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रोलर स्केटिंग ट्रैक मिला पर कोच नहीं, माता-पिता बने ‘द्रोणाचार्य’
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महाबीर स्टेडियम में रोलर स्केटिंग ट्रैक पर बच्चों को प्रैक्टिस करवाते अभिभावक। संवाद
- फोटो : Hisar
हिसार। खिलाड़ियों को सुविधा देने के लिए आठ साल पहले महाबीर स्टेडियम में रोलर स्केटिंग ट्रैक का उद्घाटन किया था, लेकिन आज तक यहां कोच की नियुक्ति नहीं हो पाई। सुबह-शाम ट्रैक पर अभ्यास करने वाले खिलाड़ियों को कोच का इंतजार है। वहीं, खिलाड़ियों के माता-पिता खुद गुरु द्रोणाचार्य बन अभ्यास करवाने को मजबूर हैं।
कई बार खिलाड़ियों के अलावा अभिभावक भी खेल अधिकारियों से यहां कोच की नियुक्ति करने की गुहार लगा चुके हैं मगर लंबा समय बीत जाने के बाद भी कोच की नियुक्ति नहीं हो पाई। कोच नहीं होने के कारण जहां एक ओर खिलाड़ियों का अभ्यास लगातार प्रभावित हो रहा है, वहीं ट्रैक पर खिलाड़ियों के चोट लगने का भी डर बना रहता है। अभिभावकों ने कहा कि कोच की नियुक्ति के लिए वे जल्द ही जिला खेल अधिकारी से मिलेंगे।
21 अप्रैल 2013 को किया था उद्घाटन
महाबीर स्टेडियम में 21 अप्रैल 2013 को रोलर स्केटिंग ट्रैक का उद्घाटन किया गया था। इस दौरान खेल विभाग के आला अधिकारियों ने जल्द से जल्द कोच की नियुक्ति करने के दावे किए थे मगर आठ साल बीत जाने के बाद भी कोच नहीं मिला।
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दो साल से रोलर स्केटिंग की प्रैक्टिस कर रहा हूं, लेकिन यहां कोच की सुविधा नहीं है। अभ्यास के समय काफी परेशानी होती है। चोट लगने का डर भी रहता है। - देवांश, खिलाड़ी
खिलाड़ियों के लिए कोच का होना बहुत जरूरी है। जब तक कोच ही नहीं होगा तो खिलाड़ी कैसे पदक ले पाएंगे। हमें खेल की नॉलेज नहीं है, फिर भी यूट्यूब देखकर बच्चों को खुद प्रैक्टिस करवाने आते हैं। - प्रवीण, देवांश के पिता
सरकारी कोच की कोई सुविधा नहीं है। अभ्यास के दौरान बच्चों को परेशानी होती है। गिरकर कभी भी चोटिल हो सकते हैं। जल्द से जल्द कोच की नियुक्ति की जाए। - रविंद्र, खिलाड़ी प्रिंसी के पिता
पूरे हरियाणा में रोलर स्केटिंग के दो-तीन ही कोच हैं। उन सभी कोच की ज्वाइनिंग की हुई है। हिसार में कोच की नियुक्ति करने के लिए एक साल पहले मुख्यालय पत्र भेजा गया था। फिलहाल मैं छुट्टी पर हूं। आने के बाद दोबारा रिमाइंडर भेजा जाएगा। - कृष्ण कुमार बेनीवाल, जिला खेल अधिकारी
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कई बार खिलाड़ियों के अलावा अभिभावक भी खेल अधिकारियों से यहां कोच की नियुक्ति करने की गुहार लगा चुके हैं मगर लंबा समय बीत जाने के बाद भी कोच की नियुक्ति नहीं हो पाई। कोच नहीं होने के कारण जहां एक ओर खिलाड़ियों का अभ्यास लगातार प्रभावित हो रहा है, वहीं ट्रैक पर खिलाड़ियों के चोट लगने का भी डर बना रहता है। अभिभावकों ने कहा कि कोच की नियुक्ति के लिए वे जल्द ही जिला खेल अधिकारी से मिलेंगे।
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21 अप्रैल 2013 को किया था उद्घाटन
महाबीर स्टेडियम में 21 अप्रैल 2013 को रोलर स्केटिंग ट्रैक का उद्घाटन किया गया था। इस दौरान खेल विभाग के आला अधिकारियों ने जल्द से जल्द कोच की नियुक्ति करने के दावे किए थे मगर आठ साल बीत जाने के बाद भी कोच नहीं मिला।
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दो साल से रोलर स्केटिंग की प्रैक्टिस कर रहा हूं, लेकिन यहां कोच की सुविधा नहीं है। अभ्यास के समय काफी परेशानी होती है। चोट लगने का डर भी रहता है। - देवांश, खिलाड़ी
खिलाड़ियों के लिए कोच का होना बहुत जरूरी है। जब तक कोच ही नहीं होगा तो खिलाड़ी कैसे पदक ले पाएंगे। हमें खेल की नॉलेज नहीं है, फिर भी यूट्यूब देखकर बच्चों को खुद प्रैक्टिस करवाने आते हैं। - प्रवीण, देवांश के पिता
सरकारी कोच की कोई सुविधा नहीं है। अभ्यास के दौरान बच्चों को परेशानी होती है। गिरकर कभी भी चोटिल हो सकते हैं। जल्द से जल्द कोच की नियुक्ति की जाए। - रविंद्र, खिलाड़ी प्रिंसी के पिता
पूरे हरियाणा में रोलर स्केटिंग के दो-तीन ही कोच हैं। उन सभी कोच की ज्वाइनिंग की हुई है। हिसार में कोच की नियुक्ति करने के लिए एक साल पहले मुख्यालय पत्र भेजा गया था। फिलहाल मैं छुट्टी पर हूं। आने के बाद दोबारा रिमाइंडर भेजा जाएगा। - कृष्ण कुमार बेनीवाल, जिला खेल अधिकारी