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Hisar News: ऋषि नगर श्मशान घाट का सर्वे करने के लिए गुरुग्राम से आया सर्वेयर
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हिसार। गुरुग्राम का एक सर्वेयर सोमवार को ऋषि नगर श्मशान घाट का सर्वे करने पहुंचा। श्मशान भूमि समिति के पदाधिकारियों की मानें तो यह नगर निगम का सर्वेयर था। पदाधिकारियों का कहना है कि उन्होंने जो श्मशान भूमि का नक्शा बनवाया है, वह उसी के अनुरूप निर्माण करवाएंगे। इसे लेकर वह दशहरे के बाद निकाय मंत्री से भी मुलाकात करेंगे। उधर मेयर गौतम सरदाना का स्पष्ट कहना है कि अगर निगम इस प्रोजेक्ट को लेता है, तो टेंडर प्रक्रिया से ही इसे सिरे चढ़ाया जाएगा।
बता दें कि ऋषि नगर श्मशान घाट का आधुनिकीकरण किया जाना है। श्मशान भूमि समिति का कहना है कि नगर निगम उनकी तरफ से बनवाए गए नक्शे के मुताबिक ही निर्माण करवाए। वहीं निगम प्रशासन का यह कहना है कि टेंडर प्रक्रिया से ही इस प्रोजेक्ट को पूरा किया जाएगा।
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यह कहना है समिति का
समिति प्रधान महावीर सैनी ने बताया कि उन्होंने 10 लाख रुपये खर्च कर देश के जाने-माने कंसलटेंट से इसका नक्शा तैयार करवाया है। उनके कंसलटेंट ने इस प्रोजेक्ट को लेकर 10 करोड़ का एस्टीमेट बनाया है, जबकि निगम का कंसलटेंट इस पर 15 करोड़ रुपये का खर्च बता रहा है। उनकी मांग है कि निगम उनके नक्शे के मुताबिक ही निर्माण करवाए। अगर निगम उनकी बात नहीं मानता है, तो वह शहरवासियों के सहयोग से इस प्रोजेक्ट को सिरे चढ़ाएंगे। वह इसी मांग को लेकर निकाय मंत्री डॉ. कमल गुप्ता से भी मुलाकात करेंगे।
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यह कहना है मेयर का
मेयर गौतम सरदाना का कहना है कि हमने समिति को टेंडर के बारे में बताया था। बावजूद इसके उनकी एजेंसी ने टेंडर के लिए आवेदन नहीं किया। अगर यह प्रोजेक्ट निगम को दिया जाता है, तो टेंडर प्रक्रिया के माध्यम से ही इस पर कार्य शुरू किया जाएगा। कई पार्षद भी इसी के हक में हैं।
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बता दें कि ऋषि नगर श्मशान घाट का आधुनिकीकरण किया जाना है। श्मशान भूमि समिति का कहना है कि नगर निगम उनकी तरफ से बनवाए गए नक्शे के मुताबिक ही निर्माण करवाए। वहीं निगम प्रशासन का यह कहना है कि टेंडर प्रक्रिया से ही इस प्रोजेक्ट को पूरा किया जाएगा।
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यह कहना है समिति का
समिति प्रधान महावीर सैनी ने बताया कि उन्होंने 10 लाख रुपये खर्च कर देश के जाने-माने कंसलटेंट से इसका नक्शा तैयार करवाया है। उनके कंसलटेंट ने इस प्रोजेक्ट को लेकर 10 करोड़ का एस्टीमेट बनाया है, जबकि निगम का कंसलटेंट इस पर 15 करोड़ रुपये का खर्च बता रहा है। उनकी मांग है कि निगम उनके नक्शे के मुताबिक ही निर्माण करवाए। अगर निगम उनकी बात नहीं मानता है, तो वह शहरवासियों के सहयोग से इस प्रोजेक्ट को सिरे चढ़ाएंगे। वह इसी मांग को लेकर निकाय मंत्री डॉ. कमल गुप्ता से भी मुलाकात करेंगे।
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यह कहना है मेयर का
मेयर गौतम सरदाना का कहना है कि हमने समिति को टेंडर के बारे में बताया था। बावजूद इसके उनकी एजेंसी ने टेंडर के लिए आवेदन नहीं किया। अगर यह प्रोजेक्ट निगम को दिया जाता है, तो टेंडर प्रक्रिया के माध्यम से ही इस पर कार्य शुरू किया जाएगा। कई पार्षद भी इसी के हक में हैं।