सुरक्षित होंगी सड़कें, गोशाला लेंगी 840 गाय
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लावारिस पशुओं के कारण सड़कों पर होने वाले हादसों में लगाम लगाने के लिए प्रशासन प्रयासों में लगा हुआ है। निगम जहां लावारिस पशुओं को पकड़ने के काम पर लगा है, वहीं अब गोशालाओं ने भी इसमें अपनी भागीदारी बढ़ाई है। सड़कों पर लावारिस घूम रही गायों को गोशालाओं में भेजने के लिए नगर निगम व प्रशासनिक अधिकारियों ने शनिवार को गोशाला संचालकों के साथ उपायुक्त कार्यालय के बैठक कक्ष में बैठक की। बैठक में एसडीएम अशोक बंसल ने गोशाला संचालकों से बातचीत कर गायों की जिम्मेवारी उठाने की बात कही। आठ गोशाला संचालकों ने 840 गाय लेने की हां की है।
नगर निगम एक्सईएन रामजीलाल व सचिव राजेश महता ने बताया कि जल्द ही उपायुक्त द्वारा जिले भर के गोशाला संचालकों के साथ बैठक की जाएगी। बैठक में गोशाला संचालकों ने नगर निगम की मदद के लिए भी हां की है। उन्होंने कहा है कि पशु पकड़वाने के लिए वे अपनी तीन से चार गाड़ियां उपलब्ध करवा देंगे। बैठक में एसडीएम अशोक बंसल, नंद किशोर गोयंका, एक्सईएन रामजीलाल, एमई जगदीश, सचिव राजेश मेहता के साथ-साथ गोशाला संचालक उपस्थित रहे।
इन गोशालाओं ने ली जिम्मेवारी
बैठक में गांव तलवड़ी सालीग्राम गोशाला ने 150 गायों की, हरियाणा गोशाला ने 200, लाडवा गोशाला ने 30, बालसमंद गोशाला ने 50, नियाणा में शिव ग्राम गोशाला ने 50, डोभी गोशाला ने 300, उकलाना गोशाला ने 30 गायों की जिम्मेवारी ली है। प्रशासनिक अधिकारियों के सामने इन गोशाला संचालकों ने कहा कि सरकार कुछ सहयोग करें तो ठीक है वरना हम बिना सहयोग के भी इन गायों को लेने के लिए तैयार हैं।
5 और 11 हजार का जुर्माना
एक्सईएन रामजीलाल ने बताया है कि शहर में अगर कोई गाय निगम की टीम द्वारा पकड़ ली जाती है तो उसके मालिक पर पहले 5 हजार रुपये जुर्माना लगेगा। गाय को टैग लगा दिया जाएगा। दोबारा पकड़ी गई तो मालिक को 11 हजार रुपये जुर्माना लगेगा। अगर तीसरी बार पकड़ी गई तो वह गाय छोड़ी ही नहीं जाएगी।
30 सांडों को पकड़ पशुबाड़े में भेजा
नगर निगम की टीम ने शनिवार को मॉडल टाउन व सिविल लाइन क्षेत्र से लावारिस पशुओं को पकड़ने का अभियान चलाते हुए 30 सांडों को काबू किया। इन सांडों को धांसू रोड स्थित पशुबाड़े में भेजा गया है। अभी तक नगर निगम की टीम ने 120 से अधिक पशु पकड़ लिए हैं।
20 महीने बाद रखी गो अभयारण्य की आधारशिला
लावारिस पशुओं की समस्या से निजात दिलाने के लिए शहर में गो अभयारण्य बनाया जाना है। भाजपा सरकार बनने पर सीएम मनोहरलाल खट्टर ने 29 दिसंबर 2014 को पहली घोषणा हिसार में गो अभयारण्य बनाने की करी थी। इसके करीब 20 महीने बाद 9 सितंबर को प्रदेश के कृषि मंत्री ओपी धनखड़ ने गो अभयारण्य की आधारशिला रखी। राजकीय पशुधन केंद्र की ओर से नगर निगम को दी गई 50 एकड़ जमीन पर गो अभ्यारण्य बनाया जाएगा। हालांकि गो अभयारण्य के लिए अभी बजट नहीं मिला है।
डीसी ने ली थी बैठक
पिछले सप्ताह डीसी निखिल गजराज ने अधिकारियों की बैठक ली थी, जिसमें अधिकारियों को 20 दिन में शहर को लावारिस पशु से मुक्त करने का निर्देश दिया था। इसके बाद अधिकारी गायों को गोशाला भेजने के लिए काम कर रहे हैं। शहर के पकडे़ गए नंदी फिलहाल अस्थायी पशु बाडे़ में रखे जाएंगे।
हिसार में 13218 लावारिस पशु
प्रदेश के कृषि मंत्री ओपी धनखड़ ने 31 अगस्त को विधानसभा में जवाब देते हुए बताया था कि वर्ष 2012 में पशुओं की गणना की गई थी, जिसमें हिसार जिले में करीब 13218 लावारिस पशु हैं। लावारिस पशुओं में मामले में हिसार दूसरे नंबर पर है। सबसे अधिक बेसहारा पशु भिवानी जिले में करीब 15 हजार से अधिक हैं। पूरे हरियाणा में करीब 1.17 लाख से अधिक पशु हैं।
दो साल में 16 की जान ले ली
लावारिस पशु पिछले करीब दो साल में 16 लोगों की जान जाने का कारण बन चुके हैं। चार लोगों की मौत पिछले एक माह में ही हो चुकी है। करीब 40 से अधिक लोगों को लावारिस पशुओं के कारण हुए हादसों के कारण अस्पताल पहुंचना पड़ा है। लावारिस पशुओं से मौत के मामले में लोगों ने पब्लिक यूटिलिटी कोर्ट में केस भी दायर किया था। वकील अमित परूथी ने इस मामले में डीसी, एसपी, मेयर सहित अन्य को लीगल नोटिस भी भेजे हैं।
अस्थायी बाड़े में पशुओं का बुरा हाल
नगर निगम की ओर से धांसू रोड पर पशुओं के लिए अस्थायी बाड़ा बनाया गया है। इस बाडे़ में सैकड़ों की संख्या में पशु हैं। निगम की ओर से पशुओं के चारे के लिए मदद नहीं मिलने के कारण पशुओं की हालत खराब है। यहां पशुओं के लिए पिछले करीब डेढ़ साल से चारा का प्रबंध सामाजिक संगठनों की ओर से ही किया जा रहा है।