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कोरोना से संघर्ष के बीच स्टाफ की कमी से जूझ रहा विभाग

Wed, 07 Apr 2021 12:46 AM IST
Rohtak Bureau रोहतक ब्यूरो
Updated Wed, 07 Apr 2021 12:46 AM IST
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shortage of staff in health department
कुलदीप जांगड़ा
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हिसार। आज विश्व स्वास्थ्य दिवस है। कोरोना के बढ़ते संक्रमण के बीच स्वास्थ्य सुविधाओं की बेहद जरूरत है। जिला स्वास्थ्य विभाग कोरोना से संघर्ष करने के साथ ही स्टाफ की कमी से जूझ रहा है। इस समय जिले में एक तरफ टीकाकरण का काम चल रहा है और दूसरी तरफ कोरोना केस भी काफी बढ़ रहे हैं, मगर विभाग के पास कार्यबल उतनी ही है, जितना पहले था। यही स्टाफ टीकाकरण, अन्य बीमारियों का इलाज, सैंपलिंग आदि संभाल रहा है।
फिलहाल विभाग के पास होम आइसोलेट मरीजों की मॉनीटरिंग करने से लेकर सैंपलिंग बढ़ाने तक फील्ड टीम की कमी है। ऐसे में मरीजों को समय पर सहूलियत मिलना भी बेहद मुश्किल है। अबकी बार स्वास्थ्य विभाग को अन्य किसी विभाग का भी सहयोग नहीं है, फिर भी स्वास्थ्य विभाग कोरोना से अकेले जंग लड़ रहा है। पिछले साल लॉकडाउन के चलते जिला प्रशासन और अन्य विभागों के कर्मियों का काफी सहयोग मिला था। इससे विभाग को मरीजों की मॉनीटरिंग करने, हिस्ट्री जुटाने और मरीजों की देखभाल करने तक काफी मदद मिली थी। इसके बावजूद भी विभाग ने हिम्मत नहीं हारी है और स्वास्थ्य कर्मियों के भी हौसले बुलंद हैं। स्वास्थ्य विभाग ने आयुष विभाग से मदद मांगी है और उनसे कुछ आयुष चिकित्सक देने की मांग की है, ताकि मरीजों की मॉनीटरिंग करने और होम आइसोलेट के दौरान उपचार पहुंचाया जा सके। इस बारे में विभागीय अधिकारियों की एक बैठक भी हुई थी। अब विभाग का कहना है कि मरीजों को सुविधाएं देने के लिए हर संभव कदम उठाया जाएगा।
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कोरोना से निपटने के लिए यह बनाई जाएगी योजना
अब स्वास्थ्य विभाग की ओर से कोरोना से निपटने के लिए प्रत्येक एमओ व एसएमओ की क्षेत्र के हिसाब से ड्यूटी लगाई जाएगी। फिर जिस चिकित्सक के दायरे में क्षेत्र आता है, वही उस मरीज को होम आइसोलेट के दौरान उपचार देने एवं मॉनीटरिंग करने की जिम्मेदारी संभालेगा। इससे मैनपावर की कमी काफी हद तक दूर होगी और बाकी स्वास्थ्य सेवाएं भी प्रभावित नहीं होगी। (संवाद)
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दो कोविड-19 केयर सेंटर बनाए
- अभी विभाग ने दो कोविड-19 केयर सेंटर बनाए हैं, जहां पर व्यवस्थाएं की जा रही हैं। दो दिन में मरीजों को दाखिल करने के लिए व्यवस्था कर दी जाएंगी।
- अभी विभाग का रैंडम सैंपलिंग की बजाय कंटेनमेंट जोन में संक्रमित के संपर्क में आए ज्यादा से ज्यादा लोगों के सैंपल लिए जाएंगे।
अभी ये कमियां
- जिला नागरिक अस्पताल में डॉक्टरों के 55 पद हैं, जिनमें से अभी 40 डॉक्टर ही कार्यरत हैं।
- सैंपल लेने सहित अन्य कामों के लिए 4 फील्ड टीमें लगी हैं, जबकि वर्तमान स्थिति को देखते हुए 10 टीमें होनी चाहिए। यदि मरीज बढ़ते हैं तो टीमों की भी और जरूरत पड़ सकती है।
- 24 लैब टेक्नीशियन हैं, जरूरत 34 की है। इन्हीं में से पीएचसी और अन्य लैब को उपलब्ध करवाए गए हैं।
वैक्सीन लगवाने के बाद भी संक्रमण की चपेट में आते हैं तो वायरस कम असर करता है
सीएमओ डॉ. रत्ना भारती का कहना है कि इस समय ज्यादा से ज्यादा लोग वैक्सीन लगवाएं, ताकि कोरोना चेन को तोड़ा जा सके। अध्ययन के मुताबिक यदि वैक्सीन लगवाने के बाद कोई संक्रमण की चपेट में आता है तो वायरस कम असर करता है। वरना स्वास्थ्य के लिए घातक साबित हो सकता है।

मैनपावर की काफी कमी
फिलहाल मैनपावर की काफी कमी है। इस समय टीकाकरण और कोरोना का काम भी संभालना पड़ता है। आयुष विभाग से मदद मांगी है। पिछले साल लॉकडाउन के चलते अन्य विभागों के कर्मियों का सहयोग था, जिससे काफी आसानी हुई थी, मगर अब हमें सभी कार्यभार अकेले करने पड़ रहे हैं।
-डॉ. रत्ना भारती, सिविल सर्जन, हिसार।
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