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Hisar News: किसी खेल नर्सरी में खेलने लायक मैदान तो कहीं नहीं खेल का सामान
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हिसार। जिले में खेल नर्सरियां खोलने की प्रक्रिया शुरू हो चुकी है। खेल विभाग की ओर से 230 नर्सरियों में से 200 नर्सरियों की फिजिबिलिटी जांची जा चुकी है। इस दौरान अधिकतर नर्सरियों में खेल मैदान से लेकर खेलों का सामान पूरा मिला है। मगर कुछ ऐसी नर्सरियां भी हैं, जिनमें खेलने लायक मैदान नहीं तो किसी के पास खेलों का सामान नहीं।
अब एक से दो दिन में 30 और खेल नर्सरियों की जांच पूरी की जाएगी। इसके बाद सभी खेल नर्सरियों की रिपोर्ट तैयार कर मुख्यालय भेजी जाएगी। जिले में 50 से ज्यादा खेल नर्सरियां खोली जाएंगी। मानकों पर खरा उतरने वाले ही संचालकों को नर्सरियां चलाने की अनुमति होगी। मुख्यालय से ही नर्सरियों पर फाइनल मुहर लगेगी। वहीं कोच को खेल विभाग ही सैलरी देगा। कार्यकारी जिला खेल अधिकारी जगदीप सिंह ने बताया कि नर्सरियाें की फिजिबिलिटी जांच में मैदान, खेलों का सामान, कोच का डिप्लोमा और खिलाड़ियों की उपलब्धियां देखी गई हैं।
सरकारी कोच ले रहे ट्रायल
एक अप्रैल से सरकारी कोच भी खेल नर्सरियां शुरू कर देंगे। कोच अपने स्तर पर खिलाड़ियों के ट्रायल ले रहे हैं। बेहतर परफोरमेंस के आधार पर खिलाड़ियों का नर्सरी के लिए चयन किया जाएगा। खेल विभाग के जिले में 40 सरकारी कोच विभिन्न खेलों का प्रशिक्षण दे रहे हैं। नर्सरी के तहत प्रशिक्षण लेने वाले खिलाड़ियों को 1500 से लेकर 2000 रुपये डाइट राशि भी दी जाएगी।
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200 खेल नर्सरियों की फिजिबिलिटी जांच पूरी हो चुकी है। पिछले साल 50 खेल नर्सरियां मिली थीं। इस बार 50 से ज्यादा नर्सरियों की उम्मीद हैं। कुछ नर्सरियां खेल विभाग के मानकों पर खरा नहीं उतर पा रही हैं। जल्द ही नर्सरियों की रिपोर्ट तैयार कर मुख्यालय भेजी जाएगी। - जगदीप सिंह, कार्यकारी जिला खेल अधिकारी
नहीं पहुंचा खेलों का सामान, कई बार भेजी जा चुकी डिमांड
पिछले कई साल से महाबीर स्टेडिय में अभ्यास करने वाले खिलाड़ियों के लिए खेल सामान नहीं पहुंचा है। फुटबाल से लेकर बॉक्सिंग रिंग तक नहीं है। अन्य खेलों का सामान भी 50 प्रतिशत खत्म हो चुकी है। कोच की ओर से भी कई मांग खेल सामान की डिमांड भेजी जा चुकी है। खिलाड़ियों से लेकर कोच को खेल सामान का इंतजार है।
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अब एक से दो दिन में 30 और खेल नर्सरियों की जांच पूरी की जाएगी। इसके बाद सभी खेल नर्सरियों की रिपोर्ट तैयार कर मुख्यालय भेजी जाएगी। जिले में 50 से ज्यादा खेल नर्सरियां खोली जाएंगी। मानकों पर खरा उतरने वाले ही संचालकों को नर्सरियां चलाने की अनुमति होगी। मुख्यालय से ही नर्सरियों पर फाइनल मुहर लगेगी। वहीं कोच को खेल विभाग ही सैलरी देगा। कार्यकारी जिला खेल अधिकारी जगदीप सिंह ने बताया कि नर्सरियाें की फिजिबिलिटी जांच में मैदान, खेलों का सामान, कोच का डिप्लोमा और खिलाड़ियों की उपलब्धियां देखी गई हैं।
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सरकारी कोच ले रहे ट्रायल
एक अप्रैल से सरकारी कोच भी खेल नर्सरियां शुरू कर देंगे। कोच अपने स्तर पर खिलाड़ियों के ट्रायल ले रहे हैं। बेहतर परफोरमेंस के आधार पर खिलाड़ियों का नर्सरी के लिए चयन किया जाएगा। खेल विभाग के जिले में 40 सरकारी कोच विभिन्न खेलों का प्रशिक्षण दे रहे हैं। नर्सरी के तहत प्रशिक्षण लेने वाले खिलाड़ियों को 1500 से लेकर 2000 रुपये डाइट राशि भी दी जाएगी।
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200 खेल नर्सरियों की फिजिबिलिटी जांच पूरी हो चुकी है। पिछले साल 50 खेल नर्सरियां मिली थीं। इस बार 50 से ज्यादा नर्सरियों की उम्मीद हैं। कुछ नर्सरियां खेल विभाग के मानकों पर खरा नहीं उतर पा रही हैं। जल्द ही नर्सरियों की रिपोर्ट तैयार कर मुख्यालय भेजी जाएगी। - जगदीप सिंह, कार्यकारी जिला खेल अधिकारी
नहीं पहुंचा खेलों का सामान, कई बार भेजी जा चुकी डिमांड
पिछले कई साल से महाबीर स्टेडिय में अभ्यास करने वाले खिलाड़ियों के लिए खेल सामान नहीं पहुंचा है। फुटबाल से लेकर बॉक्सिंग रिंग तक नहीं है। अन्य खेलों का सामान भी 50 प्रतिशत खत्म हो चुकी है। कोच की ओर से भी कई मांग खेल सामान की डिमांड भेजी जा चुकी है। खिलाड़ियों से लेकर कोच को खेल सामान का इंतजार है।