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प्राध्यापक के तबादले पर छह घंटे बवाल
ओढ़ां (सिरसा)/ब्यूरो
Updated Mon, 02 Dec 2013 07:14 PM IST
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इतिहास के प्राध्यापक के तबादले को लेकर गांव पन्नीवालामोटा के राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय के छात्रों ने सोमवार सुबह कक्षाओं का बहिष्कार कर जमकर हंगामा किया। छात्रों ने स्कूल के मुख्यद्वार पर सुबह आठ बजे ताला जड़ दिया जो छह घंटे तक लटका रहा।
प्रदर्शनकारियों छात्रों को समझाने के लिए डीईओ को ढाई घंटा तक पसीना बहना पड़ा। उन्होंने आश्वासन दिया कि रिक्त पदों पर नियुक्ति को लेकर उच्चाधिकारियों को लिखा जाएगा।
सोमवार को विद्यार्थियों ने इतिहास के प्राध्यापक रणवीर सिंह का तबादला रद्द किए जाने की मांग पर कक्षाओं का बहिष्कार किया और स्कूल के मुख्यद्वार पर ताला डालकर नारेबाजी शुरू कर दी। सूचना पाकर ओढ़ंा पुलिस और सरपंच मौके पर पहुंचे और छात्रों को समझाने का प्रयास किया।
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छात्रों की मांग कि जब तक इतिहास के प्राध्यापक रणबीर सिंह का तबादला रद्द नहीं किया जाता तब तक प्रदर्शन जारी रहेगा। प्रदर्शनकारियों को थाना प्रभारी दलजीत सिंह बैनीवाल, सरपंच प्रतिनिधि दाता राम, प्रिंसिपल कृष्ण वर्मा आदि ने समझाने का काफी प्रयास किया लेकिन छात्र और नारेबाजी करने लगे। प्रिंसिपल कृष्ण वर्मा ने सामने ही फोन पर प्राध्यापक रणबीर से छात्रों की बात करवाई, लेकिन तब भी छात्र नहीं माने।
साढ़े तीन घंटे तक समझाने के बावजूद छात्रों के न मानने पर जिला शिक्षा अधिकारी कुमकुम ग्रोवर को मौके पर आना पड़ा। उन्होंने भी छात्रों को समझाने का प्रयास किया लेकिन छात्रों ने अपना प्रदर्शन जारी रखा।
प्रदर्शनकारी मेनपाल, सुनील, अनूप, मनोज, वकील, अक्षय, रोशनी देवी, पूनम, रीना, मंजू आदि ने बताया कि इतिहास के प्राध्यापक रणबीर सिंह का दो दिन पूर्व हुआ तबादला रद्द करते हुए उन्हें वापस यहां लाया जाए, पेयजल व्यवस्था दुरुस्त की जाए, पीटीआई की लापरवाही, हिंदी अध्यापक की नियुक्ति, कंप्यूटर अध्यापकों की लापरवाही, इंग्लिश टीचर का न होना, वाणिज्य का प्राध्यापक न होना आदि समस्याओं को हल किया जाए। इस पर डीईओ ने प्रिंसिपल और अन्य टीचरों की क्लास भी लगाई।
डीईओ ने कहा कि इतिहास प्राध्यापक रणबीर सिंह का तबादला चंडीगढ़ से हुआ है, उसमें वे कुछ नहीं कर सकती। उन्होंने छात्रों की मांग पर एक सप्ताह में तीन दिन इतिहास प्राध्यापक को प्रतिनियुक्ति पर भेजने की बात कही और हिंदी, वाणिज्य, अंग्रेजी आदि के रिक्त पदों पर कहा कि अन्य अध्यापक पाठ्यक्रम को पूरा करवाएंगे। ढाई घंटे तक चली लंबी जद्दोजहद के बाद छात्र माने और अपना प्रदर्शन समाप्त कर दिया।
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प्रदर्शनकारियों छात्रों को समझाने के लिए डीईओ को ढाई घंटा तक पसीना बहना पड़ा। उन्होंने आश्वासन दिया कि रिक्त पदों पर नियुक्ति को लेकर उच्चाधिकारियों को लिखा जाएगा।
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सोमवार को विद्यार्थियों ने इतिहास के प्राध्यापक रणवीर सिंह का तबादला रद्द किए जाने की मांग पर कक्षाओं का बहिष्कार किया और स्कूल के मुख्यद्वार पर ताला डालकर नारेबाजी शुरू कर दी। सूचना पाकर ओढ़ंा पुलिस और सरपंच मौके पर पहुंचे और छात्रों को समझाने का प्रयास किया।
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छात्रों की मांग कि जब तक इतिहास के प्राध्यापक रणबीर सिंह का तबादला रद्द नहीं किया जाता तब तक प्रदर्शन जारी रहेगा। प्रदर्शनकारियों को थाना प्रभारी दलजीत सिंह बैनीवाल, सरपंच प्रतिनिधि दाता राम, प्रिंसिपल कृष्ण वर्मा आदि ने समझाने का काफी प्रयास किया लेकिन छात्र और नारेबाजी करने लगे। प्रिंसिपल कृष्ण वर्मा ने सामने ही फोन पर प्राध्यापक रणबीर से छात्रों की बात करवाई, लेकिन तब भी छात्र नहीं माने।
साढ़े तीन घंटे तक समझाने के बावजूद छात्रों के न मानने पर जिला शिक्षा अधिकारी कुमकुम ग्रोवर को मौके पर आना पड़ा। उन्होंने भी छात्रों को समझाने का प्रयास किया लेकिन छात्रों ने अपना प्रदर्शन जारी रखा।
प्रदर्शनकारी मेनपाल, सुनील, अनूप, मनोज, वकील, अक्षय, रोशनी देवी, पूनम, रीना, मंजू आदि ने बताया कि इतिहास के प्राध्यापक रणबीर सिंह का दो दिन पूर्व हुआ तबादला रद्द करते हुए उन्हें वापस यहां लाया जाए, पेयजल व्यवस्था दुरुस्त की जाए, पीटीआई की लापरवाही, हिंदी अध्यापक की नियुक्ति, कंप्यूटर अध्यापकों की लापरवाही, इंग्लिश टीचर का न होना, वाणिज्य का प्राध्यापक न होना आदि समस्याओं को हल किया जाए। इस पर डीईओ ने प्रिंसिपल और अन्य टीचरों की क्लास भी लगाई।
डीईओ ने कहा कि इतिहास प्राध्यापक रणबीर सिंह का तबादला चंडीगढ़ से हुआ है, उसमें वे कुछ नहीं कर सकती। उन्होंने छात्रों की मांग पर एक सप्ताह में तीन दिन इतिहास प्राध्यापक को प्रतिनियुक्ति पर भेजने की बात कही और हिंदी, वाणिज्य, अंग्रेजी आदि के रिक्त पदों पर कहा कि अन्य अध्यापक पाठ्यक्रम को पूरा करवाएंगे। ढाई घंटे तक चली लंबी जद्दोजहद के बाद छात्र माने और अपना प्रदर्शन समाप्त कर दिया।