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Hisar News: कस्तूरबा गांधी बालिका विद्यालयों में शिक्षक और वार्डन बनेंगे काउंसलर, मानसिक स्वास्थ्य पर राष्ट्रीय स्तर की ट्रेनिंग में डॉ. शिल्पा बेनीवाल व पूनम को मिला प्रतिनिधित्व

Amar Ujala Bureau अमर उजाला ब्यूरो
Updated Sun, 23 Nov 2025 12:36 AM IST
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Teachers and wardens at Kasturba Gandhi Balika Vidyalayas will become counselors; Dr. Shilpa Beniwal and Poonam got representation in the national-level training on mental health
अजमेर के केंद्र के बाहर मौजूद ​पीजीटी साइकोलॉजी पूनम व अन्य।
हिसार। देशभर में किशोरियों के मानसिक स्वास्थ्य और भावनात्मक सशक्तिकरण को बढ़ावा देने के लिए राष्ट्रीय शैक्षिक अनुसंधान और प्रशिक्षण परिषद (एनसीईआरटी) ने कस्तूरबा गांधी बालिका विद्यालयों (केजीबीवी) में शिक्षकों और वार्डनों को काउंसलर के रूप में प्रशिक्षित करने की योजना बनाई है।
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इसके तहत छात्राओं की मनोवैज्ञानिक जरूरतों की पहचान कर उन्हें समाधान उपलब्ध कराया जाएगा।
17 से 21 नवंबर तक राजस्थान के अजमेर में राष्ट्रीय स्तर का गाइडेंस और काउंसिलिंग प्रशिक्षण आयोजित किया गया, जिसमें हिसार की बीआरपी साइकोलॉजी डॉ. शिल्पा बेनीवाल और पीजीटी साइकोलॉजी पूनम ने हरियाणा का प्रतिनिधित्व किया। हरियाणा से कुल आठ प्रतिभागियों का चयन किया गया था। प्रशिक्षण में हरियाणा, पंजाब, हिमाचल प्रदेश, राजस्थान और जम्मू-कश्मीर के चयनित प्रतिभागी शामिल हुए।
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एनसीईआरटी के राष्ट्रीय सर्वे में लगभग 5,500 छात्राओं के डेटा विश्लेषण में पाया गया कि छात्राएं सामाजिक, पारिवारिक, आर्थिक और भावनात्मक चुनौतियों से जूझ रही हैं, जिससे उनके मानसिक स्वास्थ्य और शैक्षणिक प्रदर्शन पर असर पड़ रहा है। प्रशिक्षकों ने बताया कि केजीबीवी की छात्राएं वंचित और कमजोर वर्गों से आती हैं, जिनके लिए मनोवैज्ञानिक सहयोग अत्यंत आवश्यक है।
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डॉ. शिल्पा बेनीवाल ने बताया कि राष्ट्रीय शिक्षा नीति (एनईपी-2020) में शिक्षक को काउंसलर की भूमिका भी दी गई है। इस ट्रेनिंग के माध्यम से शिक्षक और वार्डन प्रारंभिक स्तर पर छात्राओं की समस्याओं को समझकर मार्गदर्शन दे सकेंगे। गंभीर मामलों में विशेषज्ञ काउंसलर की मदद ली जाएगी। प्रतिभागियों को प्रतिदिन 9 बजे से 5:30 बजे तक लगभग 8.5 घंटे गहन प्रशिक्षण दिया गया। इसमें एनसीईआरटी के प्रो. अशोक कुमार और डॉ. रेखा रानी के मार्गदर्शन में मनोवैज्ञानिक तकनीकें, केस स्टडी, व्यवहार प्रबंधन और भावनात्मक समर्थन के अभ्यास कराए गए।


पटेल नगर के राजकीय स्कूल की पीजीटी साइकोलॉजी पूनम ने बताया कि प्रशिक्षित प्रतिभागियों को मास्टर ट्रेनर के रूप में तैयार किया गया है, जो अब हरियाणा में शिक्षकों और वार्डनों को प्रशिक्षित करेंगे। डॉ. शिल्पा ने कहा कि यह पहल किशोरियों के मानसिक स्वास्थ्य संरक्षण और बेहतर शैक्षणिक वातावरण की दिशा में महत्वपूर्ण कदम साबित होगी।
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