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हरियाणा विस चुनावः अशोक तंवर के बाद संपत सिंह ने छोड़ी कांग्रेस, भाजपा में जाने की संभावना
Mon, 07 Oct 2019 09:33 AM IST
रोहतक ब्यूरो
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, हिसार
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, हिसार
Published by: रोहतक ब्यूरो
Updated Mon, 07 Oct 2019 09:33 AM IST
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संपत सिंह
- फोटो : फाइल फोटो
विधानसभा चुनाव से पहले कांग्रेस को हरियाणा में एक और झटका लगा है। अशोक तंवर के बाद दिग्गज नेता प्रोफेसर संपत सिंह ने भी पार्टी छोड़ने का एलान कर दिया। रविवार शाम को पूर्व वित्त एवं गृह मंत्री ने आजाद नगर में कार्यकर्ताओं के साथ बैठक की। अब सोमवार को ग्रामीण क्षेत्र के भी कार्यकर्ताओं की बैठक बुलाई गई है।
बैठक के बाद प्रो. सिंह पत्रकारों से रूबरू होंगे। प्रेस कांफ्रेंस में ही अपने शिकवों को मीडिया के साथ सांझा करेंगे। कार्यकर्ताओं से बातचीत में प्रो. संपत सिंह ने कहा कि उन्होंने 40 साल से भी ज्यादा समय तक साफ-सुथरी राजनीति की है। पहले इनेलो में रहकर जनता की सेवा की, उसके बाद कांग्रेस में शामिल हुए।
कांग्रेस ने फतेहाबाद से नए बने नलवा हलके में भेज दिया। मगर हलका नया होने के बावजूद उन्होंने कड़ी मेहनत कर कार्यकर्ताओं को संजोया। इन्हीं कार्यकर्ताओं के बल पर कांग्रेस को मजबूती प्रदान की। 2009 में विधायक बनकर हलके के ग्रामीण आंचल के विकास में कोई कसर नहीं छोड़ी। मगर अब कांग्रेस ने ही उनको बेघर कर दिया। उनका टिकट काटकर उनके साथ धोखा किया गया है।
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बैठक के बाद प्रो. सिंह पत्रकारों से रूबरू होंगे। प्रेस कांफ्रेंस में ही अपने शिकवों को मीडिया के साथ सांझा करेंगे। कार्यकर्ताओं से बातचीत में प्रो. संपत सिंह ने कहा कि उन्होंने 40 साल से भी ज्यादा समय तक साफ-सुथरी राजनीति की है। पहले इनेलो में रहकर जनता की सेवा की, उसके बाद कांग्रेस में शामिल हुए।
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कांग्रेस ने फतेहाबाद से नए बने नलवा हलके में भेज दिया। मगर हलका नया होने के बावजूद उन्होंने कड़ी मेहनत कर कार्यकर्ताओं को संजोया। इन्हीं कार्यकर्ताओं के बल पर कांग्रेस को मजबूती प्रदान की। 2009 में विधायक बनकर हलके के ग्रामीण आंचल के विकास में कोई कसर नहीं छोड़ी। मगर अब कांग्रेस ने ही उनको बेघर कर दिया। उनका टिकट काटकर उनके साथ धोखा किया गया है।
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भाजपा में जाने की संभावना, अभी स्पष्ट नहीं किया
यूं तो सोशल मीडिया व अन्य माध्यमों से प्रोफेसर संपत सिंह के भाजपा में जाने की संभावना जताई जा रही है। मगर प्रो. सिंह की तरफ से स्पष्ट नहीं किया गया। सूत्रों की मानें तो दो-तीन दिन में स्थिति स्पष्ट हो जाएगी। पहले प्रो. सिंह लंबे समय से अपने साथ जुड़े कार्यकर्ताओं के साथ बैठक करेंगे। हालांकि कार्यकर्ताओं ने भी कांग्रेस छोड़ने के उनके फैसले को सहमति प्रदान कर दी है।
संपत सिंह ने 1982 में पहली बार जनता पार्टी की टिकट से भट्टूकलां से विधानसभा चुनाव लड़ा था। संपत 1982, 1987, 1991, 1998, 2000 में भी विधानसभा चुनाव लड़े और जीते। 1991 से 196 तक उन्होंने नेता प्रतिपक्ष की भूमिका भी निभाई। 2009 में उन्होंने कांग्रेस की टिकट पर चुनाव जीता।
संपत सिंह ने 1982 में पहली बार जनता पार्टी की टिकट से भट्टूकलां से विधानसभा चुनाव लड़ा था। संपत 1982, 1987, 1991, 1998, 2000 में भी विधानसभा चुनाव लड़े और जीते। 1991 से 196 तक उन्होंने नेता प्रतिपक्ष की भूमिका भी निभाई। 2009 में उन्होंने कांग्रेस की टिकट पर चुनाव जीता।