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Hisar News: अमृत योजना के बचे हुए कार्य के लिए तीन एजेंसियों ने किया आवेदन, जल्द शुरू होने की उम्मीद
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हिसार।
अमृत योजना के तहत पेयजल लाइन बिछाने के बचे हुए कार्य को करने के लिए तीन एजेंसियों ने आवेदन किया है। इसके साथ ही काफी समय से बंद पड़े काम के फिर से शुरू होने की उम्मीद बढ़ गई है। नगर निगम की तरफ से इस कार्य के लिए तीसरी बार टेंडर लगाया गया था। बचे हुए कार्य के तहत सातरोड सहित विभिन्न कॉलोनियों में करीब 19.31 करोड़ रुपये की लागत से 60 किलोमीटर लंबी पेयजल लाइन बिछाई जानी है।
बता दें कि निगम ने इस कार्य को करवाने के लिए दो बार टेंडर लगाया था, लेकिन दोनों दफा एक भी एजेंसी ने आवेदन नहीं किया था। इसने निगम अधिकारियों की चिंता को भी बढ़ा दिया था।
वर्ष 2020 में पूरा होना था काम, आज तक पड़ा अधूरा
अमृत योजना के तहत शहर के विभिन्न वार्डों में पेयजल लाइन बिछाने का ठेका एमएस केबी पीकेजेजेवीएमएस कंपनी को दिया था। इस कार्य की लागत करीब 30.02 करोड़ रुपये थी। कंपनी को मार्च 2020 तक इसे पूरा करना था। निर्धारित समय में काम पूरा न करने पर फरवरी 20221 में कंपनी पर क्लॉज टू के तहत टेंडर राशि का 10 प्रतिशत जुर्माना लगा दिया था। जुलाई 2021 में कंपनी ने यह तर्क देते हुए काम बंद कर दिया था कि उसका भुगतान अटका पड़ा है। इस पर निगम ने करीब 3.50 करोड़ रुपये का भुगतान कर दिया था, लेकिन कंपनी ने फिर भी काम शुरू नहीं किया। जनवरी 2022 में कंपनी के खिलाफ क्लॉज थ्री लगा दी गई। इसके तहत टेंडर को रद्द कर कंपनी को भी ब्लैक लिस्ट कर किया गया। इसके बाद निगम ने मई 2022 को मुख्यालय से नया टेंडर लगाने की अनुमति मांगी थी। इस वर्ष 18 अगस्त को राज्य स्तरीय तकनीकी कमेटी ने निगम प्रशासन को दोबारा टेंडर लगाने की अनुमति दे दी थी।
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सातरोड गांव में बिछाई जानी थी सबसे लंबी लाइन
इस योजना के शहर की 72 कॉलोनियों में 136.93 किलोमीटर लंबी पेयजल लाइन बिछाई जानी प्रस्तावित थी। इसमें 73.50 किलोमीटर की नई लाइन बिछानी और 43.91 किलोमीटर की पुरानी लाइन बदलना शामिल था। इसमें सबसे लंबी 35.984 किलोमीटर की लाइन वार्ड 11 के गांव सातरोड में बिछाई जानी थी, जिसमें सातरोड खुर्द, बीएचके कॉलोनी व मास्टर कॉलोनी शामिल है। इसके अलावा वार्ड-1 की शहीद भगत सिंह कॉलोनी में 8.250 किलोमीटर, हनुमान कॉलोनी में 6.404 किलोमीटर, महाबीर कॉलोनी एक्सटेंशन एक व दो में 6.530 किलोमीटर, भारत नगर ढेहा बस्ती में 9.035 किलोमीटर की लाइन बिछाई जानी प्रस्तावित थी। इसमें सबसे ज्यादा काम वार्ड 11 का है। वार्ड में दो वाटर टैंक व एक बूस्टिंग स्टेशन भी बनाना बाकी है। इसके अलावा कैमरी रोड पर महेश नगर में भी बूस्टिंग स्टेशन निर्माण का काम लंबित पड़ा है।
जनसंवाद कार्यक्रम में उठा था मुद्दा
वार्ड 11 के पार्षद राजपाल मांडू ने अक्तूबर में हुए मुख्यमंत्री के जनसंवाद कार्यक्रम में अमृत योजना का बचा हुआ काम पूरा करवाने की मांग की थी। इस पर मुख्यमंत्री ने निगमायुक्त को एक माह में इस कार्य को शुरू करवाने के आदेश दिए थे।
3 एजेंसियों ने आवेदन किया है। शुक्रवार को इनकी तकनीकी बिड जांची जाएगी। जो एजेंसी तकनीकी बिड की शर्तों को पूरा करेगी, उनकी फाइनेंशियल बिड जांची जाएगी। फाइनेंशियल बिड की शर्तों को पूरा करने व सबसे कम बोली लगाने वाली एजेंसी को ही टेंडर अलॉट किया जाएगा।
संदीप धुंधवाल, एक्सईएन, नगर निगम
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अमृत योजना के तहत पेयजल लाइन बिछाने के बचे हुए कार्य को करने के लिए तीन एजेंसियों ने आवेदन किया है। इसके साथ ही काफी समय से बंद पड़े काम के फिर से शुरू होने की उम्मीद बढ़ गई है। नगर निगम की तरफ से इस कार्य के लिए तीसरी बार टेंडर लगाया गया था। बचे हुए कार्य के तहत सातरोड सहित विभिन्न कॉलोनियों में करीब 19.31 करोड़ रुपये की लागत से 60 किलोमीटर लंबी पेयजल लाइन बिछाई जानी है।
बता दें कि निगम ने इस कार्य को करवाने के लिए दो बार टेंडर लगाया था, लेकिन दोनों दफा एक भी एजेंसी ने आवेदन नहीं किया था। इसने निगम अधिकारियों की चिंता को भी बढ़ा दिया था।
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वर्ष 2020 में पूरा होना था काम, आज तक पड़ा अधूरा
अमृत योजना के तहत शहर के विभिन्न वार्डों में पेयजल लाइन बिछाने का ठेका एमएस केबी पीकेजेजेवीएमएस कंपनी को दिया था। इस कार्य की लागत करीब 30.02 करोड़ रुपये थी। कंपनी को मार्च 2020 तक इसे पूरा करना था। निर्धारित समय में काम पूरा न करने पर फरवरी 20221 में कंपनी पर क्लॉज टू के तहत टेंडर राशि का 10 प्रतिशत जुर्माना लगा दिया था। जुलाई 2021 में कंपनी ने यह तर्क देते हुए काम बंद कर दिया था कि उसका भुगतान अटका पड़ा है। इस पर निगम ने करीब 3.50 करोड़ रुपये का भुगतान कर दिया था, लेकिन कंपनी ने फिर भी काम शुरू नहीं किया। जनवरी 2022 में कंपनी के खिलाफ क्लॉज थ्री लगा दी गई। इसके तहत टेंडर को रद्द कर कंपनी को भी ब्लैक लिस्ट कर किया गया। इसके बाद निगम ने मई 2022 को मुख्यालय से नया टेंडर लगाने की अनुमति मांगी थी। इस वर्ष 18 अगस्त को राज्य स्तरीय तकनीकी कमेटी ने निगम प्रशासन को दोबारा टेंडर लगाने की अनुमति दे दी थी।
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सातरोड गांव में बिछाई जानी थी सबसे लंबी लाइन
इस योजना के शहर की 72 कॉलोनियों में 136.93 किलोमीटर लंबी पेयजल लाइन बिछाई जानी प्रस्तावित थी। इसमें 73.50 किलोमीटर की नई लाइन बिछानी और 43.91 किलोमीटर की पुरानी लाइन बदलना शामिल था। इसमें सबसे लंबी 35.984 किलोमीटर की लाइन वार्ड 11 के गांव सातरोड में बिछाई जानी थी, जिसमें सातरोड खुर्द, बीएचके कॉलोनी व मास्टर कॉलोनी शामिल है। इसके अलावा वार्ड-1 की शहीद भगत सिंह कॉलोनी में 8.250 किलोमीटर, हनुमान कॉलोनी में 6.404 किलोमीटर, महाबीर कॉलोनी एक्सटेंशन एक व दो में 6.530 किलोमीटर, भारत नगर ढेहा बस्ती में 9.035 किलोमीटर की लाइन बिछाई जानी प्रस्तावित थी। इसमें सबसे ज्यादा काम वार्ड 11 का है। वार्ड में दो वाटर टैंक व एक बूस्टिंग स्टेशन भी बनाना बाकी है। इसके अलावा कैमरी रोड पर महेश नगर में भी बूस्टिंग स्टेशन निर्माण का काम लंबित पड़ा है।
जनसंवाद कार्यक्रम में उठा था मुद्दा
वार्ड 11 के पार्षद राजपाल मांडू ने अक्तूबर में हुए मुख्यमंत्री के जनसंवाद कार्यक्रम में अमृत योजना का बचा हुआ काम पूरा करवाने की मांग की थी। इस पर मुख्यमंत्री ने निगमायुक्त को एक माह में इस कार्य को शुरू करवाने के आदेश दिए थे।
3 एजेंसियों ने आवेदन किया है। शुक्रवार को इनकी तकनीकी बिड जांची जाएगी। जो एजेंसी तकनीकी बिड की शर्तों को पूरा करेगी, उनकी फाइनेंशियल बिड जांची जाएगी। फाइनेंशियल बिड की शर्तों को पूरा करने व सबसे कम बोली लगाने वाली एजेंसी को ही टेंडर अलॉट किया जाएगा।
संदीप धुंधवाल, एक्सईएन, नगर निगम