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रिश्वत लेने के आरोपी डीए के दिल में तकलीफ, रोहतक पीजीआई में भर्ती
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हिसार। हिसार जिला न्यायवादी (डिस्ट्रिक्ट अटॉर्नी) महेंद्रपाल को दिल की बीमारी के कारण रोहतक पीजीआई में दाखिल करवाया गया है। एक दिन पहले ही विजिलेंस टीम ने डीए को ढाई हजार रुपये की रिश्वत लेते रंगे हाथों गिरफ्तार किया था। गिरफ्तारी के बाद वीरवार रात को ही तबीयत बिगड़ने पर उसे हिसार सामान्य अस्पताल में दाखिल करवाया गया था, जहां से अब रोहतक पीजीआई रेफर कर दिया गया है। वहीं पुलिस ने डीए का रिमांड पेपर अदालत में पेश किया, जहां से उसको न्यायिक हिरासत में भेज दिया। अब डीए अस्पताल में पुलिस सुरक्षा के बीच रहेगा।
विजिलेंस पुलिस ने बताया कि इस बारे में एएसआई सुभाष की शिकायत पर जिला न्यायवादी महेंद्रपाल के खिलाफ भ्रष्टाचार अधिनियम के तहत मामला दर्ज किया था। पुलिस को दी शिकायत में एएसआई सुभाष ने बताया कि वह एक एफआईआर में जांच अधिकारी था। मामले की जांच के दौरान आरोपियों को गिरफ्तार करने के बाद जांच पूरी की और आरोपियों के खिलाफ अदालत में आरोप पत्र (चालान) जमा करवाने के लिए आया। आरोप पत्र अदालत में जमा करवाने से पहले जिला न्यायवादी से उसकी जांच करवाकर उसको फारवर्ड करवाना होता है। चालान को फारवर्ड करने के लिए जिला न्यायवादी ने उससे तीन हजार रुपये की रिश्वत मांगी। इसके बाद वे ढाई हजार रुपये में चालान फारवर्ड करने को तैयार हो गया।
इस शिकायत पर इंस्पेक्टर अभय सिंह व अशोक कुमार बीडीपीओ उकलाना के नेतृत्व में टीम का गठन किया। जब एएसआई सुभाष ने डीए को रिश्वत की राशि दे दी तो टीम ने उसे गिरफ्तार कर लिया।
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विजिलेंस पुलिस ने बताया कि इस बारे में एएसआई सुभाष की शिकायत पर जिला न्यायवादी महेंद्रपाल के खिलाफ भ्रष्टाचार अधिनियम के तहत मामला दर्ज किया था। पुलिस को दी शिकायत में एएसआई सुभाष ने बताया कि वह एक एफआईआर में जांच अधिकारी था। मामले की जांच के दौरान आरोपियों को गिरफ्तार करने के बाद जांच पूरी की और आरोपियों के खिलाफ अदालत में आरोप पत्र (चालान) जमा करवाने के लिए आया। आरोप पत्र अदालत में जमा करवाने से पहले जिला न्यायवादी से उसकी जांच करवाकर उसको फारवर्ड करवाना होता है। चालान को फारवर्ड करने के लिए जिला न्यायवादी ने उससे तीन हजार रुपये की रिश्वत मांगी। इसके बाद वे ढाई हजार रुपये में चालान फारवर्ड करने को तैयार हो गया।
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इस शिकायत पर इंस्पेक्टर अभय सिंह व अशोक कुमार बीडीपीओ उकलाना के नेतृत्व में टीम का गठन किया। जब एएसआई सुभाष ने डीए को रिश्वत की राशि दे दी तो टीम ने उसे गिरफ्तार कर लिया।
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