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अस्पताल में चली चप्पल, घर पर महिलाओं का हंगामा
ब्यूरो/अमर उजाला हिसार
Updated Sun, 05 Jul 2015 01:38 AM IST
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खूब दान दहेज देने के बावजूद बेटी प्रियंका दहेज की बली चढ़ी तो परिजनों का धैर्य शनिवार को जवाब दे गया। आरोपियों की गिरफ्तारी की मांग कर उन्होंने सिविल अस्पताल में रखा बेटी का शव उठाने से मना कर दिया।
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यहां हत्यारोपियों के पक्ष में आए कुछ लोगों की जमकर धुनाई की गई। दूसरी तरफ सेक्टर-14 में बेटी की ससुराल में मृतका की मां व परिवार की अन्य महिलाओं ने जमकर हंगामा काटा। मकान की दीवारों पर जहां दहेज लोभियों के खिलाफ नारे लिखे गए, वहीं महिलाओं ने चिल्लाना शुरू कर दिया कि घर में रहने वाले दहेज लोभियों ने उनकी बेटी को मारा है। ससुराल पक्ष की एक महिला से मारपीट भी की गई।
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पुलिस मौके पर पहुंची, लेकिन कुछ नहीं कर पाई। परिजनों ने मृतका की सास व अन्य की गिरफ्तारी होने तक यहां से हटने से मना कर दिया। बाद में पुलिस सास को पीछे के दरवाजे से पुलिस चौकी ले गई। मृतका की चाची ने चौकी जाकर गिरफ्तारी की पुष्टि की तब करीब दो घंटे बाद प्रियंका के परिजन शांत हुए।
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इस पूरी कवायद के बीच दर्दनाक पहलू यह रहा कि मां की मौत व पिता की गिरफ्तारी के बाद उनके दो बेटे आशु व एंजल रोते हुए भीड़ में माता-पिता की तलाश करते रहे।
आरोप : कार के लिए ले ली बेटी की जान
सेक्टर-14 के मकान नंबर 1029 में रहने वाली प्रियंका की शुक्रवार को जहरीला पदार्थ खाने से मौत हो गई थी। पुलिस ने पिता सुरेश के बयान पर उसके पति तरुण, सास व अन्य के खिलाफ दहेज हत्या का मामला दर्ज किया था। शनिवार को परिजन प्रियंका के शव के पोस्टमार्टम के लिए सिविल अस्पताल पहुंचे थे।
सुबह साढ़े नौ बजे पोस्टमार्टम की कार्रवाई निपट चुकी थी। परिजनों को शव ले जाने के लिए कहा गया तो मृतका के चाचा सत्यवान मित्तल व अन्य परिजनों ने बेटी के हत्यारोपियों की गिरफ्तारी न होने तक शव उठाने से मना कर दिया। मृतका के चाचा सत्यवान का आरोप है कि जब भी प्रियंका मायके से ससुराल जाती तो कहा जाता कि कार क्यों नहीं लेके आई।
बीते वीरवार की शाम को उनकी बेटी से मारपीट की गई और उसे कोई जहरीला पदार्थ खिला दिया गया। कान्फेड के पूर्व चेयरमैन एवं व्यापारी नेता बजरंग दास गर्ग व अन्य प्रमुख व्यापारी भी अस्पताल में जुटे थे।
इस बीच ऐलान कर दिया गया कि शव को रोड पर रख कर जाम लगाएंगे। बाद में पुलिस ने मौके पर पहुंच आरोपियों की गिरफ्तारी का आश्वासन दिया।
समाज का नाम लिया तो कर दी धुनाई
पोस्टमार्टम रूम के बाहर तनातनी चल ही रही थी कि इसी बीच हत्यारोपी तरुण के पक्ष से कुछ लोग वहां पहुंच गए। इसी बीच लड़के पक्ष के एक व्यक्ति ने कह दिया कि सभी को आखिर समाज में ही रहना है। यह सुनते ही लड़की के परिजनों ने लड़का पक्ष के लोगों पर हमला बोल दिया।
आरोपी पक्ष के लोगों की यहां जमकर धुनाई कर दी गई। एक व्यक्ति के कपड़े फाड़ दिए गए। इन पर चप्पलें भी खूब बरसाई। पुलिस ने मौके पर पहुंच कर बीच बचाव कर उनको वहां से निकाला।
महिलाओं ने काटा हंगामा
एक ओर जहां युवती की मौत को लेकर अस्पताल में हंगामा मचा, वहीं दूसरी तरफ प्रियंका की मां निर्मल, चाची नीलम, बहन व अन्य परिजन बेटी की ससुराल सेक्टर 14 स्थित मकान नंबर 1029 में पहुंच गई।
महिलाओं को आया देख प्रियंका की सास शोभा व अन्य परिजन बाहर आए तो महिलाओं ने उनको कोसना शुरू कर दिया। महिलाएं उनको पीटने के लिए दौड़ीं, लेकिन वहां मौजूद कुछ व्यक्तियों ने उनको रोक दिया। महिलाओं ने चिल्लाना शुरू कर दिया कि इस घर में रहने वाले दहेज लोभियों ने उनकी बेटी को मार दिया है।
प्रियंका की मां का रो रोकर यहां बुरा हाल हो गया। महिलाएं दरवाजे के बाहर लेट गईं। मृतका की मां की हालत भी खराब हो गई और उसने पानी तक पीने से मना कर दिया। करीब घंटे भर तक यहां खूब हंगामा हुआ। पुलिस ने मौके पर पहुंच कर स्थिति को कंट्रोल करने के लिए मृतका की सास को गिरफ्तार कर उसे पीछे के रास्ते से चौकी पहुंचाया। गिरफ्तारी की पुष्टि के बाद ही महिलाएं यहां से हटी।
मासूम भीड़ में ढूंढ़ते रहे मां-बाप को
एक ओर हंगामा मचा हुआ था, वहीं दूसरी ओर प्रियंका के दोनों बेटे एंजल (5 वर्ष ) व आशु (2 वर्ष) रोते हुए भीड़ में अपने माता-पिता की तलाश करते रहे।
न तो उनको मां की मौत का पता था और न ही पिता के गिरफ्तार होने का। दोनों मासूम मां व पिता को पुकारते रहे। रोते हुए कहते रहे कि उनको मम्मी-पापा के पास जाना है। नानी निर्मल ने दोनों बच्चों को संभालना चाहा, लेकिन वे शांत नहीं हुए। बाद में प्रियंका के परिजन दोनों बच्चों को अपने साथ हांसी ले गए।
दीवारों पर लिख उतारा गुस्सा
आहत परिजनों ने जाते समय दीवारों पर लिख कर गुस्सा उतारा। परिजनों ने कोठी के बाहर लगाए गए शांति कुंज हाउस नेम प्लेट को पत्थर मार कर तोड़ने का प्रयास किया।
इस पर दहेज के लोभी लिखा गया। मकान के अंदर की दीवारों पर भी बेटी के हत्यारे, दहेज के लालची, बेटी को जान से मारने वाले... आदि बहुत कुछ लिखा गया। बाद में परिजन बेटी के शव का अंतिम संस्कार करने के लिए रवाना हो गए।