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Hisar News: सामाजिक बहिष्कार पीड़ितों के समर्थन में अनुसूचित जाति संगठनों ने किया रोष प्रदर्शन
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हिसार लघु सचिवालय के बाहर प्रदर्शन करते अनुसूचित संगठनों के सदस्य । अमर उजाला
हिसार। अधिवक्ता रजत कल्सन के घर पर हांसी पुलिस का छापा, उनके परिजनों को धमकी देने व भाटला सामाजिक बहिष्कार के पीड़ितों के समर्थन में अनुसूचित संगठनों ने हिसार की सड़कों पर रोष प्रदर्शन किया। प्रदर्शनकारियों ने क्रांतिमान पार्क से लघु सचिवालय तक विरोध मार्च निकाला। प्रदेश सरकार व पुलिस प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी कर रोष जताया। लघु सचिवालय में जनपरिवाद समिति की बैठक होने के चलते मौके पर भारी पुलिस बल तैनात किया गया था।
रोष प्रदर्शन का नेतृत्व कर रहे अधिवक्ता रजत कल्सन ने बताया कि भाटला सामाजिक बहिष्कार मामले में सुप्रीम कोर्ट की ओर से गठित जांच टीम के सामने भाटला के पीड़ित मीर सिंह को हांसी रेस्ट हाउस में जान से मारने की धमकी दी गई। जांच टीम की ओर से खुद आरोपियों को हांसी थाना शहर की पुलिस के सुपुर्द करने की बावजूद हांसी पुलिस ने दोनों आरोपियों को छोड़ दिया। उन्होंने बताया कि वे 5 जून को केस से संबंधित दस्तावेज सौंपने के लिए जा रहे थे तो भाटला सामाजिक बहिष्कार के आरोपियों ने उन्हें भी जिंदा जलाने की धमकी दी, जिसमें शिकायत देने के बावजूद आज तक पुलिस ने एफआईआर तक दर्ज नहीं की है। उनके घर पर पुलिस की छह गाड़ियों में भरकर हांसी पुलिस के 40 से अधिक पुलिसकर्मियों ने एक झूठे मुकदमे में उन्हें गिरफ्तार करने के लिए छापा मारा था। उनकी पत्नी और बच्चों को हवालात में डालने की धमकी दी। सामाजिक बहिष्कार से संबंधित तथ्यों को फेसबुक पर पोस्ट करने के चलते हरियाणा सरकार ने उनके दोनों फेसबुक अकाउंट भी बैन करवा दिए। भाटला सामाजिक बहिष्कार के पीड़ितों पर सुप्रीम कोर्ट में दायर याचिका को वापस लेने का दबाव बनाया गया। प्रदर्शन को दिल्ली के पूर्व मंत्री संदीप वाल्मीकि, रिपब्लिकन पार्टी ऑफ इंडिया के अध्यक्ष सोनू कुंडली, सीनियर अधिवक्ता रिखीराम, भीम आर्मी के पूर्व अध्यक्ष रोहित गरवा, करनैल सिंह ओढ़ां व सुनीता गोलपुरियां ने संबोधित किया।
प्रदर्शनकारियों ने चेतावनी देते हुए कहा कि अगर ज्ञापन में मांगी गई मांगों पर त्वरित कार्रवाई नहीं हुई तो मुख्यमंत्री निवास कुरुक्षेत्र पर प्रदर्शन किया जाएगा। भूषण कुमार नुनिया, अधिवक्ता प्रवेश महिपाल, अधिवक्ता दीपक सैनीपुरा, विकास भाटला, अजय भाटला सहित अन्य उपस्थित रहे।
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रोष प्रदर्शन का नेतृत्व कर रहे अधिवक्ता रजत कल्सन ने बताया कि भाटला सामाजिक बहिष्कार मामले में सुप्रीम कोर्ट की ओर से गठित जांच टीम के सामने भाटला के पीड़ित मीर सिंह को हांसी रेस्ट हाउस में जान से मारने की धमकी दी गई। जांच टीम की ओर से खुद आरोपियों को हांसी थाना शहर की पुलिस के सुपुर्द करने की बावजूद हांसी पुलिस ने दोनों आरोपियों को छोड़ दिया। उन्होंने बताया कि वे 5 जून को केस से संबंधित दस्तावेज सौंपने के लिए जा रहे थे तो भाटला सामाजिक बहिष्कार के आरोपियों ने उन्हें भी जिंदा जलाने की धमकी दी, जिसमें शिकायत देने के बावजूद आज तक पुलिस ने एफआईआर तक दर्ज नहीं की है। उनके घर पर पुलिस की छह गाड़ियों में भरकर हांसी पुलिस के 40 से अधिक पुलिसकर्मियों ने एक झूठे मुकदमे में उन्हें गिरफ्तार करने के लिए छापा मारा था। उनकी पत्नी और बच्चों को हवालात में डालने की धमकी दी। सामाजिक बहिष्कार से संबंधित तथ्यों को फेसबुक पर पोस्ट करने के चलते हरियाणा सरकार ने उनके दोनों फेसबुक अकाउंट भी बैन करवा दिए। भाटला सामाजिक बहिष्कार के पीड़ितों पर सुप्रीम कोर्ट में दायर याचिका को वापस लेने का दबाव बनाया गया। प्रदर्शन को दिल्ली के पूर्व मंत्री संदीप वाल्मीकि, रिपब्लिकन पार्टी ऑफ इंडिया के अध्यक्ष सोनू कुंडली, सीनियर अधिवक्ता रिखीराम, भीम आर्मी के पूर्व अध्यक्ष रोहित गरवा, करनैल सिंह ओढ़ां व सुनीता गोलपुरियां ने संबोधित किया।
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प्रदर्शनकारियों ने चेतावनी देते हुए कहा कि अगर ज्ञापन में मांगी गई मांगों पर त्वरित कार्रवाई नहीं हुई तो मुख्यमंत्री निवास कुरुक्षेत्र पर प्रदर्शन किया जाएगा। भूषण कुमार नुनिया, अधिवक्ता प्रवेश महिपाल, अधिवक्ता दीपक सैनीपुरा, विकास भाटला, अजय भाटला सहित अन्य उपस्थित रहे।
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