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Hisar News: विकास कार्यों में वन विभाग की शर्त नहीं बनेगी रोड़ा, बालसमंद में खरीदी जाएगी 160 एकड़ जमीन

Amar Ujala Bureau अमर उजाला ब्यूरो
Updated Fri, 03 Oct 2025 12:50 AM IST
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The forest department's conditions will not become an obstacle in development works; 160 acres of land will be purchased in Balsamand.
हिसार। अब विकास कार्यों में वन विभाग की शर्तें रोड़ा नहीं बनेंगी। प्रदेश सरकार ने समाधान के तौर पर लैंड बैंक बनाने का निर्णय लिया है। जिले के बालसमंद क्षेत्र में करीब 160 एकड़ निजी जमीन खरीदी जाएगी। इसे वन विभाग को दिया जाएगा, ताकि विकास कार्यों में पेड़ कटने की एवज में जमीन उपलब्ध करवाने की बाध्यता पूरी की जा सके।
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फिलहाल शहर के तीन बड़े प्रोजेक्ट वन विभाग से जमीन न मिलने की वजह से अटके हुए हैं। इनमें तोशाम रोड से कैमरी रोड तक सड़क निर्माण के लिए 3.7 एकड़ जमीन, राजगढ़ रोड फोरलेन करने के लिए 5.6 एकड़ और डाबड़ा माइनर सड़क प्रोजेक्ट के लिए 6.55 एकड़ जमीन वन विभाग ने मांगी है, लेकिन बीएंडआर विभाग के पास जमीन न होने से प्रोजेक्ट शुरू नहीं हो पा रहे।
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जमीन ढूंढने में लगता है समय
किसी भी विकास कार्य के दौरान पेड़ काटने की जरूरत पड़ती है तो संबंधित विभाग को वन विभाग से अनुमति लेनी होती है। इस प्रक्रिया में कटने वाले पेड़ों की लागत जमा करवाई जाती है और इसके साथ उतनी ही जमीन नए पौधे लगाने के लिए उपलब्ध करानी पड़ती है। संबंधित विभाग के पास जमीन न हो तो उन्हें दूसरी जगह से जमीन खरीदनी पड़ती है। इस प्रक्रिया में काफी समय बर्बाद हो जाता है और प्रोजेक्ट वर्षों तक अधर में लटक जाते हैं।
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तीन गांवों की जमीन देखी, दो रद्द करनी पड़ी
बीएंडआर ने जमीन उपलब्ध करवाने के लिए बासड़ा, डाया और तेलनवाली गांव की पंचायती जमीन देखी थी। तेलनवाली और डाया की पंचायत ने प्रस्ताव भी पास कर दिया था, लेकिन बाद में बासड़ा और तेलनवाली की जमीन रद्द करनी पड़ी। वजह यह रही कि यह जमीन जोहड़ और चारागाह की थी, जिसका उपयोग नियमानुसार अन्य कार्यों में नहीं हो सकता। वहीं डाया गांव की जमीन पर कब्जे होने के कारण मामला उलझ गया।
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9 साल में पूरा हुआ एक प्रोजेक्ट
वन विभाग को जमीन न मिलने के कारण बीएंडआर का महावीर कॉलोनी से सेक्टर 1-4 तक सड़क प्रोजेक्ट 9 साल तक अटका रहा। इस प्रोजेक्ट की घोषणा 2016 में तत्कालीन मुख्यमंत्री मनोहर लाल ने की थी। आखिरकार चरखी दादरी में जमीन उपलब्ध होने के बाद यह प्रोजेक्ट पूरा हो सका।

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प्रदेश सरकार ने विकास कार्यों को गति देने के लिए लैंड बैंक बनाने के निर्देश दिए हैं। इसी कड़ी में बालसमंद क्षेत्र में निजी जमीन खरीदी जाएगी। इससे भविष्य में वन विभाग को जमीन उपलब्ध कराने में किसी प्रकार की अड़चन नहीं आएगी। बासड़ा और तेलनवाली गांव की जमीन नियमानुसार रद्द कर दी गई है।
— जतिन खुराना, एक्सईएन, बीएंडआर।
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