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डीईओ साहब! यहां बारिश आने पर कर दी जाती हैं बेटियों की छुट्टियां

Mon, 04 Jul 2016 12:43 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, हिसार
ब्यूरो/अमर उजाला, हिसार Updated Mon, 04 Jul 2016 12:43 AM IST
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Sisay Bolan government school, condem, Hisar
स्कूल में भरा पानी - फोटो : bureau

सरकार का बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ का नारा सिसाय बोलान के राजकीय कन्या प्राथमिक पाठशाला में झूठा साबित हो रहा है। पाठशाला में पढ़ने वाली 150 से अधिक छात्राओं पर मौत का खतरा मंडरा रहा है। वजह, स्कूल के जर्जर भवन की छत कभी भी गिर सकती है, लेकिन पिछले एक वर्ष से काफी बार शिकायत करने के बावजूद अभी तक स्कूल के जर्जर भवन की मरम्मत नहीं करवाई गई है।

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साथ ही स्कूल में पानी निकासी का भी उचित प्रबंध नहीं है। जिस कारण दो दिन हुई बारिश के कारण स्कूल में करीब दो फीट पानी भर गया। बरसात को देखते हुए शनिवार को ही बीच में ही छुट्टी करनी पड़ी।
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हर वर्ष रहती है यही स्थिति ः स्कूल की इंचार्ज शीला देवी ने बताया कि स्कूल में हर वर्ष ही मानसून के समय यह हाल रहता है। स्कूल का भवन पूरी तरह जर्जर अवस्था में है। पांच कमरों में से एक कमरे की छत टूट चुकी है और बाकी कमरों की छत भी गिरने के कगार पर है।
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शीला देवी ने बताया कि पिछले साल 22 जून को आई बारिश के कारण लगभग 100 फीट लंबी दीवार गिर गई थी, जिसे एक वर्ष से भी ज्यादा का समय हो गया, लेकिन विभाग ने आज तक इस दीवार को ठीक नहीं करवाया है।
स्कूल में घुस आते हैं पशु ः दीवार न होने के कारण स्कूल के भवन में गाय, सूअर इत्यादि लावारिस पशु आ जाते हैं, जिस कारण बच्चों की पढ़ाई में भी बाधा आती है।


 दीवारों के साथ स्कूल के बने कमरों की हालत भी खस्ता है। स्कूल में बने छह कमरों में से तीन की हालत तो अधिक खराब है। कमरों की दीवारों में भी दरारें आई हुई हैं। इनके साथ स्कूल के बीच के भवन की छत भी टूटी हुई है।


कई बार शिकायत करने के बाद भी सुनवाई नहीं
स्कूल द्वारा कई बार पत्र लिखकर दीवार और कमरों की स्थिति के बारे में विभाग को अवगत करवाया जा चुका है, लेकिन समस्या ज्यों की त्यों है, इतने दिन बीत जाने के बावजूद न तो स्कूल की दीवार को ही ठीक करवाया गया है और न ही कमरों की ही मरम्मत करवाई गई है। इस कारण बच्चों की पढ़ाई में भी बाधा आ रही है।

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