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Hisar News: एचआईवी की नहीं कोई वैक्सीन, बचाव ही सबसे बड़ा इलाज

Amar Ujala Bureau अमर उजाला ब्यूरो
Updated Sun, 17 May 2026 11:37 PM IST
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There is no vaccine for HIV
हिसार। अभी तक एचआईवी की कोई वैक्सीन नहीं बनी है। ऐसे में बचाव ही सबसे बड़ा इलाज है। फिलहाल जिले में 1595 एचआईवी मरीज सक्रिय है। चिकित्सकों के मुताबिक अभी तक यह बीमारी लाइलाज है लेकिन संयमित जीवन, संतुलित खानपान और नियमित दवा के प्रयोग से सामान्य तरह से जीवन व्यतीत किया जा सकता है।
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विश्व एड्स टीकाकरण दिवस हर साल 18 मई को मनाया जाता है। इसका मकसद एचआईवी वैक्सीन के लिए चल रहे शोध को बढ़ावा देना और लोगों को संक्रमण से बचाव के तरीके बताना है। वर्ष 1981 में पहला एड्स केस मिलने के बाद से वैज्ञानिक वैक्सीन बनाने में जुटे हैं लेकिन अब तक सफलता नहीं मिली।
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जिले में 1595 सक्रिय मरीज
जिले में पिछले 7 साल में एचआईवी संक्रमितों की संख्या 5248 पहुंच चुकी है। इनमें से हिसार में 3355 और अग्रोहा में 1893 मरीज पंजीकृत हैं। इनमें पुरुष 3294 व महिलाएं 1899 हैं। सक्रिय मरीजों का आंकड़ा 1595 हैं जिनमें से हिसार में 1218 व अग्रोहा में 377 हैं।
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रोग प्रतिरोधक क्षमता को कमजोर करता है वायरस
एचआईवी का पूरा नाम (ह्यूमन इम्यूनोडेफिशिएंसी वायरस) है। यह एक ऐसा वायरस है जो मानव शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता को कमजोर कर देता है। समय पर इलाज न मिलने पर यह वायरस एड्स का कारण बन सकता है।


ये हैं लक्षण
- एक माह में शरीर के वजन का 10 प्रतिशत से अधिक की कमी आना
- एक माह में कई बार बुखार चढ़ना
- गंभीर क्षय रोग का होना
- सांस लेने में परेशानी होना
ऐसे फैलता है एचआईवी संक्रमण
- असुरक्षित यौन संबंध
- संक्रमित सुइयों का साझा करना
- संक्रमित रक्त चढ़ाना
- मां से बच्चे में संक्रमण

ऐसे करें बचाव
- असुरक्षित यौन संबंध से बचें, संक्रमित सुई या ब्लेड का दोबारा प्रयोग न करें

- संक्रमित खून न चढ़वाएं, जांच के बाद ही रक्त लें

- गर्भवती महिला जांच जरूर कराएं, पॉजिटिव होने पर इलाज से बच्चा सुरक्षित रह सकता है



अभी तक इस बीमारी का कोई टीका नहीं आया है। ऐसे में जागरूकता व बचाव इसका एकमात्र इलाज है। विभाग की तरफ से समय-समय जागरूकता शिविर लगाए जाते हैं। इसके अलावा जांच शिविर भी लगाए जाते हैं ताकि समय पर बीमारी का पता लगाया जा सके। डॉ. सपना गहलावत, सिविल सर्जन
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