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पिता की मौत के बाद भी सपना का नहीं टूटा सपना, अब सीनियर नेशनल फुटबाल चैंपियनशिप में दिखाएगी किक का दम
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पूनम रानी। संवाद
- फोटो : Hisar
हिसार। सात साल पहले सड़क हादसे में पिता का साया सिर से उठा तो मंगाली की फुटबालर सपना को गहरा झटका लगा। लेकिन उसने हिम्मत नहीं हारी। मां ने हौसला बढ़ाया तो फिर मैदान में उतरी। अब सपना केरल में 28 नवंबर से 10 दिसंबर को होने वाली सीनियर नेशनल फुटबाल चैंपियनशिप में अपनी किक का दम दिखाएगी। इसके अलावा मंगाली की ही बेटी पूनम रानी का भी इस प्रतियोगिता के लिए चयन हुआ है। फिलहाल दोनों रोहतक कैंप में प्रशिक्षण ले रही है।
दोनों खिलाड़ी मंगाली के गवर्नमेंट गर्ल्स सीनियर सेकेंडरी स्कूल में कोच नरेंद्र के पास फुटबाल का अभ्यास करती है। अब तक नेशनल स्तर पर कई पदक जीत चुकी हैं। वहीं पूनम के पिता ओमप्रकाश मजदूरी करते हैं। नेशनल स्तर पर पदक जीत चुकी सपना और पूनम बताती है कि जब वह स्कूल में पढ़ने जाती थी तो वह स्कूल के मैदान में ही सीनियर खिलाड़ियों को खेलता देखती थी। उसके बाद दोनों ने भी खेल में ही करियर बनाने की ठान ली और अभ्यास करना शुरू कर दिया। हालांकि घर से स्कूल तीन किलोमीटर दूर होने के कारण सपना की माता रामपति ने खेलने से मना कर दिया मगर बेटी सपना ने अभ्यास जारी रखा। दोनों का कहना है कि उन्हें फुटबाल की शुरूआत फिजिकल लेक्चरार सुखविंद्र कौर ने करवाई थी।
दोनों खेल चुकी सात-सात बार नेशनल
सपना और पूनम सात-सात बार नेशनल फुटबाल चैंपियनशिप खेल चुकी है। इनमें से छह बार पदक हासिल किए। सपना अब तक तीन गोल्ड, एक सिल्वर और दो कांस्य पदक जीत चुकी हैं। वहीं पूनम अब तक चार गोल्ड, एक सिल्वर और एक रजत पदक पर कब्जा कर चुकी हैं।
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दोनों खिलाड़ी मंगाली के गवर्नमेंट गर्ल्स सीनियर सेकेंडरी स्कूल में कोच नरेंद्र के पास फुटबाल का अभ्यास करती है। अब तक नेशनल स्तर पर कई पदक जीत चुकी हैं। वहीं पूनम के पिता ओमप्रकाश मजदूरी करते हैं। नेशनल स्तर पर पदक जीत चुकी सपना और पूनम बताती है कि जब वह स्कूल में पढ़ने जाती थी तो वह स्कूल के मैदान में ही सीनियर खिलाड़ियों को खेलता देखती थी। उसके बाद दोनों ने भी खेल में ही करियर बनाने की ठान ली और अभ्यास करना शुरू कर दिया। हालांकि घर से स्कूल तीन किलोमीटर दूर होने के कारण सपना की माता रामपति ने खेलने से मना कर दिया मगर बेटी सपना ने अभ्यास जारी रखा। दोनों का कहना है कि उन्हें फुटबाल की शुरूआत फिजिकल लेक्चरार सुखविंद्र कौर ने करवाई थी।
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दोनों खेल चुकी सात-सात बार नेशनल
सपना और पूनम सात-सात बार नेशनल फुटबाल चैंपियनशिप खेल चुकी है। इनमें से छह बार पदक हासिल किए। सपना अब तक तीन गोल्ड, एक सिल्वर और दो कांस्य पदक जीत चुकी हैं। वहीं पूनम अब तक चार गोल्ड, एक सिल्वर और एक रजत पदक पर कब्जा कर चुकी हैं।

फुटबालर सपना। संवाद- फोटो : Hisar
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