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Hisar News: छात्र न्याय महापंचायत आज, किसान नेता राकेश टिकैत, युद्धबीर सिंह व गुरनाम सिंह चढ़ूनी पहुंचेंगे
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हिसार एच एयू के गेट नंबर 4 के बाहर छात्रों के साथ प्रदर्शन करते हैं विभिन्न संगठनों के कार्यकर्
हिसार। चौधरी चरण सिंह हरियाणा कृषि विश्वविद्यालय के आंदोलनरत विद्यार्थियों की मंगलवार को होने वाली छात्र न्याय महापंचायत में भारतीय किसान यूनियन के प्रवक्ता राकेश टिकैत, संयुक्त किसान मोर्चा के राष्ट्रीय सदस्य युद्धबीर सिंह व भारतीय किसान यूनियन के प्रदेशाध्यक्ष गुरनाम सिंह चढ़ूनी सहित अन्य हिस्सा लेंगे। सोमवार को 14वें दिन तेज बारिश के बाद भी विद्यार्थियों ने अपना धरना जारी रखा। विद्यार्थियों ने अपनी मांग को फिर से दोहराया कि हमारी पहली मांग कुलपति को हटाने की है। इसी मांग के लिए हम छात्र महापंचायत का आयोजन कर रहे हैं। हमने सभी विद्यार्थियों, कर्मचारियों, शिक्षकों से छात्र महापंचायत में पहुंचने का आह्वान किया है। छात्र न्याय महापंचायत एचएयू के गेट नंबर चार पर सुबह 10 बजे शुरू होगी।
विद्यार्थियों ने सोमवार को मीडिया के समक्ष आकर कहा कि हमारी पहले दिन से ही 8 मांगें हैं। उन्होंने कहा कि प्रदेश के शिक्षा मंत्री महिपाल ढांडा ने हमारे आंदोलन को लेकर गलत बयान दिए हैं। यह धरना किसी पार्टी का नहीं है। धरने के तीसरे दिन धरना स्थल पर आकर भाजपा विधायक रणधीर पनिहार ने समर्थन दिया था। इसके बाद दूसरे जजपा, इनेलो, कांग्रेस ने भी समर्थन दिया है।
मीडिया से बातचीत में विद्यार्थियों ने कहा आज के दिन देश में अपना अधिकार मांगना देशद्रोह हो गया है। हमारी तुलना ज्योति मल्होत्रा से की जा रही है। हमें इमोशनल फूल बताया जा रहा है। विद्यार्थियों ने कहा कि हम भले ही शारीरिक तौर पर स्वस्थ हों, लेकिन मानसिक तौर पर चोटिल जरूर हुए हैं। प्रदेश के शिक्षा मंत्री ऐसी कोई बात न कहें जिससे हमारा मनोबल कमजोर हों।
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बावल कैंपस से आए विद्यार्थियों ने कहा कि वहां हमारे प्राचार्य ने झूठ बोला कि एचएयू में धरना समाप्त हो गया है। वहां दबाव बनाया जा रहा था। बावल में धरना दे रहे सभी साथी एचएयू में आ गए हैं। परीक्षा देने वाले विद्यार्थियों की संख्या गलत बताई जा रही है। एक विद्यार्थी ने तीन पेपर दिए तो यूनिवर्सिटी प्रशासन उसे तीन बता रहा है। विद्यार्थियों का मनोबल कमजोर करने के लिए इस तरह से षड्यंत्र किए जा रहे हैं। बावल में केवल 10 विद्यार्थियों ने परीक्षा दी है।वह भी शिक्षकों या किसी दबाव में परीक्षा दे रहे हैं।
सभी छात्र संगठनों को आमंत्रित किया...
विद्यार्थियों ने कहा कि छात्रों का यह आंदोलन अब सिर्फ एक शैक्षणिक संस्था का मुद्दा नहीं रहा, बल्कि यह हर उस युवा की आवाज बन गया है जो अन्याय के खिलाफ खड़ा होना चाहता है। आंदोलनकारी छात्रों ने साफ कहा कि यह संघर्ष सिर्फ अपने लिए नहीं, आने वाली पीढ़ियों के अधिकारों की रक्षा के लिए है। छात्रों ने बताया कि 24 जून को विश्वविद्यालय परिसर में एक ऐतिहासिक न्याय महापंचायत होगी। इसकी तैयारियां पूरी हो चुकी हैं। इस छात्र महापंचायत में सभी छात्र संगठन भी हिस्सा लेंगे।
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विद्यार्थियों ने सोमवार को मीडिया के समक्ष आकर कहा कि हमारी पहले दिन से ही 8 मांगें हैं। उन्होंने कहा कि प्रदेश के शिक्षा मंत्री महिपाल ढांडा ने हमारे आंदोलन को लेकर गलत बयान दिए हैं। यह धरना किसी पार्टी का नहीं है। धरने के तीसरे दिन धरना स्थल पर आकर भाजपा विधायक रणधीर पनिहार ने समर्थन दिया था। इसके बाद दूसरे जजपा, इनेलो, कांग्रेस ने भी समर्थन दिया है।
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मीडिया से बातचीत में विद्यार्थियों ने कहा आज के दिन देश में अपना अधिकार मांगना देशद्रोह हो गया है। हमारी तुलना ज्योति मल्होत्रा से की जा रही है। हमें इमोशनल फूल बताया जा रहा है। विद्यार्थियों ने कहा कि हम भले ही शारीरिक तौर पर स्वस्थ हों, लेकिन मानसिक तौर पर चोटिल जरूर हुए हैं। प्रदेश के शिक्षा मंत्री ऐसी कोई बात न कहें जिससे हमारा मनोबल कमजोर हों।
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बावल कैंपस से आए विद्यार्थियों ने कहा कि वहां हमारे प्राचार्य ने झूठ बोला कि एचएयू में धरना समाप्त हो गया है। वहां दबाव बनाया जा रहा था। बावल में धरना दे रहे सभी साथी एचएयू में आ गए हैं। परीक्षा देने वाले विद्यार्थियों की संख्या गलत बताई जा रही है। एक विद्यार्थी ने तीन पेपर दिए तो यूनिवर्सिटी प्रशासन उसे तीन बता रहा है। विद्यार्थियों का मनोबल कमजोर करने के लिए इस तरह से षड्यंत्र किए जा रहे हैं। बावल में केवल 10 विद्यार्थियों ने परीक्षा दी है।वह भी शिक्षकों या किसी दबाव में परीक्षा दे रहे हैं।
सभी छात्र संगठनों को आमंत्रित किया...
विद्यार्थियों ने कहा कि छात्रों का यह आंदोलन अब सिर्फ एक शैक्षणिक संस्था का मुद्दा नहीं रहा, बल्कि यह हर उस युवा की आवाज बन गया है जो अन्याय के खिलाफ खड़ा होना चाहता है। आंदोलनकारी छात्रों ने साफ कहा कि यह संघर्ष सिर्फ अपने लिए नहीं, आने वाली पीढ़ियों के अधिकारों की रक्षा के लिए है। छात्रों ने बताया कि 24 जून को विश्वविद्यालय परिसर में एक ऐतिहासिक न्याय महापंचायत होगी। इसकी तैयारियां पूरी हो चुकी हैं। इस छात्र महापंचायत में सभी छात्र संगठन भी हिस्सा लेंगे।