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Hisar News: एजेंसी आज से शुरू करेगी वैध कॉलोनियों के 47 अवैध टुकड़ों का सर्वे
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हिसार। शहर की वैध कॉलोनियों के 47 अवैध टुकड़ों को वैध करवाने के लिए एजेंसी बुधवार से सर्वे शुरू करेगी। एजेंसी ड्रोन के माध्यम से यह सर्वे करेगी, जिसमें करीब एक से डेढ़ माह का समय लगेगा। इस दौरान एजेंसी 1200 एकड़ क्षेत्र का सर्वे करेगी।
बता दें कि नगर निगम ने पहले खुद इन अवैध टुकड़ों का सर्वे कर रिपोर्ट मुख्यालय भेजी थी। मगर शहरी स्थानीय निकाय विभाग ने इस सर्वे रिपोर्ट को अधूरा बता दिया था। इसके बाद निगम ने मुख्यालय से नए सिरे से टेंडर लगाकर सर्वे करवाने या जिला नगर योजनाकार के लिए सर्वे करने वाली एजेंसी के रेट पर सर्वे करवाने की अनुमति मांगी थी। साथ निगम ने लिखा था कि उक्त एजेंसी सर्वे के लिए 850 रुपये प्रति एकड़ के रेट मांग रही है, जबकि उसने डीटीपी के लिए 150 रुपये प्रति एकड़ के हिसाब से सर्वे किया था। इस पर मुख्यालय ने 850 रुपये प्रति एकड़ के रेट से सर्वे करवाने की अनुमति दे दी। चूंकि नया टेंडर लगाने में समय लगता तो निगम ने डीटीपी वाली एजेंसी से ही इस सर्वे को करवाने का फैसला किया।
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ये समस्याएं आ रही आड़े... इन टुकड़ों के अवैध होने से इन हिस्सों में विकास कार्य नहीं हो पा रहे हैं। इनमें सड़कें टूटी पड़ी हैं। चूंकि ये टुकड़े अवैध हैं तो निगम यहां सड़क निर्माण नहीं करवा सकता। इसी तरह बिजली व सीवर व्यवस्था का भी यही हाल है। मकानों की रजिस्ट्री तक नहीं हो रही।
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बता दें कि नगर निगम ने पहले खुद इन अवैध टुकड़ों का सर्वे कर रिपोर्ट मुख्यालय भेजी थी। मगर शहरी स्थानीय निकाय विभाग ने इस सर्वे रिपोर्ट को अधूरा बता दिया था। इसके बाद निगम ने मुख्यालय से नए सिरे से टेंडर लगाकर सर्वे करवाने या जिला नगर योजनाकार के लिए सर्वे करने वाली एजेंसी के रेट पर सर्वे करवाने की अनुमति मांगी थी। साथ निगम ने लिखा था कि उक्त एजेंसी सर्वे के लिए 850 रुपये प्रति एकड़ के रेट मांग रही है, जबकि उसने डीटीपी के लिए 150 रुपये प्रति एकड़ के हिसाब से सर्वे किया था। इस पर मुख्यालय ने 850 रुपये प्रति एकड़ के रेट से सर्वे करवाने की अनुमति दे दी। चूंकि नया टेंडर लगाने में समय लगता तो निगम ने डीटीपी वाली एजेंसी से ही इस सर्वे को करवाने का फैसला किया।
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ये समस्याएं आ रही आड़े... इन टुकड़ों के अवैध होने से इन हिस्सों में विकास कार्य नहीं हो पा रहे हैं। इनमें सड़कें टूटी पड़ी हैं। चूंकि ये टुकड़े अवैध हैं तो निगम यहां सड़क निर्माण नहीं करवा सकता। इसी तरह बिजली व सीवर व्यवस्था का भी यही हाल है। मकानों की रजिस्ट्री तक नहीं हो रही।
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