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शिक्षा बोर्ड सचिव के साथ बातचीत बेनतीजा
भिवानी/ब्यूरो
Updated Tue, 26 Nov 2013 08:44 PM IST
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12वीं की उत्तर पुस्तिकाओं के मूल्यांकन के लिए हरियाणा विद्यालय शिक्षा बोर्ड द्वारा किए जा रहे प्रयास सिरे नहीं चढ़ रहे हैं। मंगलवार को हरियाणा स्कूल लेक्चरर्स के राज्य स्तरीय प्रतिनिधिमंडल के साथ हुई बैठक भी बेनतीजा रही। हसला प्रतिनिधि अपनी मांगों पर अड़े रहे। इसलिए बातचीत किसी नतीजे पर नहीं पहुंच पाई और बोर्ड सचिव को बस इतना ही कहना पड़ा कि उनकी मांगें सरकार तक भेज दी जाएंगी।
मंगलवार को हरियाणा विद्यालय शिक्षा बोर्ड सचिव डॉ. अंशज सिंह ने हसला के 11 सदस्यीय प्रदेश स्तरीय प्रतिनिधिमंडल को बुलाया था। प्रतिनिधिमंडल का नेतृत्व हसला के प्रदेश अध्यक्ष दयानंद दलाल कर रहे थे। प्रतिनिधिमंडल में हसला के प्रदेश अध्यक्ष के अलावा रामकिशन यादव, राजेंद्र शर्मा, पवन मौर, श्रीकांत शर्मा, बजरंगलाल, जयवीर सिंह, रमेश मल्हान, शारीरिक संघ के राजेश ढांडा और प्रदीप कुमार शामिल थे।
लड़ाई शिक्षा बोर्ड से नहीं, सरकार से है
हसला के प्रदेश अध्यक्ष दयानंद दलाल और जिला अध्यक्ष रमेश मल्हान ने बताया कि उनकी लड़ाई हरियाणा सरकार से है। सचिव डॉ. अंशज सिंह ने उनको बुलाया था, इसलिए उन्होंने बैठक में हिस्सा लिया। हम बोर्ड का सम्मान करते हैं लेकिन उनकी असल लड़ाई हरियाणा सरकार से है। जब तक उनकी मांग पूरी नहीं हो जाती मूल्यांकन का बहिष्कार जारी रहेगा। इसके लिए चाहे कितना ही संघर्ष क्यों न करना पड़ जाए।
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ये हैं स्कूल लेक्चरर्स की प्रमुख मांगें
हसला के राज्य प्रधान के अनुसार 5400 का ग्रेड पे, नेट और पीएचडी क्लीयर को कॉलेज कैडर में जगह देने और प्राचार्य के पद पर प्रमोशन उनकी मुख्य मांगें हैं। 20 अप्रैल 2011 से वे इनके पूरा होने का इंतजार कर रहे हैं। लेकिन सरकार उनको हर बार टरका रही है जबकि खुद मुख्यमंत्री और शिक्षा मंत्री इन मांगों को पूरा करने का आश्वासन दे चुके हैं। शिक्षा मंत्री अब भी उनकी मांग पूरी करने की बात कह रही हैं तो उनको लागू क्यों नहीं किया जा रहा है।
प्रदेश के स्कूलों में शिक्षण कार्य ठप
प्रदेश भर के स्कूल लेक्चरर्स मंगलवार को सामूहिक अवकाश पर रहे। ऐसे में मंगलवार को स्कूलों में शिक्षण कार्य ठप रहा। प्रदेश भर के करीब साढ़े बारह हजार स्कूल लेक्चरर्स ने सामूहिक अवकाश लिया। हसला के राज्य प्रधान दयानंद दलाल ने बताया कि बुधवार को भी उनका सामूहिक अवकाश रहेगा।
बोर्ड सचिव बोले, बातचीत में नहीं हुई प्रोग्रेस
हरियाणा विद्यालय शिक्षा बोर्ड सचिव डॉ. अशंज सिंह ने बताया कि स्कूल लेक्चरर्स प्रतिनिधिमंडल को बातचीत के लिए बुलाया गया था। 12वीं की उत्तर पुस्तिकाओं के मूल्यांकन को लेकर उनसे बातचीत हुई लेकिन कोई प्रोग्रेस नहीं हुई। फिर भी उनके प्रयास जारी है। उम्मीद है मूल्यांकन कार्य जल्द शुरू होगा। बच्चाें के हित को देखते हुए शिक्षकों को मूल्यांकन कार्य जल्द करना चाहिए। उन्होंने बताया कि स्कूल लेक्चरर्स ने जो मांगें उनको बताई हैं उनकी मांगाें को सरकार तक भेज दिया जाएगा।
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मंगलवार को हरियाणा विद्यालय शिक्षा बोर्ड सचिव डॉ. अंशज सिंह ने हसला के 11 सदस्यीय प्रदेश स्तरीय प्रतिनिधिमंडल को बुलाया था। प्रतिनिधिमंडल का नेतृत्व हसला के प्रदेश अध्यक्ष दयानंद दलाल कर रहे थे। प्रतिनिधिमंडल में हसला के प्रदेश अध्यक्ष के अलावा रामकिशन यादव, राजेंद्र शर्मा, पवन मौर, श्रीकांत शर्मा, बजरंगलाल, जयवीर सिंह, रमेश मल्हान, शारीरिक संघ के राजेश ढांडा और प्रदीप कुमार शामिल थे।
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लड़ाई शिक्षा बोर्ड से नहीं, सरकार से है
हसला के प्रदेश अध्यक्ष दयानंद दलाल और जिला अध्यक्ष रमेश मल्हान ने बताया कि उनकी लड़ाई हरियाणा सरकार से है। सचिव डॉ. अंशज सिंह ने उनको बुलाया था, इसलिए उन्होंने बैठक में हिस्सा लिया। हम बोर्ड का सम्मान करते हैं लेकिन उनकी असल लड़ाई हरियाणा सरकार से है। जब तक उनकी मांग पूरी नहीं हो जाती मूल्यांकन का बहिष्कार जारी रहेगा। इसके लिए चाहे कितना ही संघर्ष क्यों न करना पड़ जाए।
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ये हैं स्कूल लेक्चरर्स की प्रमुख मांगें
हसला के राज्य प्रधान के अनुसार 5400 का ग्रेड पे, नेट और पीएचडी क्लीयर को कॉलेज कैडर में जगह देने और प्राचार्य के पद पर प्रमोशन उनकी मुख्य मांगें हैं। 20 अप्रैल 2011 से वे इनके पूरा होने का इंतजार कर रहे हैं। लेकिन सरकार उनको हर बार टरका रही है जबकि खुद मुख्यमंत्री और शिक्षा मंत्री इन मांगों को पूरा करने का आश्वासन दे चुके हैं। शिक्षा मंत्री अब भी उनकी मांग पूरी करने की बात कह रही हैं तो उनको लागू क्यों नहीं किया जा रहा है।
प्रदेश के स्कूलों में शिक्षण कार्य ठप
प्रदेश भर के स्कूल लेक्चरर्स मंगलवार को सामूहिक अवकाश पर रहे। ऐसे में मंगलवार को स्कूलों में शिक्षण कार्य ठप रहा। प्रदेश भर के करीब साढ़े बारह हजार स्कूल लेक्चरर्स ने सामूहिक अवकाश लिया। हसला के राज्य प्रधान दयानंद दलाल ने बताया कि बुधवार को भी उनका सामूहिक अवकाश रहेगा।
बोर्ड सचिव बोले, बातचीत में नहीं हुई प्रोग्रेस
हरियाणा विद्यालय शिक्षा बोर्ड सचिव डॉ. अशंज सिंह ने बताया कि स्कूल लेक्चरर्स प्रतिनिधिमंडल को बातचीत के लिए बुलाया गया था। 12वीं की उत्तर पुस्तिकाओं के मूल्यांकन को लेकर उनसे बातचीत हुई लेकिन कोई प्रोग्रेस नहीं हुई। फिर भी उनके प्रयास जारी है। उम्मीद है मूल्यांकन कार्य जल्द शुरू होगा। बच्चाें के हित को देखते हुए शिक्षकों को मूल्यांकन कार्य जल्द करना चाहिए। उन्होंने बताया कि स्कूल लेक्चरर्स ने जो मांगें उनको बताई हैं उनकी मांगाें को सरकार तक भेज दिया जाएगा।