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Hisar News: बारिश में भी धरने पर विद्यार्थी, एचएयू बंद करने के लिए पांच टीमों का गठन
Mon, 30 Jun 2025 01:30 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, हिसार
संवाद न्यूज एजेंसी, हिसार
Updated Mon, 30 Jun 2025 01:30 AM IST
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हिसार में धरना स्थल पर भरे बारिश के पानी को निकालता छात्र।
हिसार। हरियाणा कृषि विश्वविद्यालय (एचएयू) में पिछले 20 दिन से आंदोलनरत विद्यार्थियों का पूरा दिन गेट नंबर चार पर धरनास्थल पर ही बीत रहा है। दिन और रात में गाना-बजाना कर मनोरंजन के बीच 2 जुलाई को प्रस्तावित विश्वविद्यालय बंद की रणनीति को सिरे चढ़ाया जा रहा है। इसके लिए 5 टीमों का गठन किया है।
प्रत्येक टीम किसान संगठनों के साथ मिलकर हर रोज 10 गांवों में लोगों से संपर्क कर बंद में शामिल होने की अपील कर रही है। छात्र चाहते हैं कि न्याय महापंचायत से ज्यादा भीड़ एकत्र हो। रविवार को रुक-रुक कर होती बारिश से छात्रों को परेशानी का सामना करना पड़ा, लेकिन वे वहीं डटे रहे। धरनास्थल पर पानी भरने पर मोटर और बाल्टियों के जरिये निकाला। आंदोलनकारी छात्रों का कहना है कि मेस बंद होने के बाद से वे धरनास्थल पर लंगर चला रहे हैं।
विश्वविद्यालय प्रशासन उन पर दबाव बनाने के उद्देश्य से घरों पर फोन कर माता-पिता को उन्हें घर बुलाने के लिए कह रहे हैं। मगर उनकी यह चाल भी उलटी पड़ गई है। आंदोलन की शुरुआत में ही छात्र-छात्राओं ने अपने अभिभावकों को पत्र भेजकर उन्हें पूरे घटनाक्रम और अपने निर्णय से अवगत करा दिया था। अभिभावक पहले से ही बच्चों के साथ खड़े हैं। दोपहर में क्रिएटिव एंसेंबल टीम प्रगति सिंह के नेतृत्व में धरने में शामिल हुईं। उन्होंने सरफरोशी की तमन्ना अब हमारे दिल में है..गीत को शास्त्रीय स्वरूप में प्रस्तुत कर छात्रों को जोश से भर दिया।
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प्रत्येक टीम किसान संगठनों के साथ मिलकर हर रोज 10 गांवों में लोगों से संपर्क कर बंद में शामिल होने की अपील कर रही है। छात्र चाहते हैं कि न्याय महापंचायत से ज्यादा भीड़ एकत्र हो। रविवार को रुक-रुक कर होती बारिश से छात्रों को परेशानी का सामना करना पड़ा, लेकिन वे वहीं डटे रहे। धरनास्थल पर पानी भरने पर मोटर और बाल्टियों के जरिये निकाला। आंदोलनकारी छात्रों का कहना है कि मेस बंद होने के बाद से वे धरनास्थल पर लंगर चला रहे हैं।
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विश्वविद्यालय प्रशासन उन पर दबाव बनाने के उद्देश्य से घरों पर फोन कर माता-पिता को उन्हें घर बुलाने के लिए कह रहे हैं। मगर उनकी यह चाल भी उलटी पड़ गई है। आंदोलन की शुरुआत में ही छात्र-छात्राओं ने अपने अभिभावकों को पत्र भेजकर उन्हें पूरे घटनाक्रम और अपने निर्णय से अवगत करा दिया था। अभिभावक पहले से ही बच्चों के साथ खड़े हैं। दोपहर में क्रिएटिव एंसेंबल टीम प्रगति सिंह के नेतृत्व में धरने में शामिल हुईं। उन्होंने सरफरोशी की तमन्ना अब हमारे दिल में है..गीत को शास्त्रीय स्वरूप में प्रस्तुत कर छात्रों को जोश से भर दिया।
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