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एजेंसी ने सौंपा क्लॉज थ्री नोटिस का जवाब, नगर निगम प्रशासन असंतुष्ट
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नगर निगम कार्यालय।
- फोटो : Hisar
हिसार। शहर में अमरूत योजना के तहत पेयजल लाइन बिछा रही एजेंसी ने निगम प्रशासन को क्लॉज थ्री के नोटिस का जवाब सौंप दिया है। मगर निगम प्रशासन इस जवाब से संतुष्ट नहीं है। इसके साथ ही निगम ने अब मुख्यालय से एजेंसी पर क्लॉज थ्री की कार्रवाई करने की अनुमति मांगी है। उधर एजेंसी की तरफ से निगम प्रशासन को दी गई डेडलाइन पूरी होने में अब सिर्फ 28 दिन बचे हैं, लेकिन अभी तक एजेंसी ने सातरोड़ में काम शुरू नहीं किया है।
बता दें कि अमरूत योजना के तहत शहर के विभिन्न वार्डों में 32 करोड़ की लागत से करीब 130 किलोमीटर की पेयजल लाइन बिछाई जानी थी। अक्तूबर 2018 में एजेंसी को काम का वर्क ऑर्डर जारी किया गया था और उसे यह काम मार्च 2020 तक पूरा करना था। मगर निर्धारित समय अवधि में एजेंसी काम को पूरा नहीं कर सकी। वहीं एजेंसी ने पिछले पांच महीने से सातरोड़ में लाइन बिछाने का काम बंद किया हुआ है।
एजेंसी ने यह दिया जवाब
एजेंसी का कहना है कि निगम प्रशासन ने समय पर उसे भुगतान नहीं किया। कई-कई महीनों तक उसके बिल लटकाए रखे। इसके अलावा निगम प्रशासन ने एजेंसी को वन विभाग व एनएचएआई से समय पर एनओसी नहीं दिलवाई। एजेंसी के इस जवाब पर निगम प्रशासन का कहना है कि उन्होंने एजेंसी के सभी बिलों का 30 से 45 दिन के भीतर भुगतान किया है। वहीं एनओसी के मामले में निगम का तर्क है कि एनओसी के लिए सभी जरूरी कागजात एजेंसी को ही तैयार करने हैं। अगर विभाग की तरफ से कोई ऑब्जेक्शन लगकर आता है तो उसे भी एजेंसी को ही ठीक करके देना है। वन विभाग से एनओसी के लिए उन्होंने वर्ष 2018 में ही आवेदन कर दिया था और अब विभाग ने पैसा जमा करवाने को कहा है।
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यह होगी क्लॉज थ्री के तहत कार्रवाई
क्लॉज थ्री के तहत एजेंसी का टेंडर रद्द कर बचे हुए काम का उसी लागत में दोबारा से टेंडर लगाया जाता है। अगर वह टेंडर निर्धारित लागत से ज्यादा में लगता है तो बढ़ी हुई लागत एजेंसी से ही वसूल की जाएगी। यही नहीं एजेंसी को ब्लैक लिस्ट भी किया जा सकता है। क्लॉज थ्री के तहत हुई कार्रवाई को लेकर एजेंसी को विभाग में अपील करने का मौका भी नहीं दिया जाता है। वह सिर्फ कोर्ट में ही इसके खिलाफ अपील कर सकती है।
130 में से 95 किलोमीटर की बिछाई पेयजल लाइन
अभी तक एजेंसी ने कुल 130 में से करीब 95 किलोमीटर की ही पेयजल लाइन बिछाई है। इसमें से सबसे ज्यादा 35 किलोमीटर की लाइन वार्ड 11 में बिछाई जानी थी, जिसमें भी अभी तक 20 किलोमीटर की लाइन ही बिछाई गई है। एजेंसी ने सातरोड़ में 30 अक्तूबर तक काम पूरा करने की बात कही थी। मगर स्थिति यह है कि एजेंसी ने काम शुरू ही नहीं किया है। यहां पिछले पांच माह से काम बंद पड़ा है।
वर्जन
एजेंसी ने क्लॉज थ्री के नोटिस पर अपना जवाब दे दिया है। मगर जवाब पूरी से तर्कहीन है। अब हमने मुख्यालय से एजेंसी के खिलाफ कार्रवाई करने की अनुमति देने की मांग की है।
संदीप धुंधवाल, एक्सईएन, नगर निगम
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बता दें कि अमरूत योजना के तहत शहर के विभिन्न वार्डों में 32 करोड़ की लागत से करीब 130 किलोमीटर की पेयजल लाइन बिछाई जानी थी। अक्तूबर 2018 में एजेंसी को काम का वर्क ऑर्डर जारी किया गया था और उसे यह काम मार्च 2020 तक पूरा करना था। मगर निर्धारित समय अवधि में एजेंसी काम को पूरा नहीं कर सकी। वहीं एजेंसी ने पिछले पांच महीने से सातरोड़ में लाइन बिछाने का काम बंद किया हुआ है।
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एजेंसी ने यह दिया जवाब
एजेंसी का कहना है कि निगम प्रशासन ने समय पर उसे भुगतान नहीं किया। कई-कई महीनों तक उसके बिल लटकाए रखे। इसके अलावा निगम प्रशासन ने एजेंसी को वन विभाग व एनएचएआई से समय पर एनओसी नहीं दिलवाई। एजेंसी के इस जवाब पर निगम प्रशासन का कहना है कि उन्होंने एजेंसी के सभी बिलों का 30 से 45 दिन के भीतर भुगतान किया है। वहीं एनओसी के मामले में निगम का तर्क है कि एनओसी के लिए सभी जरूरी कागजात एजेंसी को ही तैयार करने हैं। अगर विभाग की तरफ से कोई ऑब्जेक्शन लगकर आता है तो उसे भी एजेंसी को ही ठीक करके देना है। वन विभाग से एनओसी के लिए उन्होंने वर्ष 2018 में ही आवेदन कर दिया था और अब विभाग ने पैसा जमा करवाने को कहा है।
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यह होगी क्लॉज थ्री के तहत कार्रवाई
क्लॉज थ्री के तहत एजेंसी का टेंडर रद्द कर बचे हुए काम का उसी लागत में दोबारा से टेंडर लगाया जाता है। अगर वह टेंडर निर्धारित लागत से ज्यादा में लगता है तो बढ़ी हुई लागत एजेंसी से ही वसूल की जाएगी। यही नहीं एजेंसी को ब्लैक लिस्ट भी किया जा सकता है। क्लॉज थ्री के तहत हुई कार्रवाई को लेकर एजेंसी को विभाग में अपील करने का मौका भी नहीं दिया जाता है। वह सिर्फ कोर्ट में ही इसके खिलाफ अपील कर सकती है।
130 में से 95 किलोमीटर की बिछाई पेयजल लाइन
अभी तक एजेंसी ने कुल 130 में से करीब 95 किलोमीटर की ही पेयजल लाइन बिछाई है। इसमें से सबसे ज्यादा 35 किलोमीटर की लाइन वार्ड 11 में बिछाई जानी थी, जिसमें भी अभी तक 20 किलोमीटर की लाइन ही बिछाई गई है। एजेंसी ने सातरोड़ में 30 अक्तूबर तक काम पूरा करने की बात कही थी। मगर स्थिति यह है कि एजेंसी ने काम शुरू ही नहीं किया है। यहां पिछले पांच माह से काम बंद पड़ा है।
वर्जन
एजेंसी ने क्लॉज थ्री के नोटिस पर अपना जवाब दे दिया है। मगर जवाब पूरी से तर्कहीन है। अब हमने मुख्यालय से एजेंसी के खिलाफ कार्रवाई करने की अनुमति देने की मांग की है।
संदीप धुंधवाल, एक्सईएन, नगर निगम