फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Haryana ›   Hisar News ›   Tender invited for the fourth time

Hisar News: सेक्टर 14 पार्ट टू के पार्कों के टेंडर में लगातार दूसरी बार एजेंसी से मोलभाव पर अटकी बात, चौथी दफा लगा टेंडर

Thu, 17 Jul 2025 12:42 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, हिसार
संवाद न्यूज एजेंसी, हिसार Updated Thu, 17 Jul 2025 12:42 AM IST
विज्ञापन
Tender invited for the fourth time
हिसार। शहर के सेक्टर 14 पार्ट टू के पार्कों को विकसित करने के टेंडर में लगातार दूसरी बार एजेंसी के साथ मोलभाव पर बात अटक गई। इस कारण से हरियाणा शहरी विकास प्राधिकरण (एचएसवीपी) की बागवानी शाखा को चौथी दफा टेंडर लगाना पड़ा। ऐसे में एक बार फिर से पार्कों के लिए सेक्टरवासियों का इंतजार बढ़ गया है।
विज्ञापन

एचएसवीपी की तरफ से पहली बार टेंडर लगाने पर एक भी एजेंसी ने आवेदन नहीं किया था। वहीं दूसरी दफा टेंडर लगाने पर सबसे कम रेट भरने वाली एजेंसी को मोलभाव के लिए बुलाया गया, लेकिन वह एजेंसी नहीं आई। अब अधिकारियों ने तीसरा बार यह टेंडर लगाया था। मगर इस एजेंसी के साथ भी मोलभाव नहीं हो सका।
विज्ञापन

2 साल से टेंडर लगाने की प्रक्रिया जारी
एचएसवीपी ने सेक्टर 14 पार्ट टू के 6 पार्कों को विकसित करने के लिए सितंबर 2023 में करीब 1.43 करोड़ रुपये का एस्टीमेट मंजूर किया था। मगर तब से आज तक टेंडर ही सिरे नहीं चढ़ सका।
विज्ञापन
विज्ञापन


सेक्टरवासी 7 साल से कर रहे इंतजार
वर्ष 2017 में सेक्टर-14 पार्ट टू के प्लॉट का मालिकाना हक प्लॉटधारकों को दिया था। विभाग की तरफ से सेक्टर में छह पार्कों का प्रावधान किया गया है। मगर 7 साल बाद तक भी सेक्टर का एक भी पार्क विकसित नहीं किया गया। यहीं नहीं विभाग ने पार्क के सामने वाले प्लॉटधारकों से पार्क का अतिरिक्त शुल्क भी वसूला था। सेक्टरवासी लंबे समय से इन पार्कों को विकसित करने की मांग कर रहे थे। इसे लेकर वह मंत्री व विधायकों से भी मिल चुके थे।


70.92 लाख रुपये आएगी लागत

टेंडर के तहत इन पार्कों की ग्रिल के साथ चहारदीवारी और घूमने वाले गेट लगाने का कार्य किया जाएगा। कार्य पूरा होने के तीन साल तक ठेका लेने वाली एजेंसी को इसका निशुल्क रखरखाव भी करना होगा। एजेंसी को चार माह में इस कार्य को पूरा करना होगा। इन पार्कों को विकसित करने पर करीब 70.92 लाख रुपये की लागत आएगी।



एजेंसी मोलभाव करने के लिए तैयार नहीं हुई। हमारी तरफ से काफी प्रयास किए गए कि एजेंसी काम करने को तैयार हो जाए। आखिर में उच्चाधिकारियों ने टेंडर दोबारा से लगाने ही फैसला लिया। टेंडर खुल चुका है। तकनीकी बोली की जांच की जानी है।

- निधि भारद्वाज, एक्ससईएन, एचएसवीपी

लगातार दूसरी बार रेट के कारण ही टेंडर रिकॉल करना पड़ा है। इससे साफ होता है कि विभाग के रेट कम है। तभी ठेकेदार मोलभाव करने से मना कर रहे हैं। मगर अधिकारी इस बात को नहीं मान रहे हैं, जिससे सेक्टरवासियों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। प्रवीण सिंघल, प्रधान, आरडब्ल्यूए, सेक्टर 14 पार्ट टू
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed