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Hisar News: किसान सभा ने धान खरीद की शर्तें हटाने और मुआवजे सहित कई मांगें उठाईं
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बरवाला। गांव बालक में शनिवार को अखिल भारतीय किसान सभा की ग्राम सभा हुई। सभा में फरीदपुर माइनर में पानी छोड़ने की मांग को लेकर 22 अक्तूबर को हिसार स्थित नहर विभाग के मुख्य अभियंता कार्यालय पर प्रदर्शन कर ज्ञापन सौंपने का निर्णय लिया गया। सभा की अध्यक्षता कमेटी प्रधान मा. बलराज सिंह ने की।
बैठक में वर्ष 2021 में लखीमपुर खीरी में हुई हिंसक घटना में जान गंवाने वालों को श्रद्धांजलि दी गई। किसान सभा के जिला सचिव सरबत सिंह पूनिया और बरवाला तहसील सचिव सत्यवान रेढू ने हरियाणा सरकार की धान खरीद नीति पर सवाल उठाते हुए खरीद पर लगाई गई शर्तें और लिमिट हटाने तथा पूरी उपज की एमएसपी पर खरीद सुनिश्चित करने की मांग की।
पूनिया ने कहा कि सूखे की मार झेल रहे जिलों में क्षतिपूर्ति पोर्टल खोला जाए और नुकसान की गिरदावरी करवाकर किसानों को मुआवजा दिया जाए। उन्होंने आरोप लगाया कि पोर्टल की शर्तों के कारण बड़ी संख्या में किसान पंजीकरण नहीं करा सके, जिससे उनकी धान की खरीद प्रभावित हो रही है।
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किसान सभा ने कहा कि सरकार एमएसपी पर खरीद का दावा करती है, लेकिन शर्तें और लिमिट लगाकर किसानों को परेशान किया जा रहा है। सभा ने बाजरा और मूंग पर भावांतर योजना की राशि मंडी में बिक्री के बजाय किसान के पंजीकृत खाते में देने की मांग की।
सत्यवान रेढू और मा. बलराज सिंह ने सरकार के निर्देशों का विरोध किया। इस मौके पर कमेटी सचिव जोगेंद्र शर्मा, शीशराम प्रधान, बलजीत सिंह, कृष्ण कुमार, सतबीर ठोलेदार, जोगिंदर रेढू, जगदीश फौजी और निहाल सिंह मौजूद रहे।
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बैठक में वर्ष 2021 में लखीमपुर खीरी में हुई हिंसक घटना में जान गंवाने वालों को श्रद्धांजलि दी गई। किसान सभा के जिला सचिव सरबत सिंह पूनिया और बरवाला तहसील सचिव सत्यवान रेढू ने हरियाणा सरकार की धान खरीद नीति पर सवाल उठाते हुए खरीद पर लगाई गई शर्तें और लिमिट हटाने तथा पूरी उपज की एमएसपी पर खरीद सुनिश्चित करने की मांग की।
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पूनिया ने कहा कि सूखे की मार झेल रहे जिलों में क्षतिपूर्ति पोर्टल खोला जाए और नुकसान की गिरदावरी करवाकर किसानों को मुआवजा दिया जाए। उन्होंने आरोप लगाया कि पोर्टल की शर्तों के कारण बड़ी संख्या में किसान पंजीकरण नहीं करा सके, जिससे उनकी धान की खरीद प्रभावित हो रही है।
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किसान सभा ने कहा कि सरकार एमएसपी पर खरीद का दावा करती है, लेकिन शर्तें और लिमिट लगाकर किसानों को परेशान किया जा रहा है। सभा ने बाजरा और मूंग पर भावांतर योजना की राशि मंडी में बिक्री के बजाय किसान के पंजीकृत खाते में देने की मांग की।
सत्यवान रेढू और मा. बलराज सिंह ने सरकार के निर्देशों का विरोध किया। इस मौके पर कमेटी सचिव जोगेंद्र शर्मा, शीशराम प्रधान, बलजीत सिंह, कृष्ण कुमार, सतबीर ठोलेदार, जोगिंदर रेढू, जगदीश फौजी और निहाल सिंह मौजूद रहे।