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Hisar News: तीनों बेटियों ने दिया पूर्व मंत्री कंवल सिंह की अर्थी को कंधा
Fri, 09 Feb 2024 02:39 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, हिसार
संवाद न्यूज एजेंसी, हिसार
Updated Fri, 09 Feb 2024 02:39 AM IST
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हिसार। पूर्व पंचायत मंत्री कंवल सिंह का वीरवार को उनके पैतृक गांव डाबड़ा में अंतिम संस्कार किया गया। उनकी बेटी मीनाक्षी, सपना, ज्योति और भतीजे रणदीप ने उनकी अर्थी को कंधा दिया। लगभग 88 वर्ष कंवल सिंह का बुधवार को निधन हो गया था। अंतिम यात्रा हिसार में टाउन पार्क सामने स्थित उनके आवास से शुरू हुई। अंतिम यात्रा में आसपास के गांवों के लोग भी पहुंचे। आर्य समाज के रीति रिवाज के अनुसार गुरुकुल के आचार्याें ने अंतिम संस्कार कराया।
पूर्व मंत्री कंवल सिंह के अंतिम संस्कार में पहुंचे लोगों ने परिवार को ढाढंस बंधाया। डिप्टी स्पीकर रणबीर गंगवा,जिला परिषद के पूर्व चेयरमैन राजेंद्र सूरा,धर्मबीर गोयत, एडवोकेट योगेश सिहाग, एडवोकेट पीके संधीर सहित अन्य गणमान्य पहुंचे। गणमान्य लोगों ने शोक व्यक्त करते हुए कहा कि कंवल सिंह अपनी बात के धनी थे। पूर्व मंत्री कंवल सिंह पहली बार घिराय विधानसभा से जनता पार्टी की टिकट पर 1977 में विधायक बने थे। इसके बाद दूसरी बार फिर घिराय से 1982 में विधायक बने। वर्ष 1996 में हरियाणा विकास पार्टी से विधायक बने। तब चौधरी बंसीलाल की सरकार में उन्हें पंचायत मंत्री बनाया गया था। इसके बाद उन्होंने राजनीति से संन्यास ले लिया था। कंवल को प्रदेश के ईमानदार नेताओं की श्रेणी में रखा जाता है। चौधरी कंवल सिंह के पिता चौधरी रणजीत सिंह संयुक्त पंजाब में मंत्री थे। हिसार से गुजरने वाली बालसमंद माइनर लाने में उनकी सबसे अहम भूमिका थी।
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पूर्व मंत्री कंवल सिंह के अंतिम संस्कार में पहुंचे लोगों ने परिवार को ढाढंस बंधाया। डिप्टी स्पीकर रणबीर गंगवा,जिला परिषद के पूर्व चेयरमैन राजेंद्र सूरा,धर्मबीर गोयत, एडवोकेट योगेश सिहाग, एडवोकेट पीके संधीर सहित अन्य गणमान्य पहुंचे। गणमान्य लोगों ने शोक व्यक्त करते हुए कहा कि कंवल सिंह अपनी बात के धनी थे। पूर्व मंत्री कंवल सिंह पहली बार घिराय विधानसभा से जनता पार्टी की टिकट पर 1977 में विधायक बने थे। इसके बाद दूसरी बार फिर घिराय से 1982 में विधायक बने। वर्ष 1996 में हरियाणा विकास पार्टी से विधायक बने। तब चौधरी बंसीलाल की सरकार में उन्हें पंचायत मंत्री बनाया गया था। इसके बाद उन्होंने राजनीति से संन्यास ले लिया था। कंवल को प्रदेश के ईमानदार नेताओं की श्रेणी में रखा जाता है। चौधरी कंवल सिंह के पिता चौधरी रणजीत सिंह संयुक्त पंजाब में मंत्री थे। हिसार से गुजरने वाली बालसमंद माइनर लाने में उनकी सबसे अहम भूमिका थी।
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