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Hisar News: ज्ञान के तड़के से बढ़ेगा भोजन का जायका थाली में परोसी जाएगी स्वास्थ्य की समझ

Amar Ujala Bureau अमर उजाला ब्यूरो
Updated Wed, 29 Apr 2026 01:27 AM IST
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The taste of food will be enhanced by the spice of knowledge, the understanding of health will be served in the plate.
हिसार। सरकारी स्कूलों में मिड-डे मील (मध्यांतर भोजन) योजना अब सिर्फ भोजन वितरण तक सीमित नहीं रहेगी। शिक्षा विभाग ने इसे गृह विज्ञान से जोड़ते हुए इसे सीखने का एक प्रभावी माध्यम बनाने की पहल की है। नई व्यवस्था के तहत बच्चों को न केवल भोजन मिलेगा बल्कि वह यह भी सीखेंगे कि सही आहार क्या होता है और इसका उनके स्वास्थ्य पर क्या प्रभाव पड़ता है।
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इस पहल के तहत मिड-डे मील को प्रैक्टिकल क्लास की तरह उपयोग किया जाएगा। शिक्षक बच्चों को भोजन में मौजूद पोषक तत्वों, उनकी उपयोगिता और संतुलित आहार के महत्व के बारे में समझाएंगे। उन्हें यह भी सिखाया जाएगा कि खाना बनाते समय किन बातों का ध्यान रखना चाहिए, जैसे सामग्री की गुणवत्ता, साफ-सफाई और पकाने का सही तरीका। इससे बच्चों में स्वास्थ्य के प्रति जागरूकता बढ़ेगी और वह छोटी उम्र से ही अच्छी आदतें अपनाना शुरू कर देंगे।
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नई व्यवस्था में बच्चों की सक्रिय भागीदारी भी सुनिश्चित की जाएगी। उन्हें समूहों में बांटकर भोजन से जुड़ी गतिविधियों में शामिल किया जाएगा, ताकि वे सीखने के साथ जिम्मेदारी निभाना भी समझें। यह तरीका बच्चों में आत्मनिर्भरता और सहयोग की भावना विकसित करेगा। साथ ही, उनकी पढ़ाई में रुचि भी बढ़ेगी क्योंकि वे चीजों को खुद करके समझेंगे।
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खंड स्तर पर पांच शिक्षकों को बनाया जाएगा मास्टर ट्रेनर

योजना को सफल बनाने के लिए हर खंड स्तर पर पांच शिक्षकों को मास्टर ट्रेनर बनाया जाएगा। यह शिक्षक विशेष प्रशिक्षण प्राप्त करेंगे और अन्य स्कूलों में जाकर शिक्षकों को नई पद्धति के बारे में जानकारी देंगे। इसके अलावा, वे मिड-डे मील की गुणवत्ता, स्वच्छता और पोषण स्तर की निगरानी भी करेंगे ताकि बच्चों को सुरक्षित और संतुलित भोजन मिल सके।



स्वास्थ्य सुधार की दिशा में कारगर सिद्ध होगा कदम

बच्चों में कुपोषण और गलत खानपान की आदतें गंभीर समस्या हैं। अक्सर बच्चे जंक फूड की ओर आकर्षित होते हैं जिससे स्वास्थ्य पर नकारात्मक प्रभाव पड़ता है। इस योजना के माध्यम से बच्चों को समझाया जाएगा कि घर का बना संतुलित भोजन उनके शरीर के लिए कितना आवश्यक है और कैसे यह उन्हें बीमारियों से बचाता है। साथ ही स्वच्छता पर भी जोर दिया जाएगा। हाथ धोना, साफ बर्तन इस्तेमाल करना और भोजन को सुरक्षित रखना आदि आदतें बच्चों के दैनिक जीवन का हिस्सा बनेंगी और लंबे समय तक उनके स्वास्थ्य को बेहतर बनाए रखेंगी।


मिड-डे मील को होम साइंस से जोड़ने का मुख्य उद्देश्य बच्चों को व्यवहारिक शिक्षा देना है। इससे न केवल उनका शारीरिक स्वास्थ्य सुधरेगा बल्कि वे मानसिक रूप से भी अधिक जागरूक और सक्षम बनेंगे।
-राकेश चराया,बीईओ, हिसार-2
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