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बहन की शादी का कर्ज उतारने के लिए अपराध की दुनिया में उतरा सेल्समैन
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हिसार। बरवाला पुलिस द्वारा पकड़े गए रंगदारी मांगने के आरोपी।
- फोटो : Hisar
हिसार। कपड़े की दुकान पर सेल्समैन का काम करने वाला युवक बहन की शादी का कर्ज उतारने के लिए अपराध की दुनिया में उतरा। उसने दोस्त के साथ मिलकर कपड़ा व्यापारी से 10 लाख की रंगदारी मांगी। इसके लिए उसने सोशल मीडिया पर बदमाश नीरज बवाना का वीडियो देखा और साजिश रची। एक बार में रुपये न मिलने पर दोबारा से व्यापारी को फोन पर बवाना गिरोह का बता रुपये मांगे। आरोपी ने एक अन्य दुकानदार से भी दस लाख रुपये की रंगदारी मांगी थी। यह खुलासा बरवाला पुलिस द्वारा पकड़े दो आरोपियों ने किया। रंगदारी मांगने के आरोपी बरवाला के वार्ड-4 निवासी आनंद और नसीब को शुक्रवार अदालत में पेश किया जाएगा।
एप डाउनलोड कर की थी कॉल
डीएसपी कप्तान सिंह ने पत्रकारवार्ता में बताया कि आरोपी आनंद और नसीब दोनों दोस्त हैं। आरोपी आनंद की बहन की शादी वर्ष 2020 में हुई थी। आनंद के परिवार पर छह लाख रुपये का कर्ज था। इसी कर्ज को उतारने के लिए उसने दोस्त संग सोशल मीडिया पर बदमाश नीरज बवाना के कई वीडियो देखे और रंगदारी की साजिश रची। उन्होंने अपने मोबाइल फोन में फर्जी कॉल करने की एक एप डाउनलोड की जिस से कॉल करने पर रिसीवर के पास 11 अंकों का नंबर आता है। 19 जून को आनंद और नसीब ने एप के माध्यम से कपड़ा व्यापारी सुरेंद्र गोयल के मोबाइल पर कॉल की और कहा कि तिहाड़ जेल से नीरज बवाना बोल रहा हूं और 10 लाख रुपये तैयार रखना। इस पर व्यापारी ने कहा कि मैं किसी नीरज बवाना को नहीं जानता। रुपये न मिलने पर 24 जुलाई को आनंद ने एप के जरिये फोन कर सुरेंद्र से फिर 10 लाख रुपये की रंगदारी मांगी और कहा कि आज रुपये नहीं दिए तो जान से मार देंगे। 19 जून और 24 जुलाई को फोन कर गणपति फैशन के संचालक प्रेमचंद गोयल से भी दस लाख की रंगदारी मांगी गई थी। इनके अलावा वार्ड 16 निवासी सुपर रेडिमेट जनरल स्टोर संचालक सुपिंदर से भी नीरज बवाना गिरोह के नाम से 24 जुलाई को 10 लाख रुपये की रंगदारी मांगी थी। इस मामले में पुलिस ने अज्ञात पर केस दर्ज किया था।
डीएसपी ने बताया कि कपड़ा व्यापारी सुरेंद्र गोयल की दुकान के सामने ही कपड़ा व्यापारी मोंटी की दुकान पर आरोपी आनंद काम करता था। उसे 7 हजार रुपये प्रति माह वेतन मिलता था। आनंद कई बार सुुरेंद्र गोयल की दुकान पर भी गया था। आरोपी कपड़ा व्यापारी के पीछे वाली गली में अपने परिवार के साथ रहता है। सुभाष सैनी की एल्यूमिनियम एंड स्टील वर्क्स की दुकान पर आरोपी नसीब काम करता था।
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एप डाउनलोड कर की थी कॉल
डीएसपी कप्तान सिंह ने पत्रकारवार्ता में बताया कि आरोपी आनंद और नसीब दोनों दोस्त हैं। आरोपी आनंद की बहन की शादी वर्ष 2020 में हुई थी। आनंद के परिवार पर छह लाख रुपये का कर्ज था। इसी कर्ज को उतारने के लिए उसने दोस्त संग सोशल मीडिया पर बदमाश नीरज बवाना के कई वीडियो देखे और रंगदारी की साजिश रची। उन्होंने अपने मोबाइल फोन में फर्जी कॉल करने की एक एप डाउनलोड की जिस से कॉल करने पर रिसीवर के पास 11 अंकों का नंबर आता है। 19 जून को आनंद और नसीब ने एप के माध्यम से कपड़ा व्यापारी सुरेंद्र गोयल के मोबाइल पर कॉल की और कहा कि तिहाड़ जेल से नीरज बवाना बोल रहा हूं और 10 लाख रुपये तैयार रखना। इस पर व्यापारी ने कहा कि मैं किसी नीरज बवाना को नहीं जानता। रुपये न मिलने पर 24 जुलाई को आनंद ने एप के जरिये फोन कर सुरेंद्र से फिर 10 लाख रुपये की रंगदारी मांगी और कहा कि आज रुपये नहीं दिए तो जान से मार देंगे। 19 जून और 24 जुलाई को फोन कर गणपति फैशन के संचालक प्रेमचंद गोयल से भी दस लाख की रंगदारी मांगी गई थी। इनके अलावा वार्ड 16 निवासी सुपर रेडिमेट जनरल स्टोर संचालक सुपिंदर से भी नीरज बवाना गिरोह के नाम से 24 जुलाई को 10 लाख रुपये की रंगदारी मांगी थी। इस मामले में पुलिस ने अज्ञात पर केस दर्ज किया था।
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डीएसपी ने बताया कि कपड़ा व्यापारी सुरेंद्र गोयल की दुकान के सामने ही कपड़ा व्यापारी मोंटी की दुकान पर आरोपी आनंद काम करता था। उसे 7 हजार रुपये प्रति माह वेतन मिलता था। आनंद कई बार सुुरेंद्र गोयल की दुकान पर भी गया था। आरोपी कपड़ा व्यापारी के पीछे वाली गली में अपने परिवार के साथ रहता है। सुभाष सैनी की एल्यूमिनियम एंड स्टील वर्क्स की दुकान पर आरोपी नसीब काम करता था।
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