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Hisar News: जलभराव की मार...41 हजार एकड़ ज्यादा रकबा, फिर भी घट गई धान की पैदावार

Amar Ujala Bureau अमर उजाला ब्यूरो
Updated Tue, 18 Nov 2025 12:08 AM IST
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The blow of waterlogging... 41 thousand acres more area, yet rice production has decreased
हिसार। जिले में इस बार मानसून की बारिश से खेतों में जलभराव ने धान की पैदावार को बड़ा नुकसान पहुंचाया है। दर्जन भर गांवों में तो अब भी पानी भरा है और रबी सीजन की फसलों की बुवाई की कोई उम्मीद नहीं दिख रही। जिले में रिकॉर्ड 3 लाख 13 हजार एकड़ भूमि पर धान की बिजाई की गई थी, जो वर्ष 2024 के मुकाबले 41 हजार एकड़ ज्यादा है। खाद्य आपूर्ति व कृषि विभाग के अधिकारियों को 8,05,000 क्विंटल धान की पैदावार का अनुमान था, लेकिन मंडियों में अब तक 6,81,720 क्विंटल धान ही पहुंचा है। इस लिहाज से अनुमान से 1,23,280 क्विंटल धान की पैदावार कम रही। कपास में लगातार नुकसान से किसान धान की बिजाई करने लगे, लेकिन मौसम के दगा देने से भारी नुकसान हुआ है और अब तक मुआवजा भी नहीं मिला।
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जिले में पिछले पांच साल से कपास का एरिया लगातार कम और धान बिजाई का एरिया बढ़ रहा है। कपास में नुकसान की आशंका ज्यादा होने के कारण किसान धान की फसल अपना रहे हैं। यही वजह है कि इस बार धान की ही सबसे अधिक बिजाई की गई। पहली बार ऐसा हुआ कि जिले में कपास से ज्यादा धान का रकबा रहा। उम्मीद थी कि पैदावार 15 से 20 प्रतिशत ज्यादा रहेगी, लेकिन अब तक के आंकड़ों के हिसाब से पैदावार काफी कम मानी जा रही है। अक्तूबर में धान की पकाई से पहले तेज बारिश और ओलावृष्टि ने सबसे अधिक क्षति पहुंचाई। इससे पहले सितंबर के अंतिम पखवाड़े में रिकॉर्ड बारिश हुई, जिससे खेतों में पानी भर गया। कई जगह ड्रेन टूटने से खेतों में पानी भरा। कृषि विभाग के मुताबिक वर्ष 2024 में 2.72 लाख एकड़ भूमि पर धान की बिजाई की गई थी और 6,05,440 क्विंटल पैदावार हुई थी।
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2023 के मुकाबले भी कम
वर्ष 2023 में जिले में धान का एरिया 2 लाख 98 हजार एकड़ था। तब मंडियों में 7,86, 060 क्विंटल धान मंडियों में आया था। इस बार यह एरिया 3.13 लाख एकड़ होने के के बावजूद 6,81,720 क्विंटल धान ही पहुंचा है।
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जिले में इस बार 3 लाख 13 हजार एकड़ में धान की फसल थी। यह अब तक का सर्वाधिक रकबा है। कपास का एरिया लगातार कम हो रहा है। धान की अच्छी फसल होने की आस थी, लेकिन अक्तूबर की बारिश ने फसल को नुकसान पहुंचाया। - राजबीर सिंह, कृषि उपनिदेशक, हिसार
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मंडियों में धान की खरीद प्रक्रिया पूरी हो गई है। जे फार्म के अनुसार मंडियों में करीब 6,81,720 क्विंटल के करीब धान पहुंचा है। अब खरीद के वास्तविक आंकडे मांगे गए हैं। इस बार धान की आवक लक्ष्य के हिसाब से काफी कम रही है। - अमित शेखावत, जिला खाद्य आपूर्ति अधिकारी, हिसार

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इस बार कपास, धान व बाजरा में किसानों को भारी नुकसान हुआ है। धान की फसल से थोड़ी उम्मीद थी लेकिन बारिश ने पानी फेर दिया। बिजाई रकबा अधिक होने के बावजूद धान की पैदावार औसत से कम रही है। - दिलबाग सिंह हुड्डा, महासचिव, भारतीय किसान यूनियन
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