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Hisar News: तकनीकी प्रकाश से युवाओं के हुनर को मिलेगा नया आकाश
Fri, 10 Jul 2026 12:48 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, हिसार
संवाद न्यूज एजेंसी, हिसार
Updated Fri, 10 Jul 2026 12:48 AM IST
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हिसार। नई शिक्षा के दौर में ज्ञान के साथ कौशल को महत्व देते हुए केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (सीबीएसई) ने विद्यार्थियों के लिए तकनीकी सीख के नए अवसर तैयार किए हैं। कक्षा 8वीं से 12वीं तक के छात्र अब 19 डिजिटल स्किल पाठ्यक्रमों के माध्यम से आधुनिक तकनीकों से परिचित होंगे। कक्षा में तकनीकी प्रकाश से हुनर का नया आकाश देने की यह पहल विद्यार्थियों को बदलते रोजगार बाजार की आवश्यकताओं के अनुरूप तैयार करने के साथ उन्हें आत्मनिर्भर बनने की दिशा में आगे बढ़ाएगी।
सीबीएसई कोऑर्डिनेटर नीरू ने बताया कि सभी कोर्स पूरी तरह ऑनलाइन संचालित होंगे। विद्यार्थी अपनी सुविधा के अनुसार इनका अध्ययन कर सकेंगे। सभी पाठ्यक्रम हिंदी और अंग्रेजी दोनों भाषाओं में उपलब्ध होंगे जिससे ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों के विद्यार्थियों को समान अवसर मिलेंगे। बोर्ड ने सभी संबद्ध विद्यालयों को इन कोर्सों की जानकारी विद्यार्थियों तक पहुंचाने और अधिकाधिक छात्रों को इनमें नामांकन के लिए प्रेरित करने के निर्देश दिए हैं।
इन पाठ्यक्रमों का विकास राष्ट्रीय शैक्षिक अनुसंधान एवं प्रशिक्षण परिषद (एनसीईआरटी) तथा विभिन्न तकनीकी संस्थानों के सहयोग से किया गया है। पाठ्यक्रम में डिजिटल तकनीकों का व्यावहारिक ज्ञान शामिल किया गया है जिससे विद्यार्थियों की तकनीकी समझ और कौशल विकसित हो सके।
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15 से 100 घंटे तक होगी कोर्स की अवधि :
कोर्स की अवधि 15 से 100 घंटे तक होगी। विद्यार्थी अपनी रुचि और आवश्यकता के अनुसार किसी भी पाठ्यक्रम का चयन कर सकेंगे। प्रवेश के लिए उन्हें सीबीएसई के डिजिटल पब्लिकेशन पोर्टल पर पंजीकरण करना होगा जहां सभी उपलब्ध कोर्सों की जानकारी दी जाएगी। नई शिक्षा नीति के अनुरूप शुरू की गई यह पहल विद्यार्थियों को एआई, प्रोग्रामिंग, डेटा और साइबर सिक्योरिटी जैसे उभरते क्षेत्रों की प्रारंभिक समझ प्रदान करेगी, जिससे उन्हें उच्च शिक्षा, प्रतियोगी परीक्षाओं और भविष्य के रोजगार के अवसरों में लाभ मिलेगा।
सीबीएसई कोऑर्डिनेटर नीरू ने बताया कि सभी कोर्स पूरी तरह ऑनलाइन संचालित होंगे। विद्यार्थी अपनी सुविधा के अनुसार इनका अध्ययन कर सकेंगे। सभी पाठ्यक्रम हिंदी और अंग्रेजी दोनों भाषाओं में उपलब्ध होंगे जिससे ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों के विद्यार्थियों को समान अवसर मिलेंगे। बोर्ड ने सभी संबद्ध विद्यालयों को इन कोर्सों की जानकारी विद्यार्थियों तक पहुंचाने और अधिकाधिक छात्रों को इनमें नामांकन के लिए प्रेरित करने के निर्देश दिए हैं।
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इन पाठ्यक्रमों का विकास राष्ट्रीय शैक्षिक अनुसंधान एवं प्रशिक्षण परिषद (एनसीईआरटी) तथा विभिन्न तकनीकी संस्थानों के सहयोग से किया गया है। पाठ्यक्रम में डिजिटल तकनीकों का व्यावहारिक ज्ञान शामिल किया गया है जिससे विद्यार्थियों की तकनीकी समझ और कौशल विकसित हो सके।
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15 से 100 घंटे तक होगी कोर्स की अवधि :
कोर्स की अवधि 15 से 100 घंटे तक होगी। विद्यार्थी अपनी रुचि और आवश्यकता के अनुसार किसी भी पाठ्यक्रम का चयन कर सकेंगे। प्रवेश के लिए उन्हें सीबीएसई के डिजिटल पब्लिकेशन पोर्टल पर पंजीकरण करना होगा जहां सभी उपलब्ध कोर्सों की जानकारी दी जाएगी। नई शिक्षा नीति के अनुरूप शुरू की गई यह पहल विद्यार्थियों को एआई, प्रोग्रामिंग, डेटा और साइबर सिक्योरिटी जैसे उभरते क्षेत्रों की प्रारंभिक समझ प्रदान करेगी, जिससे उन्हें उच्च शिक्षा, प्रतियोगी परीक्षाओं और भविष्य के रोजगार के अवसरों में लाभ मिलेगा।