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Hisar News: हकृवि के चारा अनुभाग को दूसरी बार राष्ट्रीय स्तर पर मिला सर्वश्रेष्ठ अनुसंधान केंद्र का अवाॅर्ड
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हिसार। चौधरी चरण सिंह हरियाणा कृषि विश्वविद्यालय के चारा अनुभाग को ज्वार फसल पर उत्कृष्ट अनुसंधानों के लिए लगातार दूसरी बार राष्ट्रीय स्तर पर वर्ष 2022-23 का सर्वश्रेष्ठ अनुसंधान केंद्र अवाॅर्ड प्रदान किया गया है। कुलपति प्रो. बीआर कांबोज ने बताया कि भारतीय श्रीअन्न अनुसंधान संस्थान हैदराबाद की ओर से आयोजित अखिल भारतीय समन्वित अनुसंधान परियोजना (ज्वार) की 53वीं वार्षिक समूह बैठक में यह अवाॅर्ड प्रदान किया गया।
कुलपति ने बताया कि विश्वविद्यालय के चारा अनुभाग ने हाल ही के वर्षों में ज्वार की उन्नत किस्मों के विकास, ज्वार में फास्फोरस व पोटाश जैसे पोषक तत्वों के प्रबंधन में बेहतरीन कार्य किया है। इसके साथ ही ज्वार-बरसीम फसल-चक्र की उत्पादन तकनीक विकसित करने, बहुवर्षीय ज्वार की समग्र सिफारिशें अनुमोदित करने के साथ ज्वार के बीज उत्पादन में बहुत सराहनीय कार्य किए हैं, जिनके दृष्टिगत ये अवाॅर्ड दिया गया है। इस अनुभाग ने अब तक ज्वार की 13 उन्नत किस्में विकसित की हैं। इनमें से सीएसवी-53 एफ किस्म, एचजेएच-1513 व एचजे-1514 हाल ही में विकसित की गई किस्में हैं। विश्वविद्यालय के अनुसंधान निदेशक डॉ. जीत राम शर्मा ने बताया कि इन तीनों किस्मों में प्रोटीन की मात्रा व पाचनशीलता अधिक होने के कारण ये पशुओं के लिए बहुत उत्तम हैं।
ज्वार की किस्म-- -औसत पैदावार- विशेषता-- - विकसित करने वाली टीम
सीएसवी 53 एफ - पैदावार::: 483 क्विंटल प्रति हेक्टेयर- विशेषता::: शूट फ्लाई, स्टेम बोरर, ग्रे-लीफ स्पॉट व शूटी स्ट्रिप प्रतिरोधी - विकसित करने वाली टीम:::::डॉ. पम्मी कुमारी, एसके पाहुजा, डीएस फोगाट, सतपाल, एन खरोड़, बीएल शर्मा एवं मनजीत सिंह।
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एचजेएच 1513 , एचजे 1514-पैदावार:::: 717 क्विंटल प्रति हेक्टेयर - विशेषता::::मीठी व जूसी किस्म, 8.6 प्रतिशत प्रोटीन व 53 प्रतिशत पाचनशीलता, पत्ती रोगों के प्रति प्रतिरोधी व शूट फ्लाई व स्टेम बोरर कीड़ों के प्रति सहनशील- टीम::::: डॉ. पी. कुमारी, डीएस फोगाट, सत्यवान आर्य, एसके पाहुजा, सतपाल, नीरज खरोड़, बजरंग लाल शर्मा, दलविंदर पाल सिंह, मनजीत सिंह व सरिता देवी।
एचजे 1514- 664 पैदावार:::: क्विंटल प्रति हेक्टेयर - विशेषता:::: अधिक प्रोटीन ,पत्ती रोग प्रतिरोधी व शूट फलाई - स्टेम बोरर के प्रति सहनशील- टीम::::: डॉ. पी. कुमारी, डीएस फोगाट, एस. आर्य, एसके पाहुजा, सतपाल, नीरज खरोड़, बजरंग लाल शर्मा, दलविंदर पाल सिंह, विनोद कुमार व सरिता देवी।
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कुलपति ने बताया कि विश्वविद्यालय के चारा अनुभाग ने हाल ही के वर्षों में ज्वार की उन्नत किस्मों के विकास, ज्वार में फास्फोरस व पोटाश जैसे पोषक तत्वों के प्रबंधन में बेहतरीन कार्य किया है। इसके साथ ही ज्वार-बरसीम फसल-चक्र की उत्पादन तकनीक विकसित करने, बहुवर्षीय ज्वार की समग्र सिफारिशें अनुमोदित करने के साथ ज्वार के बीज उत्पादन में बहुत सराहनीय कार्य किए हैं, जिनके दृष्टिगत ये अवाॅर्ड दिया गया है। इस अनुभाग ने अब तक ज्वार की 13 उन्नत किस्में विकसित की हैं। इनमें से सीएसवी-53 एफ किस्म, एचजेएच-1513 व एचजे-1514 हाल ही में विकसित की गई किस्में हैं। विश्वविद्यालय के अनुसंधान निदेशक डॉ. जीत राम शर्मा ने बताया कि इन तीनों किस्मों में प्रोटीन की मात्रा व पाचनशीलता अधिक होने के कारण ये पशुओं के लिए बहुत उत्तम हैं।
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ज्वार की किस्म
सीएसवी 53 एफ - पैदावार::: 483 क्विंटल प्रति हेक्टेयर- विशेषता::: शूट फ्लाई, स्टेम बोरर, ग्रे-लीफ स्पॉट व शूटी स्ट्रिप प्रतिरोधी - विकसित करने वाली टीम:::::डॉ. पम्मी कुमारी, एसके पाहुजा, डीएस फोगाट, सतपाल, एन खरोड़, बीएल शर्मा एवं मनजीत सिंह।
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एचजेएच 1513 , एचजे 1514-पैदावार:::: 717 क्विंटल प्रति हेक्टेयर - विशेषता::::मीठी व जूसी किस्म, 8.6 प्रतिशत प्रोटीन व 53 प्रतिशत पाचनशीलता, पत्ती रोगों के प्रति प्रतिरोधी व शूट फ्लाई व स्टेम बोरर कीड़ों के प्रति सहनशील- टीम::::: डॉ. पी. कुमारी, डीएस फोगाट, सत्यवान आर्य, एसके पाहुजा, सतपाल, नीरज खरोड़, बजरंग लाल शर्मा, दलविंदर पाल सिंह, मनजीत सिंह व सरिता देवी।
एचजे 1514- 664 पैदावार:::: क्विंटल प्रति हेक्टेयर - विशेषता:::: अधिक प्रोटीन ,पत्ती रोग प्रतिरोधी व शूट फलाई - स्टेम बोरर के प्रति सहनशील- टीम::::: डॉ. पी. कुमारी, डीएस फोगाट, एस. आर्य, एसके पाहुजा, सतपाल, नीरज खरोड़, बजरंग लाल शर्मा, दलविंदर पाल सिंह, विनोद कुमार व सरिता देवी।