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जिले के सभी प्राइवेट स्कूल आज रहेंगे बंद
ब्यूरो/अमर उजाला, हिसार
Updated Sat, 07 May 2016 12:30 AM IST
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जिले के सभी प्राइवेट स्कूल आज रहेंगे बंद
- फोटो : bureau
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नियम 134 ए के विरोध में शनिवार को जिले के सभी प्राइवेट स्कूल बंद रहेंगे। जिले के करीब 355 स्कूल बंद रखे जाएंगे। यह जानकारी प्राइवेट स्कूल संघ के प्रदेशाध्यक्ष सत्यवान कुंडू ने शुक्रवार को एक निजी होटल में आयोजित पत्रकार वार्ता में दी। उन्होंने कहा कि इस नियम के विरोध में जिले के सभी प्राइवेट स्कूल शनिवार को सांकेतिक तौर पर हड़ताल पर रहेंगे।
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इस अवसर पर उन्होंने कहा कि सरकार सभी प्राइवेट स्कूलों पर नियम 134 ए को जबरन थोप रही है। सरकार इस नियम को खत्म कर आरटीई लागू करे, जिसके तहत 25 प्रतिशत बच्चों को फ्री पढ़ाने का प्रावधान है। या फिर 134 ए के तहत प्राइवेट स्कूलों में पढ़ने वाले गरीब बच्चों के खाते में 2300 रुपये प्रति महीना डालें।
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भाजपा ने नहीं किये वादे पूरे
कुंडू ने कहा है कि भाजपा ने प्राइवेट स्कूलों के साथ चुनावी घोषणा पत्र में किए गए वादों में से अभी तक किसी भी वादे को पूरा नहीं किया है। सरकार हाई कोर्ट के आदेशों के अनुरूप इन बच्चों का खर्च वहन करे। सीबीएसई स्कूल एसोसिएशन से एचके शर्मा ने कहा कि प्राइवेट स्कूल प्रदेश के करीब 60 प्रतिशत बच्चों को अच्छी शिक्षा मुहैया करा रहे हैं।
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गरीबी का पैमाना समझ से परे
हरियाणा रिकॉनाइज्ड स्कूल एसोसिएशन से आरएस सिंधु ने कहा कि आरटीई के तहत बीपीएल होल्डर बच्चों को निशुल्क शिक्षा का प्रावधान है, जबकि नियम 134ए के तहत सरकार ने दो लाख रुपये से कम आय वाले परिवार को गरीब माना है। एक ही प्रदेश में गरीब परिवारों की अलग अलग परिभाषा समझ से परे है।
वहीं नियम 134 ए के तहत दिए गए एडमिशन का पिछले दो वर्षों का भी स्कूलों को अभी तक सरकार की ओर से भुगतान नहीं किया गया है। इस मौके पर हरियाणा यूनाइटिड स्कूल एसोसिएशन से संजय पपनेजा, शशि सहगल, प्रताप वर्मा, सीबीएसई स्कूल एसोसिएशन से जेएस राणा, प्राइवेट स्कूल संघ से बिरेंद्र बामल और अजय खुंडिया सहित अन्य प्राइवेट स्कूल प्रतिनिधि मौजूद थे।
प्राइवेट स्कूलों की ये है मुख्य मांगें
1. नियम 134ए को समाप्त कर आईटीई लागू की जाए या गरीब बच्चों को 2300 रुपये महीना दिया जाए
2. बसों की आयुसीमा को बढ़ाया जाए और बढ़ाई गई परमिट रिन्यूवल फीस को तुरंत वापस लिया जाए
3. स्कूल शिक्षा नियमावली का सरलीरण करके गैर मान्यता प्राप्त स्कूलों को शीघ्र मान्यता दी जाए
4. तीसरी मंजिल के लिए भूमि में 30 प्रतिशत की छूट दी जाए