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5 हजार रुपये रिश्वत लेने वाला तहसील समाज कल्याण अधिकारी दोषी करार, सजा 22 को
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हिसार। अंतरजातीय विवाह पर मिलने वाली अनुदान राशि की अदायगी पर रिश्वत मांगने के मामले में तहसील समाज कल्याण अधिकारी राजकुमार को मंगलवार को एडीजे वेदप्रकाश सिरोही की अदालत ने दोषी करार दिया है। सजा के लिए 22 जुलाई निर्धारित की गई है।
मामले के संबंध में 30 मार्च 2017 को स्टेट विजिलेंस ब्यूरो थाने में कैमरी निवासी ओमप्रकाश की शिकायत पर केस दर्ज हुआ था। ओमप्रकाश ने शिकायत में बताया था कि 19 मार्च 2016 को उसने कैमरी निवासी मंदीप से अंतरजातीय विवाह किया था। अंतरजातीय विवाह करने पर सरकार एक लाख 10 हजार रुपये अनुदान राशि देती है। जिस पर उसने तहसील समाज कल्याण विभाग में आवेदन किया था। जिस पर 19 मार्च 2017 को उसके खाते में 51 हजार रुपये आ गए थे। बाकी 50 हजार रुपये खाते में आने बकाया थे। ओमप्रकाश का आरोप था कि इस राशि की अदायगी पर तहसील समाज कल्याण अधिकारी राजकुमार ने उससे यह राशि उसके खाते में डलवाने पर 10 हजार रुपये रिश्वत मांगी थी। उसने असमर्थता जताई तो बाद में 5 हजार रुपये रिश्वत मांगी। जिसकी शिकायत ओमप्रकाश ने विजिलेंस थाने में दी थी। मामले में केस दर्ज कर जांच शुरू कर दी गई थी।
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मामले के संबंध में 30 मार्च 2017 को स्टेट विजिलेंस ब्यूरो थाने में कैमरी निवासी ओमप्रकाश की शिकायत पर केस दर्ज हुआ था। ओमप्रकाश ने शिकायत में बताया था कि 19 मार्च 2016 को उसने कैमरी निवासी मंदीप से अंतरजातीय विवाह किया था। अंतरजातीय विवाह करने पर सरकार एक लाख 10 हजार रुपये अनुदान राशि देती है। जिस पर उसने तहसील समाज कल्याण विभाग में आवेदन किया था। जिस पर 19 मार्च 2017 को उसके खाते में 51 हजार रुपये आ गए थे। बाकी 50 हजार रुपये खाते में आने बकाया थे। ओमप्रकाश का आरोप था कि इस राशि की अदायगी पर तहसील समाज कल्याण अधिकारी राजकुमार ने उससे यह राशि उसके खाते में डलवाने पर 10 हजार रुपये रिश्वत मांगी थी। उसने असमर्थता जताई तो बाद में 5 हजार रुपये रिश्वत मांगी। जिसकी शिकायत ओमप्रकाश ने विजिलेंस थाने में दी थी। मामले में केस दर्ज कर जांच शुरू कर दी गई थी।
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