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किसानों पर दर्ज केस 24 जुलाई तक खारिज करने का दिया अल्टीमेटम
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हिसार। संयुक्त किसान मोर्चा का प्रतिनिधिमंडल शुक्रवार को करीब 350 किसानों पर दर्ज केस खारिज कराने के लिए अधिकारियों से मिलने पहुंचा। करीब ढाई घंटे तक चली बैठक में कोई फैसला नहीं हो सका। इस पर संयुक्त मोर्चा के नेताओं ने बताया कि प्रशासन को 24 जुलाई तक का अल्टीमेटम दिया है। इसके बाद प्रजातांत्रिक तरीके से प्रशासन को जवाब दिया जाएगा।
संयुक्त किसान मोर्चा की तरफ से राष्ट्रीय नेतृत्व से युद्धवीर सिंह, जोगिंदर सिंह, अभिमन्यु कोहाड़, बलदेव सिंह,जिला स्तर से शमशेर नंबरदार, विकास सीसर, कुलदीप खरड़, रीमन नैन अधिकारियों से मिलने पहुंचे। मंडल आयुक्त चंद्रशेखर सहित अन्य प्रशासनिक व पुलिस अधिकारियों के साथ हुई मीटिंग में किसानों ने 24 मई को बनी सहमति के अनुसार 350 किसानों पर दर्ज केस वापस लेने की मांग उठाई। किसानों के वाहनों की क्षतिपूर्ति, वाहनों को लौटाने सहित अन्य बिंदुुओं पर जवाब मांगा। लगभग ढाई घंटे बाद किसान बाहर आए। किसान नेता युद्धवीर सिंह ने बताया कि हिसार के अधिकारियों की भाषा बदल गई है। अधिकारियों ने एक महीने में केस वापस करने का एलान किसानों के मंच पर आकर किया था। अब वहीं अधिकारी कह रहे हैं हमने अपना काम कर दिया, अब चंडीगढ़ के अधिकारी जानें।
याद रहे कि 16 मई को हिसार में चौ. देवीलाल संजीवनी अस्पताल का उद्घाटन के दौरान किसानों और पुलिस में टकराव हो गया था। इस दौरान पुलिस ने 350 किसानों पर हत्या के प्रयास सहित अन्य धाराओं में केस दर्ज किए। केस रद्द करवाने को लेकर किसानों ने 24 मई को हिसार में विरोध प्रदर्शन किया था। बाद में मंडल आयुक्त की अध्यक्षता में हुई बैठक में एक महीने में केस वापस लेने पर सहमति बनी थी।
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संयुक्त किसान मोर्चा की तरफ से राष्ट्रीय नेतृत्व से युद्धवीर सिंह, जोगिंदर सिंह, अभिमन्यु कोहाड़, बलदेव सिंह,जिला स्तर से शमशेर नंबरदार, विकास सीसर, कुलदीप खरड़, रीमन नैन अधिकारियों से मिलने पहुंचे। मंडल आयुक्त चंद्रशेखर सहित अन्य प्रशासनिक व पुलिस अधिकारियों के साथ हुई मीटिंग में किसानों ने 24 मई को बनी सहमति के अनुसार 350 किसानों पर दर्ज केस वापस लेने की मांग उठाई। किसानों के वाहनों की क्षतिपूर्ति, वाहनों को लौटाने सहित अन्य बिंदुुओं पर जवाब मांगा। लगभग ढाई घंटे बाद किसान बाहर आए। किसान नेता युद्धवीर सिंह ने बताया कि हिसार के अधिकारियों की भाषा बदल गई है। अधिकारियों ने एक महीने में केस वापस करने का एलान किसानों के मंच पर आकर किया था। अब वहीं अधिकारी कह रहे हैं हमने अपना काम कर दिया, अब चंडीगढ़ के अधिकारी जानें।
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याद रहे कि 16 मई को हिसार में चौ. देवीलाल संजीवनी अस्पताल का उद्घाटन के दौरान किसानों और पुलिस में टकराव हो गया था। इस दौरान पुलिस ने 350 किसानों पर हत्या के प्रयास सहित अन्य धाराओं में केस दर्ज किए। केस रद्द करवाने को लेकर किसानों ने 24 मई को हिसार में विरोध प्रदर्शन किया था। बाद में मंडल आयुक्त की अध्यक्षता में हुई बैठक में एक महीने में केस वापस लेने पर सहमति बनी थी।
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