{"_id":"68093fe13067ab78600d462a","slug":"the-main-accused-who-duped-rs-20-lakh-in-the-name-of-getting-a-job-in-hau-has-been-arrested-hisar-news-c-21-hsr1005-611765-2025-04-24","type":"story","status":"publish","title_hn":"Hisar News: एचएयू में नौकरी दिलाने के नाम पर 20 लाख रुपये ठगने वाला मुख्य आरोपी गिरफ्तार","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Hisar News: एचएयू में नौकरी दिलाने के नाम पर 20 लाख रुपये ठगने वाला मुख्य आरोपी गिरफ्तार
विज्ञापन
हिसा। सदर थाना पुलिस ने एचएयू में नौकरी दिलाने के नाम पर 20 लाख रुपये की ठगी मामले में मुख्य आरोपी बुगाना निवासी अजय को गिरफ्तार किया है। आरोपी अजय पर पहले भी एचएयू में नौकरी दिलाने के नाम पर सिविल लाइन और एचटीएम थाने में केस दर्ज हैं। पुलिस ने आरोपी को अदालत में पेश किया, जहां से उसे एक दिन के रिमांड पर भेज दिया गया।
जांच अधिकारी एएसआई विक्रम ने बताया कि 11 जुलाई 2024 को अजय सहित 4 नामजद आरोपियों पर नौकरी के नाम पर 20 लाख रुपए ठगने की शिकायत पर केस दर्ज किया गया था। शिकायतकर्ता ने बताया कि वह जून 2021 में बुगाना निवासी अजय और नसीब से एक दुकान पर मिला। वहां आरोपी नसीब और अजय ने कहा कि उनकी बहुत जान-पहचान है। वे उसे सरकारी नौकरी लगवा देंगे। जुलाई में आरोपियों ने उसे एक अन्य व्यक्ति से मिलवाते हुए कहा कि यह एचएयू के कुलपति का रिश्तेदार है और 15- 15 लाख रुपये में दोनों को नौकरी लगवा देगा। उन्होंने एडवांस के रूप में 20 लाख रुपये ले लिए। साथ ही व्हाट्सएप पर दोनों के कागजात ले लिए।
कुछ दिनों बाद शिकायतकर्ता के भाइयों को ज्वाइनिंग लेटर दिए और विश्वविद्यालय की तरफ से वेरिफिकेशन किए जाने का नाम लेकर 11 महीने निकाल दिए। शिकायतकर्ता को एचएयू के प्रशासनिक कार्यालय से संपर्क करने पर उन्हें पता चला कि ज्वाइनिंग लेटर फर्जी हैं, जिस पर उन्हें ठगी का अहसास हुआ। जांच अधिकारी ने बताया कि आरोपी अजय मामले में नामजद आरोपी है। इस मामले में पहले आरोपी नसीब और विजय सूरा को गिरफ्तार किया जा चुका है।
विज्ञापन
विज्ञापन
जांच अधिकारी एएसआई विक्रम ने बताया कि 11 जुलाई 2024 को अजय सहित 4 नामजद आरोपियों पर नौकरी के नाम पर 20 लाख रुपए ठगने की शिकायत पर केस दर्ज किया गया था। शिकायतकर्ता ने बताया कि वह जून 2021 में बुगाना निवासी अजय और नसीब से एक दुकान पर मिला। वहां आरोपी नसीब और अजय ने कहा कि उनकी बहुत जान-पहचान है। वे उसे सरकारी नौकरी लगवा देंगे। जुलाई में आरोपियों ने उसे एक अन्य व्यक्ति से मिलवाते हुए कहा कि यह एचएयू के कुलपति का रिश्तेदार है और 15- 15 लाख रुपये में दोनों को नौकरी लगवा देगा। उन्होंने एडवांस के रूप में 20 लाख रुपये ले लिए। साथ ही व्हाट्सएप पर दोनों के कागजात ले लिए।
विज्ञापन
कुछ दिनों बाद शिकायतकर्ता के भाइयों को ज्वाइनिंग लेटर दिए और विश्वविद्यालय की तरफ से वेरिफिकेशन किए जाने का नाम लेकर 11 महीने निकाल दिए। शिकायतकर्ता को एचएयू के प्रशासनिक कार्यालय से संपर्क करने पर उन्हें पता चला कि ज्वाइनिंग लेटर फर्जी हैं, जिस पर उन्हें ठगी का अहसास हुआ। जांच अधिकारी ने बताया कि आरोपी अजय मामले में नामजद आरोपी है। इस मामले में पहले आरोपी नसीब और विजय सूरा को गिरफ्तार किया जा चुका है।
विज्ञापन