{"_id":"65b2a88b3f0e82efbf07afe7","slug":"six-daughters-of-mangali-are-showing-their-kicking-prowess-in-the-indian-womens-football-league-hisar-news-c-21-hsr1020-308250-2024-01-25","type":"story","status":"publish","title_hn":"Hisar News: इंडियन वुमन फुटबाल लीग में मंगाली की छह बेटियां दिखा रही किक का दम","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Hisar News: इंडियन वुमन फुटबाल लीग में मंगाली की छह बेटियां दिखा रही किक का दम
विज्ञापन
हिसार। इंडियन वूमन फुटबाल लीग में किक का दम दिखाती मंगाली की ममता
हिसार। इंडियन वुमन फुटबाल लीग में मंगाली की छह बेटियां किक का दम दिखा रही हैं। इनमें ममता, आरती, ज्योति, नेहा, रेणू और काजल शामिल हैं। ममता को तीन लाख रुपये में चुना गया है, वहीं अन्य बेटियाें को 50-50 हजार रुपये मिलेंगे। फुटबाल लीग ऑल इंडिया फुटबाल फेडरेशन की ओर से अलग-अलग जगह आयोजित कराया जा रहा है।
मंगाली की सभी बेटियां हॉप्स फुटबाल क्लब की ओर से खेल रही हैं। अब 29 जनवरी को बंगलुरू में किक स्टार्ट क्लब के साथ मुकाबला होगा। अब तक पांच मुकाबले खेल जा चुके हैं। इनमें से हॉप्स क्लब ने एक मैच जीता है। वहीं, एक मैच ड्राॅ रहा। बेटियों को यहां तक पहुंचाने में फिजिकल लेक्चरार सुखविंद्र कौर, फुटबाल कोच अश्वनी और नरेंद्र कुमार की अहम भूमिका रही है। फिजिकल लेक्चरार सुखविंद्र कौर ने घर-घर जाकर बेटियों के माता-पिता को समझाया और उन्हें इस मुकाम तक पहुंचाने में योगदान दिया।
फिलहाल सभी बेटियां मंगाली के गवर्नमेंट गर्ल्स सीनियर सेकेंडरी स्कूल में कोच नरेंद्र कुमार के पास प्रशिक्षण ले रही हैं। आज स्कूल में 100 से ज्यादा बेटियां देश के लिए पसीना बहा रही हैं। इन बेटियों ने राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पदक जीते हैं। 20 से ज्यादा बेटियों ने किक के दम पर खेल कोटे से सरकारी नौकरी पाई हैं। कोच नरेंद्र कुमार की मानें तो कुल 10 मैच होंगे। इनमें से पांच मैच हो चुके हैं। छठा मैच 29 जनवरी को होगा। 26 जनवरी को खिलाड़ी रवाना होंगे।
विज्ञापन
विज्ञापन
मंगाली की सभी बेटियां हॉप्स फुटबाल क्लब की ओर से खेल रही हैं। अब 29 जनवरी को बंगलुरू में किक स्टार्ट क्लब के साथ मुकाबला होगा। अब तक पांच मुकाबले खेल जा चुके हैं। इनमें से हॉप्स क्लब ने एक मैच जीता है। वहीं, एक मैच ड्राॅ रहा। बेटियों को यहां तक पहुंचाने में फिजिकल लेक्चरार सुखविंद्र कौर, फुटबाल कोच अश्वनी और नरेंद्र कुमार की अहम भूमिका रही है। फिजिकल लेक्चरार सुखविंद्र कौर ने घर-घर जाकर बेटियों के माता-पिता को समझाया और उन्हें इस मुकाम तक पहुंचाने में योगदान दिया।
विज्ञापन
फिलहाल सभी बेटियां मंगाली के गवर्नमेंट गर्ल्स सीनियर सेकेंडरी स्कूल में कोच नरेंद्र कुमार के पास प्रशिक्षण ले रही हैं। आज स्कूल में 100 से ज्यादा बेटियां देश के लिए पसीना बहा रही हैं। इन बेटियों ने राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पदक जीते हैं। 20 से ज्यादा बेटियों ने किक के दम पर खेल कोटे से सरकारी नौकरी पाई हैं। कोच नरेंद्र कुमार की मानें तो कुल 10 मैच होंगे। इनमें से पांच मैच हो चुके हैं। छठा मैच 29 जनवरी को होगा। 26 जनवरी को खिलाड़ी रवाना होंगे।
विज्ञापन