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महिलाएं नेतृत्व भूमिका में आएंगी तो नए आयाम स्थापित होंगे : प्रो. सुदेश
Thu, 17 Jul 2025 12:36 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, हिसार
संवाद न्यूज एजेंसी, हिसार
Updated Thu, 17 Jul 2025 12:36 AM IST
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हिसार। भगत फूल सिंह महिला विश्वविद्यालय, खानपुर कलां, सोनीपत की कुलपति प्रो. सुदेश ने कहा है कि महिलाएं अपने कंफर्ट जॉन से बाहर से निकलें और जीवन की चुनौतियों को स्वीकार करें। अपनी ताकत को समझकर आगे बढ़ें और खुद में एक विश्वास पैदा करें। महिलाओं में नेतृत्व की अद्भुत क्षमता है। प्रो. सुदेश बुधवार को गुरु जंभेश्वर विश्वविद्यालय (जीजेयू) के मालवीय मिशन शिक्षक प्रशिक्षण केंद्र (एमएमटीटीसी) की ओर से शिक्षा जगत में महिला नेतृत्व विषय पर शुरू हुए तीन दिवसीय कार्यक्रम के उद्घाटन समारोह को बतौर मुख्यातिथि संबोधित कर रही थीं। समारोह की अध्यक्षता जीजेयू के कुलपति प्रो. नरसी राम बिश्नोई ने की।
कुलपति प्रो. नरसी राम बिश्नोई ने कहा है कि भारतीय सभ्यता में नारी को शक्ति कहा गया है। उन्होंने कहा कि भारती मिश्र, छठी सदी की विदुषी, जिन्होंने मिथिला में शंकराचार्य जैसे महान अद्वैत वेत्ता को शास्त्रार्थ में चुनौती दी और स्वयं उनके एवं मंडन मिश्र के मध्य निर्णायक बनीं। यह नारी नेतृत्व का ऐसा ऐतिहासिक प्रमाण है, जिसे भूलना स्वयं को भूलना होगा। एमएमटीटीसी की निदेशिका प्रो. सुनीता रानी ने कहा कि इस कार्यक्रम के माध्यम से प्रतिभागियों को अपनी नेतृत्व क्षमता को पहचानने का मौका मिलेगा।
कार्यक्रम की संयोजिका डॉ. अंजू गुप्ता ने कार्यक्रम की विस्तृत रूपरेखा प्रस्तुत की। उन्होंने बताया कि इस कार्यक्रम में विश्वविद्यालय तथा अन्य संस्थानों से 35 महिला प्रतिभागी शिक्षक भाग ले रहे हैं। इस अवसर पर एक पेड़ मां के नाम अभियान के तहत मुख्यातिथि प्रो.सुदेश व कुलपति प्रो. नरसी राम बिश्नोई ने पौधरोपण भी किया। इस अवसर पर प्रो. संजीव कुमार, प्रो. दलबीर सिंह, प्रो. सुजाता सांघी, प्रो. विशाल गुलाटी व प्रो. मनीष कुमार उपस्थित रहे।
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कुलपति प्रो. नरसी राम बिश्नोई ने कहा है कि भारतीय सभ्यता में नारी को शक्ति कहा गया है। उन्होंने कहा कि भारती मिश्र, छठी सदी की विदुषी, जिन्होंने मिथिला में शंकराचार्य जैसे महान अद्वैत वेत्ता को शास्त्रार्थ में चुनौती दी और स्वयं उनके एवं मंडन मिश्र के मध्य निर्णायक बनीं। यह नारी नेतृत्व का ऐसा ऐतिहासिक प्रमाण है, जिसे भूलना स्वयं को भूलना होगा। एमएमटीटीसी की निदेशिका प्रो. सुनीता रानी ने कहा कि इस कार्यक्रम के माध्यम से प्रतिभागियों को अपनी नेतृत्व क्षमता को पहचानने का मौका मिलेगा।
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कार्यक्रम की संयोजिका डॉ. अंजू गुप्ता ने कार्यक्रम की विस्तृत रूपरेखा प्रस्तुत की। उन्होंने बताया कि इस कार्यक्रम में विश्वविद्यालय तथा अन्य संस्थानों से 35 महिला प्रतिभागी शिक्षक भाग ले रहे हैं। इस अवसर पर एक पेड़ मां के नाम अभियान के तहत मुख्यातिथि प्रो.सुदेश व कुलपति प्रो. नरसी राम बिश्नोई ने पौधरोपण भी किया। इस अवसर पर प्रो. संजीव कुमार, प्रो. दलबीर सिंह, प्रो. सुजाता सांघी, प्रो. विशाल गुलाटी व प्रो. मनीष कुमार उपस्थित रहे।
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