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महिला हिंसा को खत्म करने के लिए सामाजिक बदलाव की आवश्यकता : डॉ. गुंजन बजाज

Wed, 27 Nov 2024 12:01 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, हिसार
संवाद न्यूज एजेंसी, हिसार Updated Wed, 27 Nov 2024 12:01 AM IST
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Social change needed to end violence against women: Dr. Gunjan Bajaj
एमएम शिक्षण महाविद्यालय में महिला हिंसा के उन्मूलन को लेकर आयोजित कार्यक्रम में उपस्थित छात्राए
फतेहाबाद। मनोहर मेमोरियल शिक्षण महाविद्यालय में महिलाओं के खिलाफ हिंसा के उन्मूलन के लिए अंतरराष्ट्रीय दिवस पर विशेष व्याख्यान का आयोजन किया गया। कॉलेज के वूमेन सेल द्वारा आयोजित कार्यक्रम में मुख्य वक्ता डॉ. गुंजन बजाज रही। उन्होंने कहा कि हमारे समाज में महिला हिंसा को खत्म करने के लिए शिक्षा, कानूनी सहायता, और सामाजिक बदलाव की आवश्यकता है।
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उन्होंने छात्राओं को महिला हिंसा के खिलाफ आवाज बुलंद करने और अपने अधिकारों के लिए आवाज उठाने का आह्वान किया। उन्होंने कॉलेज की छात्राओं को महिलाओं के अधिकारों के बारे में भी विस्तार से जानकारी देकर उन्हें जागरूक करने का प्रयास किया। डॉ. गुंजनने कहा कि महिलाओं के खिलाफ हिंसा को रोकने के लिए सभी को एकजुट होना होगा और इस दिशा में ठोस कदम उठाने होंगे। इस दिन हम महिलाओं के अधिकारों और उनके सम्मान की रक्षा के लिए सामूहिक प्रयासों को प्रेरित करने का कार्य करते हैं। विश्व भर में आज का दिन महिला हिंसा के खिलाफ अंतरराष्ट्रीय दिवस के रूप में मनाया जाता है।
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यह दिन विशेष रूप से महिलाओं के खिलाफ होने वाली हिंसा के मुद्दे को उजागर करने और इसके खिलाफ जागरूकता फैलाने के लिए समर्पित है। इस दिन की शुरुआत 1960 में डोमिनिकन रिपब्लिक में हुई थी, जब तीन बहनों पैट्रिया, मिरेबल और एंटोनिया मिराबल को तानाशाही शासन के खिलाफ संघर्ष करने के कारण हत्या कर दी गई थी। महिलाओं और लड़कियों के खिलाफ हिंसा आज दुनिया भर में सबसे व्यापक, लगातार और विनाशकारी मानवाधिकार उल्लंघनों में से एक है।
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चुप्पी, कलंक, शर्म, पीड़ितों के लिए सुरक्षा और निवारण की कमी के कारण यह काफी हद तक सामने नहीं आता है। संयुक्त राष्ट्र के अनुसार, दुनिया भर में लगभग तीन में से एक महिला और लड़की को हिंसा का सामना करना पड़ता है। इस अवसर पर डॉ. कमला जोशी, सुमनलता एवं अन्य स्टाफ सदस्य भी मौजूद रहे।
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