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अनुसंधान के लिए विद्यार्थियों को प्रेरित करें शिक्षक : प्रो. कांबोज
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गुजविप्रौवि हिसार में विज्ञान उत्सव के समापन समारोह में प्रतियोगिताओं के विजेता विद्यार्थियों क
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हिसार। विज्ञान के बिना किसी भी देश की प्रगति संभव नहीं। शिक्षकों को स्कूली विद्यार्थियों को खुलकर शोध करने के लिए प्रेरित करना होगा। स्कूल स्तर पर लैब की समुचित व्यवस्था करनी होगी। यह बात चौधरी चरण सिंह हरियाणा कृषि विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. बीआर कांबोज ने कही। वे वीरवार को गुरु जम्भेश्वर विश्वविद्यालय के चौधरी रणबीर सिंह सभागार में आयोजित विज्ञान उत्सव के समापन अवसर पर बतौर मुख्य अतिथि विद्यार्थियों को संबोधित कर रहे थे।
जीजेयू के कुलपति प्रो. नरसी राम बिश्नोई मुख्य संरक्षक के रूप में उपस्थित रहे। इस दौरान मॉडल प्रदर्शनी की स्कूली श्रेणी में ओपी जिंदल मॉडर्न स्कूल हिसार के होनहार और कॉलेज स्तर पर बरवाला राजकीय महाविद्यालय के विद्यार्थियों ने बाजी मारी। इस मौके पर कुलसचिव डाॅ. विजय कुमार, एसपीएसटीआई के सचिव प्रो. केया धर्मवीर, साइंस उत्सव की नोडल ऑफिसर डीन एफपीएसटी प्रो. सुजाता सांघी व एसपीएसटीआई के अध्यक्ष धर्मवीर सिंह आदि उपस्थित रहे।
6 पहिये का बनाया मार्स रोवर, चंद्रतल पर कैसे करता है काम समझाया
11वीं नॉन मेडिकल कक्षा के छात्र दिवाकर ने बताया कि चंद्रयान-3 मिशन में भारत के मार्स रोवर को दुनिया ने न्यूज में और टेलीविजन पर देखा। असल में मार्स रोवर ने चंद्रतल पर कैसे काम किया, उसे कम ही लोग जानते हैं। इसी को समझाने के लिए 4 दिन में छह पहिये का मार्स रोवर मॉडल बनाया, जोकि पूरी तरह से अल्ट्रा सेंसरयुक्त के साथ एक्सटेंशन बोर्ड निर्मित है। इसमें एक बार ही टारगेट को सेट किया जाता है। बाकी कार्य मार्स रोवर स्वत: ही करता है। इस मॉडल का प्रयोग सीक्रेट मिशन में सेना भी करती है, जोकि स्वत: टारगेट को सर्च कर उसे नष्ट कर देता है और सुरक्षित अपने स्थान पर पहुंच जाता है।
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घुमावदार पहाड़ियों में नहीं होंगे हादसे, सामने से वाहन आने के 60 सेकेंड पहले बजेगा अलार्म
एफसी कॉलेज की बीएससी द्वितीय वर्ष की छात्रा रविना ने बताया कि उसने आईआर सेंसरयुक्त एप्लीकेशन तैयार की है, जिसके माध्यम से घुमावदार पहाड़ियों के बीच रास्ते से अगर एक कार गुजर रही है तो रास्ते के किनारे लगे आईआर सेंसरयुक्त अलार्म बता देगा कि सामने से भी अन्य वाहन तेजी से आ रहा है। इसलिए ये वाहन की स्पीड कम करने के लिए चालक को सचेत करेगा। इससे सड़क हादसों में गिरावट आने की संभावना है।
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मॉडल प्रदर्शनी के विजेता
स्कूल श्रेणी : ओपी जिंदल मॉडर्न स्कूल हिसार के विवेन गोयल, सना, मनास गोयल, आरव शर्मा की टीम प्रथम।
- राजकीय स्कूल दयाल सिंह कॉलोनी हांसी के हैप्पी, रौनक, पीएमश्री स्कूल गंगवा की हिमांशी व महक, एसएंडटी जीएसएस डोभी के अनश व विशान, राजकी स्कूल समैण के सागर, आदर्श हाई स्कूल आदमपुर की एकता व करीना की टीम द्वितीय।
कॉलेज श्रेणी : राजकीय महाविद्यालय बरवाला के संजय कुमार, कॉलेज ऑफ फिशरी साइंस, सीसीएस हरियाणा कृषि विश्वविद्यालय हिसार की सुहानी, अवनीश, लवीश शरण, मोहित, अजय, जय सैनी, कार्तिक व दीपक की टीम संयुक्त रूप से प्रथम।
- सीआरएम जाट महाविद्यालय हिसार की तनवी, सोनिका, उमंग व जसविंद्र की टीम द्वितीय।
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जीजेयू के कुलपति प्रो. नरसी राम बिश्नोई मुख्य संरक्षक के रूप में उपस्थित रहे। इस दौरान मॉडल प्रदर्शनी की स्कूली श्रेणी में ओपी जिंदल मॉडर्न स्कूल हिसार के होनहार और कॉलेज स्तर पर बरवाला राजकीय महाविद्यालय के विद्यार्थियों ने बाजी मारी। इस मौके पर कुलसचिव डाॅ. विजय कुमार, एसपीएसटीआई के सचिव प्रो. केया धर्मवीर, साइंस उत्सव की नोडल ऑफिसर डीन एफपीएसटी प्रो. सुजाता सांघी व एसपीएसटीआई के अध्यक्ष धर्मवीर सिंह आदि उपस्थित रहे।
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6 पहिये का बनाया मार्स रोवर, चंद्रतल पर कैसे करता है काम समझाया
11वीं नॉन मेडिकल कक्षा के छात्र दिवाकर ने बताया कि चंद्रयान-3 मिशन में भारत के मार्स रोवर को दुनिया ने न्यूज में और टेलीविजन पर देखा। असल में मार्स रोवर ने चंद्रतल पर कैसे काम किया, उसे कम ही लोग जानते हैं। इसी को समझाने के लिए 4 दिन में छह पहिये का मार्स रोवर मॉडल बनाया, जोकि पूरी तरह से अल्ट्रा सेंसरयुक्त के साथ एक्सटेंशन बोर्ड निर्मित है। इसमें एक बार ही टारगेट को सेट किया जाता है। बाकी कार्य मार्स रोवर स्वत: ही करता है। इस मॉडल का प्रयोग सीक्रेट मिशन में सेना भी करती है, जोकि स्वत: टारगेट को सर्च कर उसे नष्ट कर देता है और सुरक्षित अपने स्थान पर पहुंच जाता है।
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घुमावदार पहाड़ियों में नहीं होंगे हादसे, सामने से वाहन आने के 60 सेकेंड पहले बजेगा अलार्म
एफसी कॉलेज की बीएससी द्वितीय वर्ष की छात्रा रविना ने बताया कि उसने आईआर सेंसरयुक्त एप्लीकेशन तैयार की है, जिसके माध्यम से घुमावदार पहाड़ियों के बीच रास्ते से अगर एक कार गुजर रही है तो रास्ते के किनारे लगे आईआर सेंसरयुक्त अलार्म बता देगा कि सामने से भी अन्य वाहन तेजी से आ रहा है। इसलिए ये वाहन की स्पीड कम करने के लिए चालक को सचेत करेगा। इससे सड़क हादसों में गिरावट आने की संभावना है।
मॉडल प्रदर्शनी के विजेता
स्कूल श्रेणी : ओपी जिंदल मॉडर्न स्कूल हिसार के विवेन गोयल, सना, मनास गोयल, आरव शर्मा की टीम प्रथम।
- राजकीय स्कूल दयाल सिंह कॉलोनी हांसी के हैप्पी, रौनक, पीएमश्री स्कूल गंगवा की हिमांशी व महक, एसएंडटी जीएसएस डोभी के अनश व विशान, राजकी स्कूल समैण के सागर, आदर्श हाई स्कूल आदमपुर की एकता व करीना की टीम द्वितीय।
कॉलेज श्रेणी : राजकीय महाविद्यालय बरवाला के संजय कुमार, कॉलेज ऑफ फिशरी साइंस, सीसीएस हरियाणा कृषि विश्वविद्यालय हिसार की सुहानी, अवनीश, लवीश शरण, मोहित, अजय, जय सैनी, कार्तिक व दीपक की टीम संयुक्त रूप से प्रथम।
- सीआरएम जाट महाविद्यालय हिसार की तनवी, सोनिका, उमंग व जसविंद्र की टीम द्वितीय।