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Hisar News: भूमिगत बरसाती नाले के निर्माण में आ रही बाधा दूर, मिली पेड़ काटने की अनुमति
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बरवाला चुंगी के पास पड़े पाइप।
हिसार। बरवाला चुंगी से हिसार मेजर ड्रेन तक बनाए जा रहे भूमिगत बरसाती नाले के निर्माण में आ रही बाधा दूर हो गई है। जनस्वास्थ्य विभाग को वन विभाग से पेड़ों को काटने की एनओसी मिल गई है। अब नाले का काम मानसून सीजन से पहले पूरा होने की उम्मीद है।
बरवाला चुंगी से भैंस फार्म तक खुला बरसाती नाला है। इसके माध्यम से शहर के ज्यादातर हिस्से से बरसाती पानी की निकासी होती है। यहां इकट्ठे हुए पानी को भैंस फार्म की खाली जगह पर डाला जाता है। इस कारण कई बार पानी साथ लगते सेक्टर 33 में भी घुस जाता है। इसी को देखते हुए जनस्वास्थ्य विभाग ने खुले नाले की जगह भूमिगत लाइन बिछाने का फैसला किया था।
डेढ़ किलोमीटर का हिस्सा बाकी
पेड़ों के बीच में आने की वजह से नाले का करीब डेढ़ किलोमीटर हिस्से का निर्माण काफी समय से लटका है। वन विभाग ने इन पेड़ों को काटने की एवज में जनस्वास्थ्य विभाग से 16 लाख रुपये मांगे। जनस्वास्थ्य विभाग ने यह राशि वन विभाग को दे दी। इसके बाद वन विभाग ने पेड़ों को काटने की अनुमति दे दी है।
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1000 एमएम की बिछाई जा रही है पाइप लाइन
इस प्रोजेक्ट के तहत एक हजार एमएम की दो पाइप लाइन एक साथ बिछाई जा रही हैं। इनकी लंबाई 4800-4800 मीटर है। यह पाइप लाइन बरवाला चुंगी पर बने जनस्वास्थ्य विभाग के डिस्पोजल से लेकर नेशनल हाईवे के साथ-साथ सेक्टर 33 में से होकर हिसार मेजर ड्रेन तक बिछानी जानी है। बरवाला चुंगी डिस्पोजल से पंपसेट की मदद से बरसाती पानी हिसार मेजर ड्रेन तक पहुंचाया जाएगा। फिलहाल यह प्रोजेक्ट अंतिम चरण में है। उम्मीद है कि मानसून सीजन से पहले यह काम पूरा हो जाएगा।
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वन विभाग ने नाले के बीच आ रहे पेड़ों को काटने की अनुमति दे दी है। अब जल्द ही बचे हुए काम को पूरा कर लिया जाएगा। उम्मीद है मानसून से पहले यह काम पूरा हो जाएगा। - बलकार सिंह रेड्ढू, एक्सईएन, जनस्वास्थ्य विभाग
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बरवाला चुंगी से भैंस फार्म तक खुला बरसाती नाला है। इसके माध्यम से शहर के ज्यादातर हिस्से से बरसाती पानी की निकासी होती है। यहां इकट्ठे हुए पानी को भैंस फार्म की खाली जगह पर डाला जाता है। इस कारण कई बार पानी साथ लगते सेक्टर 33 में भी घुस जाता है। इसी को देखते हुए जनस्वास्थ्य विभाग ने खुले नाले की जगह भूमिगत लाइन बिछाने का फैसला किया था।
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डेढ़ किलोमीटर का हिस्सा बाकी
पेड़ों के बीच में आने की वजह से नाले का करीब डेढ़ किलोमीटर हिस्से का निर्माण काफी समय से लटका है। वन विभाग ने इन पेड़ों को काटने की एवज में जनस्वास्थ्य विभाग से 16 लाख रुपये मांगे। जनस्वास्थ्य विभाग ने यह राशि वन विभाग को दे दी। इसके बाद वन विभाग ने पेड़ों को काटने की अनुमति दे दी है।
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1000 एमएम की बिछाई जा रही है पाइप लाइन
इस प्रोजेक्ट के तहत एक हजार एमएम की दो पाइप लाइन एक साथ बिछाई जा रही हैं। इनकी लंबाई 4800-4800 मीटर है। यह पाइप लाइन बरवाला चुंगी पर बने जनस्वास्थ्य विभाग के डिस्पोजल से लेकर नेशनल हाईवे के साथ-साथ सेक्टर 33 में से होकर हिसार मेजर ड्रेन तक बिछानी जानी है। बरवाला चुंगी डिस्पोजल से पंपसेट की मदद से बरसाती पानी हिसार मेजर ड्रेन तक पहुंचाया जाएगा। फिलहाल यह प्रोजेक्ट अंतिम चरण में है। उम्मीद है कि मानसून सीजन से पहले यह काम पूरा हो जाएगा।
वन विभाग ने नाले के बीच आ रहे पेड़ों को काटने की अनुमति दे दी है। अब जल्द ही बचे हुए काम को पूरा कर लिया जाएगा। उम्मीद है मानसून से पहले यह काम पूरा हो जाएगा। - बलकार सिंह रेड्ढू, एक्सईएन, जनस्वास्थ्य विभाग