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नई पॉलिसी के तहत आई निजी बस ने सवारी भरी तो रोडवेज कर्मचारियों ने किया चक्का जाम
अमर उजाला ब्यूरो/हिसार
Updated Fri, 12 May 2017 01:05 AM IST
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रोडवेज
- फोटो : अमर उजाला
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निजी बस ने वीरवार की सुबह बस अड्डे से सवारियां भरीं तो हरियाणा रोडवेज वर्कर्स ज्वाइंट एक्शन कमेटी ने चक्का जाम कर दिया। रोडवेज की बसों के पहिए थम गए। मौके पर पहुंचे तहसीलदार ने यूनियन पदाधिकारियों को भरोसा दिलाने के बाद बसों को दोबारा शुरू करा दिया।
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वीरवार सुबह लगभग 6 बजे काउंटर नंबर एक से नई पॉलिसी के तहत आई निजी बस ने सवारियां भरीं। कुछ देर बाद ही यूनियन के पदाधिकारियों को पता लग गया कि निजी बस ने सवारियां भरी हैं। जिसके बाद यूनियन पदाधिकारी बस अड्डे पर एकत्र हो गए। यह निजी बस दोबारा 9.38 बजे फिर उसी काउंटर से सवारियां उठाने आई।
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यूनियन पदाधिकारियों ने निजी बस मालिकों का समझाया गया कि 16 मई को विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव की यूनियनों से बातचीत होनी है। उस दिन हाईकोर्ट में ट्रांसपोर्ट पॉलिसी को लेकर मीटिंग भी होनी है। तब तक बस न चलाएं। निजी बस संचालक जल्दबाजी करने की बजाय बैठक के दिन का इंतजार करें। निजी बस संचालक बस चलाने को लेकर अड़ गए तो यूनियन पदाधिकारियों ने हड़ताल का एलान कर दिया। रोडवेज की सातों यूनियनों के पदाधिकारी व कर्मचारी एकत्रित होकर नारेबाजी करने लगे। चक्का जाम होने की जानकारी मिलने के बाद तहसीलदार, डीएसपी ने निजी बस संचालकों को समझाया। निजी बसों को अड्डे से बाहर भेज दिया गया। 16 मई तक बसें न चलाने देने का भरोसा भी अधिकारियों ने दिलाया। जिसके बाद रोडवेज कर्मचारियों ने चक्का जाम खोल दिया।
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16 को हो जाएगा फैसला
रोडवेज यूनियन नेता दलबीर किरमारा तथा रमेश सैनी ने कहा कि सरकार की दोगली नीति कर्मचारियों को आंदोलन के लिए उकसा रही है। मंत्री ने यूनियनों से 13 अप्रैल को समझौता किया था कि सरकार प्राइवेट परिवहन नीति वापिस लेने की शपथ पत्र हाईकोर्ट में देगी। शपथ पत्र संशोधन का दे दिया। यूनियन ने फिर आंदोलन का अल्टीमेटम दिया तो फिर से बातचीत का निमंत्रण दे दिया गया। फिलहाल 16 मई को हाईकोर्ट में सुनवाई होनी है। इसी दिन परिवहन विभाग के अतिरिक्त प्रधान सचिव एसएस ढिल्लो के साथ सभी सात यूनियनों के पदाधिकारियों की मीटिंग भी होनी है।
यह रहे मौजूद
इस मौके पर दलबीर किरमारा, रमेश सैनी, सरबत सिंह पूनिया, रामसिंह बिश्नोई, राजपाल नैन, सतपाल डाबला, रमेश माल, बहादुर संडवा, जयभगवान बड़ाला, कुलदीप पाबड़ा, धर्मपाल बूरा, सुभाष किरमारा, सुभाष ढिल्लो, कीमत ढांडा, रमेश श्योकंद, दर्शन जांगड़ा सहित अन्य नेता व कर्मचारी भी उपस्थित रहे।
यात्रियों को सहनी पड़ी दिक्कतें
रोडवेज कर्मचारियों के चक्का जाम करने के सुबह करीब एक घंटे तक यात्रियों को दिक्कतें सहनी पड़ी। महिलाओं और बच्चों को बस अड्डे के अंदर ही इंतजार करना पड़ा। कुछ लोग निजी वाहनों के जरिए अपने गंतव्य की ओर निकले। सुरक्षा के लिहाज से बस अड्डा परिसर के पास पुलिस बल भी भेजा गया।