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अपने घर लौटे मजदूर, जासूसी के आरोप में पकड़े थे सेना ने
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घर लौटने के बाद अपने परिवार के साथ रागिब।
- फोटो : Hisar
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कैंट में जासूसी के आरोप में पकड़े गए यूपी के तीन युवकों को शनिवार-रविवार की रात करीब डेढ़ बजे उनके परिजनों को सौंप दिया गया। युवक रविवार को अपने घर पहुंच गए, जहां परिजनों के पास पहुंचकर वे खुश नजर आए। इससे पहले देर रात तक सदर थाने में कार्रवाई चलती रही और सैन्य अधिकारियों को मौके पर बुलाया गया, जिसके बाद युवकों को छोड़ दिया गया।
मामले के अनुसार मुजफ्फरनगर के शेरपुर गांव निवासी 28 वर्षीय मेहताब व 34 वर्षीय रागिब और शामली के मासाबी गांव निवासी 25 वर्षीय खालिद को सेना और इंटेलिजेंस ने दो अगस्त को सेना की जासूसी के आरोप में पकड़ा था। सेना ने दावा किया था कि युवकों के मोबाइल से सैनिकों की गतिविधियों को रिकॉर्डिंग बरामद हुई है। एक युवक के मोबाइल से पाकिस्तान में व्हाट्सएप कॉलिंग मिली है। सेना ने युवकों को जिला पुलिस को सौंपा था। जिला पुलिस ने युवकों से पूछताछ के बाद क्लीन चिट दे दी थी। इसके बाद सैन्य अधिकारियों को मौके पर बुलाया गया और देर रात तक कार्रवाई पूरी करने के बाद करीब डेढ़ बजे युवकों को छोड़ दिया और मौके पर मौजूद उनके परिजनों को सौंप दिया गया।
यह था मामला : कैंट में मैस का निर्माण कार्य चल रहा है, जिसे ठेके पर दिया गया है। ठेकेदार द्वारा जो लेबर रखी गई है, उसमें मेहताब, रागिब और खालिद भी काम कर रहे थे। ये लोग सप्ताहभर पहले ही काम पर आए थे। सेना ने उन्हें कैंट के अंदर की मोबाइल पर वीडियो बनाने के आरोप में पकड़ा था, जिसके बाद उनसे पूछताछ की गई थी।
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मामले के अनुसार मुजफ्फरनगर के शेरपुर गांव निवासी 28 वर्षीय मेहताब व 34 वर्षीय रागिब और शामली के मासाबी गांव निवासी 25 वर्षीय खालिद को सेना और इंटेलिजेंस ने दो अगस्त को सेना की जासूसी के आरोप में पकड़ा था। सेना ने दावा किया था कि युवकों के मोबाइल से सैनिकों की गतिविधियों को रिकॉर्डिंग बरामद हुई है। एक युवक के मोबाइल से पाकिस्तान में व्हाट्सएप कॉलिंग मिली है। सेना ने युवकों को जिला पुलिस को सौंपा था। जिला पुलिस ने युवकों से पूछताछ के बाद क्लीन चिट दे दी थी। इसके बाद सैन्य अधिकारियों को मौके पर बुलाया गया और देर रात तक कार्रवाई पूरी करने के बाद करीब डेढ़ बजे युवकों को छोड़ दिया और मौके पर मौजूद उनके परिजनों को सौंप दिया गया।
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यह था मामला : कैंट में मैस का निर्माण कार्य चल रहा है, जिसे ठेके पर दिया गया है। ठेकेदार द्वारा जो लेबर रखी गई है, उसमें मेहताब, रागिब और खालिद भी काम कर रहे थे। ये लोग सप्ताहभर पहले ही काम पर आए थे। सेना ने उन्हें कैंट के अंदर की मोबाइल पर वीडियो बनाने के आरोप में पकड़ा था, जिसके बाद उनसे पूछताछ की गई थी।
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