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मां के निधन के बाद भी संघर्ष रखा जारी, शॉटपुट में बनाई वर्ल्ड रैंकिंग फर्स्ट

Amar Ujala Bureau अमर उजाला ब्यूरो
Updated Sun, 26 Dec 2021 01:12 AM IST
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Struggle continued even after mother's death, world ranking first in shot put
पैरा खिलाड़ी पूनम शर्मा को अभ्यास करवातीं कोच रींकू। संवाद - फोटो : Hisar
हिसार। सूर्य नगर की रहने वाली पैरा खिलाड़ी पूनम शर्मा ने मां के निधन के बाद भी हौसला नहीं तोड़ा। वर्ष 2017 में मां पूूजा के निधन के मात्र ढाई महीने बाद ही पूनम ने मैदान पर जाना शुरू कर दिया और पीछे मुड़कर नहीं देखा। हाल ही में बेंगलुरु में हुई इंडियन ओपन नेशनल पैरा एथलेटिक चैंपियनशिप में पूनम ने शॉटपुट व डिस्कस थ्रो में गोल्ड और जैवलिन थ्रो में रजत पदक जीता है। इसके साथ ही पूनम ने शॉटपुट में 7.23 मीटर गोला फेंककर वर्ल्ड रैंकिंग फर्स्ट बनाई है।।
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शनिवार शाम को पूनम ने मैदान पर मिठाई बांटकर कोच रिंकू व खिलाड़ियों के साथ खुशी मनाई। पूनम के पिता सुनील दत्त शर्मा सेक्टर-28 में फैक्टरी में कार्यरत हैं। कोच रिंकू ने बताया कि पूनम ने जहां एक ओर शॉटपुट में फस्ट वर्ल्ड रेंकिंग बनाई है, वहीं डिस्कस थ्रो और जैवलिन थ्रो में एशियन गेम्स की सेकंड रैंकिंग बनाई है। पूनम का कहना है कि अब वह कॉमनवेल्थ और एशियन गेम्स की तैयारी में जुट जाएगी। वह विद्युत नगर में कोच रिंकू के पास सुबह-शाम प्रशिक्षण ले रही है। पूनम के पदक जीतने व फस्ट वर्ल्ड रैंकिंग बनाने पर जिला खेल अधिकारी कृष्ण कुमार बेनीवाल, बिजली बोर्ड से स्पोर्ट्स अधिकारी रवींद्र पानू, वेटरनेरी सर्जन डॉ. संदीप मलिक, मास्टर एथलीट जोगीराम पानू सहित अन्य ने बधाई दी।
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इस तरह मिली पूनम को खेलने की प्रेरणा
पूनम शर्मा ने बताया कि उन्हें खेलने की प्रेरणा सूर्य नगर निवासी सुनील कुमार से मिली है। पूनम पैरों से ठीक से नहीं चल पाती हैं। वह बताती हैं कि एक दिन की बात है कि वह सुनील कुमार से जॉब के फार्म भरवा रही थीं, लेकिन माता के निधन के बाद वह परेशान रहने लगीं। मां के बिना घर भी सूना दिखाई देने लगा। इस दौरान जब पूनम सुनील के पास फॉर्म भरवाने पहुंची तो सुनील ने कहा कि आपको गेम शुरू करना चाहिए, ताकि आपका मन लगा रहे और खेल में आपका भविष्य बन जाए। उसके बाद सुनील मैदान पर उसे लेकर पहुंचा और पूनम ने प्रैक्टिस शुरू की।
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सुबह ग्राउंड पर छोड़ने आते हैं पिता
पूनम सुबह-शाम विद्युत नगर में अभ्यास करती है। पूनम को सुबह पिता सुनील दत्त शर्मा छोड़ने आते हैं और शाम को वह ऑटो से जाती है। पूनम का कहना है कि अब उसका सपना एशियन व कॉमनवेल्थ गेम्स में स्वर्ण पदक जीतने का है। इसके लिए वह सुबह-शाम मैदान पर पसीना बहाएगी। वहीं पूनम ने मार्चा 2021 में नेशनल पैरा एथलेटिक के इवेंट शॉटपुट में रजत पदक जीता था।
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