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राष्ट्रीय दलित महिला आंदोलन की टीम पहुंची रावलवास खुर्द
ब्यूरो/अमर उजाला, हिसार
Updated Sat, 25 Oct 2014 11:18 PM IST
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गांव रावलवास खुर्द में हेड टीचर द्वारा अनुसूचित जाति की छात्राओं से टॉयलेट साफ करवाने के फरमान पर मचा बवाल देश की राजधानी में पहुंच गया है।
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राजधानी में भी दलित संगठनों ने इसके विरोध में प्रदर्शन किया और दिल्ली से राष्ट्रीय दलित महिला आंदोलन की टीम शनिवार को गांव पहुंची।
टीम ने गांव में पहुंचकर पीड़ित छात्राओं से पूरे मामले की जानकारी हासिल की। टीम ने जिला प्रशासन से मांग की है कि ऐसी टीचर के खिलाफ कानूनी कार्रवाई करे।
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दलित संगठनों ने हेड टीचर की इस जातीय भेदभाव वाली करतूत की कड़े शब्दों में निंदा की। गांव में पहुंचे संगठनों के इन प्रतिनिधियों ने ग्रामीणों और अनुसूचित जाति की छात्राओं को एकत्रित कर मामले की जानकारी ली।
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ग्रामीण अनिल कुमार ने टीम को बताया कि उनके गांव में यह शर्मसार कर देने वाली घटना हुई है, जिसके स्कूल की हेड टीचर ने अनुसूचित जाति की छात्राओं से यह कहा कि तुम सब फ्री की छात्रवृत्ति लेती हो, जाकर टॉयलेट साफ करो। यह छुआछूत का मामला है।
बोली टीम, हेड टीचर के खिलाफ हो कड़ी कार्रवाई
साहित्यकार रजनी तिलक और सुमेधा बौद्ध ने इस घटना पर कहा कि अब यह मामला केवल गांव तक सीमित नहीं रहा है।
दिल्ली में भी इस घटना को लेकर प्रदर्शन हुआ है और देशभर के दलित संगठन यह चाहते हैं कि इस गांव की जातिवाद और भेदभाव से ग्रस्त हेड टीचर के खिलाफ कड़ी कानूनी कार्रवाई होनी चाहिए।
शिक्षा के मंदिर में इस तरह का कृत्य समाज और कानून विरोधी है और यह घटना हेड टीचर की मानसिकता का परिणाम है।
छात्रा ने यह भी लगाया आरोप
छात्रा किरण ने आरोप लगाया कि सरकारी स्कूल में दलित लड़कियोें का शोषण होता है। जिस कारण पूरे गांव से केवल 90-95 लड़कियां ही इस स्कूल में पढ़ने आती हैं।
छात्रा ने बताया कि बहुत सारी लड़कियां पढ़ाई के लिए आस-पड़ोस के गांव में जाती हैं।
लॉ नेटवर्क करवाएगा निशुल्क कानूनी पैरवी
अधिवक्ता रजत कल्सन ने कहा कि अगर ग्रामीण और अनुसूचित जाति की छात्राएं हेड टीचर के खिलाफ कानूनी कार्रवाई करना चाहती हैं
तो लॉ नेटवर्क उन्हें निशुल्क कानूनी पैरवी उपलब्ध करवाएगा। कल्सन ने कहा कि प्रशासन भी मामले में ढिलाई बरत रहा है।
ये पहुंचे रावलवास
गांव रावलवास में शनिवार को मामले की जानकारी लेने के लिए दिल्ली से राष्ट्रीय दलित महिला आंदोलन की अध्यक्ष और दलित साहित्यकार रजनी तिलक, राष्ट्रीय महासचिव सुमेधा बौद्ध, ह्यूमन राइट लॉ नेटवर्क के हरियाणा कोर्डिनेटर अधिवक्ता रजत कल्सन,
आरपीआई के दिल्ली अध्यक्ष सत्यप्रकाश, नेशनल कंफेडरेशन ऑफ दलित ऑर्गेनाइजेशन के हरियाणा अध्यक्ष सुरेश टाक और लाडी बागड़ी, नलवा बसपा प्रत्याशी प्रदीप अंबेडकर, प्रमुख दलित एक्टिविस्ट बजरंग इंदल और सरदार ताराचंद पहुंचे।
मामले की जांच हो चुकी है। बीईओ और बीईईओ ने जांच रिपोर्ट मुझे सौंप दी है। सोमवार को रिपोर्ट देखी जाएगी। जांच में अगर हेड टीचर दोषी पाई जाएंगी
तो उसके खिलाफ विभागीय कार्रवाई की जाएगी। तबादला करना मेरे हाथ में नहीं है, लेकिन डायरेक्टर को तबादले के लिए लिख दिया जाएगा।
मधु गुप्ता, जिला शिक्षा अधिकारी हिसार।