पुलिस के पास वहां के मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. शंभू कुमार ने शिकायत दी थी। इसके बाद पुलिस की ओर से एसआईटी का गठन किया गया है। पुलिस ने झज्जर के आशीष को गिरफ्तार किया हुआ है। अभी एसआईटी ने लैब से कोई रिकॉर्ड नहीं लिया है। पुलिस के अनुसार आशीष द्वारा टेस्टिंग के लिए स्वयं अधिकृत न होते हुए भी शरत पंत व मल्लिका पंत के कहने पर भिवानी व जगजीतपुर हरिद्वार की संस्था से अकुशल कर्मचारी प्राप्त किए। गलत तरीके से कोविड-19 टेस्टिंग कर वास्तविकता संख्या से कई गुना अधिक टेस्टिंग दिखाकर 1 लाख 10 हजार टेस्ट दिखाकर फर्जी आंकड़े आईसीएमआर पोर्टल पर अपलोड किए गए। इनसे 4 करोड़ रुपये अवमुुक्त करवाने के लिए नलवा लैब से फर्जी बिल तैयार कर शरत पंत व मल्लिका पंत को दिए गए। इन जांच में कई मोबाइल नंबर ऐसे हैं, जो कुंभ मेले में आए ही नहीं। कई नंबर ऐसे हैं, जो यहां पर कार्यरत नहीं है। आशीष ने फर्जी बिल मैक्स कोरपोरेट फर्म को उपलब्ध करवाकर धोखे से मेला अधिकारी के माध्यम से अवमुक्त कराने का प्रयास किया। इससे महामारी को फैलाने का अपराध किया। शरत पंत व मल्लिका पंत से संबंधित मैक्स फर्म के 5 खाते सहित 7 में जमा करीब 31 लाख 41 हजार रुपये की धनराशि को फ्रिज कर दिया गया है। इस मामले में हरिद्वार थाना पुलिस ने 593/21, 188, 269, 270, 420, 468, 471, 120 बी, महामारी एवं आपदा प्रबंधन के तहम केस दर्ज किया हुआ है।
ऐसा कुछ नहीं है। जिस व्यक्ति को गिरफ्तार किया है। पुलिस उसे लेकर यहां आई हुई थी। उसने खुद ही इनकार कर दिया है कि इससे हिसार नलवा लैब का कोई संबंध नहीं है। न हमने बिल बनाए हैं और न हम हरिद्वार गए। आईवीएक नाम की कंपनी ने यह बिल छपवाए थे। जांच के लिए वहां के एसपी को शिकायत सौंपी हुई है, ताकि उनके खिलाफ कार्रवाई हो। - डॉ. जेपीएस नलवा, जिला प्रधान, आईएमए, हिसार
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इस मामले में कई लोगों जुड़े हुए हैं। इसकी एक-एक कड़ी सुलझाई जा रही है। हम शुक्रवार को यहां हिसार नलवा लैब में गए थे। उस समय खुद डॉ. नवतेज नलवा नहीं थे। उनके पिता से पूरी बातचीत नहीं हो पाई। अब उनको पूछताछ के लिए हरिद्वार बुलाया गया है। - इंस्पेक्टर राजेश, कोतवाली थाना प्रभारी, हरिद्वार
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हरिद्वार की पुलिस के पास वहां के मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. शंभू कुमार ने शिकायत दी थी। इसके बाद पुलिस की ओर से एसआईटी का गठन किया गया है। पुलिस ने झज्जर के आशीष को गिरफ्तार किया हुआ है। अभी एसआईटी ने लैब से कोई रिकॉर्ड नहीं लिया है। पुलिस के अनुसार आशीष द्वारा टेस्टिंग के लिए स्वयं अधिकृत न होते हुए भी शरत पंत व मल्लिका पंत के कहने पर भिवानी व जगजीतपुर हरिद्वार की संस्था से अकुशल कर्मचारी प्राप्त किए। गलत तरीके से कोविड-19 टेस्टिंग कर वास्तविकता संख्या से कई गुना अधिक टेस्टिंग दिखाकर 1 लाख 10 हजार टेस्ट दिखाकर फर्जी आंकड़े आईसीएमआर पोर्टल पर अपलोड किए गए। इनसे 4 करोड़ रुपये अवमुुक्त करवाने के लिए नलवा लैब से फर्जी बिल तैयार कर शरत पंत व मल्लिका पंत को दिए गए। इन जांच में कई मोबाइल नंबर ऐसे हैं, जो कुंभ मेले में आए ही नहीं। कई नंबर ऐसे हैं, जो यहां पर कार्यरत नहीं है। आशीष ने फर्जी बिल मैक्स कोरपोरेट फर्म को उपलब्ध करवाकर धोखे से मेला अधिकारी के माध्यम से अवमुक्त कराने का प्रयास किया। इससे महामारी को फैलाने का अपराध किया। शरत पंत व मल्लिका पंत से संबंधित मैक्स फर्म के 5 खाते सहित 7 में जमा करीब 31 लाख 41 हजार रुपये की धनराशि को फ्रिज कर दिया गया है। इस मामले में हरिद्वार थाना पुलिस ने 593/21, 188, 269, 270, 420, 468, 471, 120 बी, महामारी एवं आपदा प्रबंधन के तहम केस दर्ज किया हुआ है।
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ऐसा कुछ नहीं है। जिस व्यक्ति को गिरफ्तार किया है। पुलिस उसे लेकर यहां आई हुई थी। उसने खुद ही इनकार कर दिया है कि इससे हिसार नलवा लैब का कोई संबंध नहीं है। न हमने बिल बनाए हैं और न हम हरिद्वार गए। आईवीएक नाम की कंपनी ने यह बिल छपवाए थे। जांच के लिए वहां के एसपी को शिकायत सौंपी हुई है, ताकि उनके खिलाफ कार्रवाई हो। - डॉ. जेपीएस नलवा, जिला प्रधान, आईएमए, हिसार
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इस मामले में कई लोगों जुड़े हुए हैं। इसकी एक-एक कड़ी सुलझाई जा रही है। हम शुक्रवार को यहां हिसार नलवा लैब में गए थे। उस समय खुद डॉ. नवतेज नलवा नहीं थे। उनके पिता से पूरी बातचीत नहीं हो पाई। अब उनको पूछताछ के लिए हरिद्वार बुलाया गया है। - इंस्पेक्टर राजेश, कोतवाली थाना प्रभारी, हरिद्वार