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Hindi News ›   Haryana ›   Hisar News ›   Stood at the front of the bus stand in public safety from crime questions

बस स्टैंड के सामने सरेआम वारदात से सुरक्षा पर खड़े हुए सवाल

Sun, 06 Jul 2014 11:44 PM IST
hisar
hisar Updated Sun, 06 Jul 2014 11:44 PM IST
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 शहर में बदमाशों के हौसले इतने बुलंद हैं कि उन्हें पुलिस की भी परवाह नहीं है। बस स्टैंड के बाहर शनिवार रात सादी वर्दी में जब एक कांस्टेबल ने युवती से छेड़छाड़ कर रहे पांच बदमाशों को रोकना चाहा तो आरोपियों ने उसके ही सिर में ईंट दे मारी। सिविल लाइन थाने में तैनात कांस्टेबल संदीप सिर पर गहरी चोट लगने से वहीं बेहोश हो गया और आरोपी मौके से फरार हो गए।

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वहां पर मौजूद किसी भी व्यक्ति ने कांस्टेबल की मदद नहीं की। बाद में बस स्टैंड चौकी के कर्मचारियों ने घायल का सामान्य अस्पताल आया। शनिवार रात करीब सवा दस बजे हुई इस वारदात से बस स्टैंड के बाहर सुरक्षा पर सवालिया निशान खड़ा हो गया है।  
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पूरा वाकया बस स्टैंड के ठीक सामने का है। सिविल लाइन थाने में तैनात कांस्टेबल संदीप दस बजे अपनी ड्यूटी खत्म कर ऑटो से घर जा रहा था। वह बस स्टैंड पर पहुंचा वहां से उसे दूसरा ऑटो बदलकर नई पुलिस लाइन अपने क्वार्टर पर पहुंचना था। जैसे ही मेन बस स्टैंड के गेट के सामने उतरा तो एक युवती सहमी हुई उसके पास आकर रुक गई। युवती के पास पिट्ठू बैग था।
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पांच युवक शराब के नशे में उसके साथ छेड़छाड़ कर रहे थे। एक के हाथ में युवती की चुन्नी थी। लड़की ने कहा, सर ये लोग मेरे साथ छेड़छाड़ कर रहे हैं। इतना सुन कांस्टेबल संदीप ने उनमें से दो युवकों को पकड़ लिया। बाकी तीन भागने लगे। दोनों ने कहा अंकल गलती हो गई, माफ कर दो। भागने वाले तीनों युवक वापस मुड़ गए। इनमें से एक ने सड़क से ईंट उठाई और पीछे से कांस्टेबल के सिर में दे मारी।

 सामान्य अस्पताल में भर्ती कांस्टेबल ने कहा कि उसके बाद क्या हुआ उसे पता नहीं। बस स्टैंड पुलिस चौकी के कर्मचारियों ने बताया कि वे ही उसे सामान्य अस्पताल में उपचार के लिए लेकर आए थे। संदीप के सिर में 12 टांके आए हैं। पुलिस ने कांस्टेबल के बयान पर पांच युवकों के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया है।

किसी ने मदद नहीं की : संदीप
कांस्टेबल संदीप ने कहा कि उसने वर्दी का फर्ज निभाया है। एक पुलिस कर्मचारी या ऑफिसर का यही कर्म है कि उसके सामने अपराध हो रहा है तो उसे रोकने की कोशिश करे। दुख इस बात का है कि वहां मौजूद किसी व्यक्ति ने उसकी मदद नहीं की।


 यदि सभी जागरुकता का परिचय देते हुए बदमाशों का मुकाबला करते तो सभी पुलिस की गिरफ्त में होते। वहीं, जिस युवती को बचाते हुए यह झगड़ा हुआ, वह भी लापता है। यदि वह युवती आगे आती है तो उन बदमाशों के बारे में कोई सुराग मिल सकता है, जिससे पुलिस उन तक पहुंच सकती है।

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