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इंजन और चेसिस नंबर बदलकर वेटरनरी डॉक्टर को 2.35 लाख में बेच दी कार
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नारनौंद। क्षेत्र के गांव गुराना के वेटरनरी डॉक्टर से ठगी का मामला सामने आया है। कैथल के कार चोर गिरोह ने इंजन व चेसिस नंबर बदलकर वेटनरी डॉक्टर सुमित को ढाई लाख में कार बेच दी। सूचना मिलने पर कैथल सीआईए की टीम ने कार को जब्त कर लिया है। वहीं नारनौंद पुलिस ने तलवंडी राणा निवासी सोनू, आजाद नगर निवासी विशाल व भूप सिंह के खिलाफ विभिन्न धाराओं में केस दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
पुलिस के अनुसार कार खरीद के चार महीने बाद कैथल पुलिस सुमित के घर आई और कार को चोरी की बताकर जब्त कर अपने साथ ले गई। अजीब बात यह है कि सुमित को अब कार उसके पास न होते हुए भी उसके लोन की किस्त भरनी पड़ रही है। सुमित के अनुसार उसने अप्रैल में कार खरीदने की सोची थी और इस बारे में अस्पताल के चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी रामेश्वर ने बताया कि उसका बेटा सोनू कार खरीदने-बेचने का काम करता है और वह उनको गाड़ी दिलवा देगा। इसके बाद सोनू ने कार मालिक भूप सिंह व विशाल को बुलाकर 14 अप्रैल को स्विफ्ट डिजायर कार उसे दिलवा दी। फिर उसने 2 लाख 35 हजार रुपये फोन-पे और कैश उनको दे दिए। उसके बाद उसने गाड़ी को अपने नाम करवा लिया था। नाम होने के बाद उस पर डेढ़ लाख का बैंक से लोन ले लिया था। 20 जुलाई की रात करीब साढ़े 12 बजे कैथल सीआईए आरोपी विशाल को अपने साथ लेकर उसके घर पर आई और उसकी गाड़ी चोरी की बताई। इंजन और चेसिस नंबर बदलकर यह गाड़ी उसको बेची गई है।
चोर गिरोह की तलाश में हिसार की ऑटो मार्केट में भी मारे गए थे छापे
याद रहे कि कैथल पुलिस ने एक चोर गिरोह को पकड़ा था। जो हादसे में क्षतिग्रस्त गाड़ियों के चेसिस नंबर और इंजर काट कर दूसरी गाड़ियों में लगाकर बेचते थे। इस गिरोह का संबंध हिसार से भी था। सुबूत जुटाने के लिए बीते दिनों कैथल पुलिस ने हिसार की ऑटो मार्केट में भी छापे मारे थे। दुकान नंबर 484 पर डेंटिंग-पेंटिंग का काम करने वाले सलीम को गिरफ्तार किया था।
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वेटरनरी डॉक्टर के बयान पर सोनू, विशाल व भूप सिंह के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया है। कैथल सीआईए टीम कार को जब्त कर चुकी है। मामला की गहनता से जांच की जा रही है। - उमेद सिंह, थाना प्रभारी नारनौंद
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पुलिस के अनुसार कार खरीद के चार महीने बाद कैथल पुलिस सुमित के घर आई और कार को चोरी की बताकर जब्त कर अपने साथ ले गई। अजीब बात यह है कि सुमित को अब कार उसके पास न होते हुए भी उसके लोन की किस्त भरनी पड़ रही है। सुमित के अनुसार उसने अप्रैल में कार खरीदने की सोची थी और इस बारे में अस्पताल के चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी रामेश्वर ने बताया कि उसका बेटा सोनू कार खरीदने-बेचने का काम करता है और वह उनको गाड़ी दिलवा देगा। इसके बाद सोनू ने कार मालिक भूप सिंह व विशाल को बुलाकर 14 अप्रैल को स्विफ्ट डिजायर कार उसे दिलवा दी। फिर उसने 2 लाख 35 हजार रुपये फोन-पे और कैश उनको दे दिए। उसके बाद उसने गाड़ी को अपने नाम करवा लिया था। नाम होने के बाद उस पर डेढ़ लाख का बैंक से लोन ले लिया था। 20 जुलाई की रात करीब साढ़े 12 बजे कैथल सीआईए आरोपी विशाल को अपने साथ लेकर उसके घर पर आई और उसकी गाड़ी चोरी की बताई। इंजन और चेसिस नंबर बदलकर यह गाड़ी उसको बेची गई है।
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चोर गिरोह की तलाश में हिसार की ऑटो मार्केट में भी मारे गए थे छापे
याद रहे कि कैथल पुलिस ने एक चोर गिरोह को पकड़ा था। जो हादसे में क्षतिग्रस्त गाड़ियों के चेसिस नंबर और इंजर काट कर दूसरी गाड़ियों में लगाकर बेचते थे। इस गिरोह का संबंध हिसार से भी था। सुबूत जुटाने के लिए बीते दिनों कैथल पुलिस ने हिसार की ऑटो मार्केट में भी छापे मारे थे। दुकान नंबर 484 पर डेंटिंग-पेंटिंग का काम करने वाले सलीम को गिरफ्तार किया था।
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वेटरनरी डॉक्टर के बयान पर सोनू, विशाल व भूप सिंह के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया है। कैथल सीआईए टीम कार को जब्त कर चुकी है। मामला की गहनता से जांच की जा रही है। - उमेद सिंह, थाना प्रभारी नारनौंद