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हिसार की तीन बेटियां ओलंपिक में गोल्ड के लिए बहाएंगी पसीना

Amar Ujala Bureau अमर उजाला ब्यूरो
Updated Fri, 23 Jul 2021 12:06 AM IST
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Three daughters of Hisar will sweat for gold in Olympics
हिसार। शुक्रवार से शुरू हो रहे ओलंपिक के सफर में हिसार की तीन बेटियां गोल्ड के लिए अपनी ताकत लगाएंगी। जिसमें शर्मिला, उदिता भारतीय महिला हॉकी टीम में हिस्सा बनकर अपनी प्रतिभा दिखाएंगी। अपनी स्टिक के दम पर देश को स्वर्ण पदक दिलाने के लिए पसीना बहाएंगी। वहीं, पैरा ओलंपिक में एकता भ्याण देश के लिए खेलेंगी। एकता पैरा एथलीट है और यह उसका पहला ओलंपिक है।
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फिटनेस के लिए मनपसंद खाना भी छोड़ा : शर्मिला
खिलाड़ी शर्मिला जब कैमरी के प्राइमरी स्कूल में पढ़ती थी। उस समय प्रवीण सिहाग डीपी के पद पर कार्यरत थी। उन्होंने ही शर्मिला को हॉकी खेलने के लिए प्रेरित किया। जब भी शर्मिला हिसार आती है तो प्रवीण सिहाग उन्हें हॉकी का अभ्यास करवाती हैं। शर्मिला के पिता सुरेश गोदारा किसान हैं। उनकी माता संतोष गृहिणी हैं। शर्मिला ने बताया कि पिछले कुछ दिनों से वह नेशनल कैंप में अभ्यास कर रही थी। वह फिटनेस को लेकर काफी ध्यान रख रही है। अपनी मनपसंद खाना भी नहीं पा रही। शर्मिला ने कहा कि ओलंपिक में मेडल जीतकर ही लौटेंगी।
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हैंडबाल कोच नहीं मिला तो हॉकी खेलने लगी : उदिता
हॉकी खिलाड़ी उदिता ने बताया कि 7वीं कक्षा से ही हॉकी खेलना शुरू कर दिया था। पहले उन्होंने स्कूल में हैंडबाल खेलना शुरू किया। हैंडबाल का कोच नहीं था। एक दिन उन्होंने स्कूल के मैदान में लड़कियों को हॉकी खेलते देखा तो हॉकी खेलना शुरू कर दिया। उदिता के पिता जसबीर सिंह हरियाणा पुलिस में ईएसआई के पद पर कार्यरत थे। वर्ष 2015 में बीमारी के चलते उनका निधन हो गया। उदिता ने कहा कि ओलंपिक में गोल्ड मेडल के लिए जी जान लगाएंगी।
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हादसे में गंवाए पैर, अब पैरा ओलंपिक में दिखाएंगी दम
ओलंपिक में हिस्सा ले रही हिसार की एकमात्र पैरा एथलीट एकता भ्याण ने जर्काता में एशियन पैरा गेम्स में गोल्ड मेडल जीता था। वह अब तक छह अंतरराष्ट्रीय और आठ राष्ट्रीय पदक जीत चुकी हैं। उनका एशिया में पहला रैंक है। अब वह पैरालंपिक टोक्यों में दमखम दिखाएगी। एकता भ्याण हिसार में रोजगार विभाग में सहायक रोजगार अधिकारी के पद पर कार्यरत है। यह उनका पहला ओलंपिक है। इसके लिए वह दो महीने से प्रैक्टिस कर रही हैं। एकता क्लब थ्रो गेम की कैटेगिरी एफ-51 में भाग लेंगी। वह सुबह-शाम पांच घंटे अभ्यास कर रही है। एकता ने बताया कि आईएएस बनना उनका सपना था। कोचिंग लेने जाते समय उनकी गाड़ी का एक्सीडेंट हो गया। हादसे में पैर गंवाए पर हौसला नहीं छोड़ा।
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